Ghaziabad news केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) देश में आपदा प्रबंधन और जनसुरक्षा के क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा कि भविष्य में प्रयास है कि आपदाओं से होने वाली जनहानि को शून्य के स्तर तक लाया जाए।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने वीरवार को कमला नेहरू नगर स्थित 8वीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के भव्य अलंकरण समारोह में उक्त विचार व्यक्त किए। उन्होंने समारोह मे ंएनडीआरएफ को प्रतिष्ठित राष्ट्रपति निशान प्रदान किया गया, जिसे किसी भी बल को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान माना जाता है।
केंद्रीय गृह मंत्री ने परेड की सलामी लेकर परिसर में पौधरोपण कर कर्तव्य पालन के दौरान शहीद हुए रेस्क्यूअर्स को श्रद्धांजलि अर्पित की।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि राष्ट्रपति निशान केवल एनडीआरएफ की उपलब्धियों का सम्मान नहीं है, बल्कि आपदा प्रबंधन से जुड़े पूरे तंत्र—एसडीआरएफ, पंचायत स्तर की व्यवस्थाएं, एनसीसी, एनएसएस और हजारों आपदा मित्र स्वयंसेवकों के सामूहिक समर्पण की राष्ट्रीय मान्यता है।
उन्होंने कहा कि जब भी देश में किसी आपदा की आशंका होती है और एनडीआरएफ के जवान वर्दी में मौके पर पहुंचते हैं, तब पीड़ित लोगों के मन में विश्वास जागता है कि अब उनकी जान सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि मात्र बीस वर्षों में एनडीआरएफ ने अपने आदर्श वाक्य आपदा सेवा सदैव सर्वत्र को चरितार्थ करते हुए देश के 140 करोड़ नागरिकों का विश्वास जीता है।
एनडीआरएफ ने 12 हजार चुनौतीपूर्ण अभियानों में 1.5 लाख जीवन बचाएं
गृह मंत्री ने बताया कि वर्ष 2006 में स्थापना के बाद से एनडीआरएफ ने लगभग 12 हजार चुनौतीपूर्ण अभियानों का सफल संचालन किया है, जिसमें 1.5 लाख से अधिक लोगों को जीवित बचाया गया और नौ लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जापान, नेपाल, तुर्किये, म्यांमार और श्रीलंका जैसे देशों में राहत अभियानों के माध्यम से एनडीआरएफ ने भारत की मानवीय सहायता क्षमता को वैश्विक पहचान दिलाई है। गृह मंत्री ने समारोह में देहरादून स्थित एनडीआरएफ रीजनल रिस्पॉन्स सेंटर का वर्चुअल उद्घाटन किया, जबकि अगरतला, एनार्कुलम, नूरपुर, लखनऊ, गंगटोक और गांधीनगर में स्थापित होने वाले छह नए रीजनल रिस्पॉन्स सेंटर का शिलान्यास भी किया।
एनडीआरएफ आधुनिक तकनीक व सामुदायिक जागरूकता को दे रही प्राथमिकता
एनडीआरएफ के महानिदेशक पियूष आनंद ने कहा कि एनडीआरएफ लगातार आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और सामुदायिक जागरूकता को प्राथमिकता दे रहा है।
उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2025 में अकेले एनडीआरएफ ने 1,400 से अधिक अभियानों का संचालन किया, जो किसी एक वर्ष में अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है।
अलंकरण समारोह में उत्कृष्ट सेवा देने वाले दस अधिकारियों को विशिष्ट एवं सराहनीय सेवा पुलिस पदक तथा तीन रेस्क्यूअर्स को उत्तम जीवन रक्षा पदक प्रदान किए गए।
राष्ट्रपति निशान अनुशासन, साहस, त्याग की सर्वोच्च पहचान
गृह मंत्री अमित शाह ने कर्तव्य पालन के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले एनडीआरएफ के 17 वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि राष्ट्र हमेशा उनके त्याग का ऋणी रहेगा।
उन्होंने बल के सभी अधिकारियों और जवानों को बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रपति निशान अनुशासन, साहस, त्याग और राष्ट्र सेवा की सर्वोच्च पहचान है।




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