महाराष्ट्र के नागपुर से एक अत्यंत संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें भारतीय वायुसेना (IAF) के एक अधिकारी की पत्नी ने अपने पूर्व सहपाठी पर दुष्कर्म, ब्लैकमेल, जबरन वसूली और धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें पीड़िता अपने हाथ थामे खड़े आरोपी से छूटने की गुहार लगाती नज़र आ रही है, जबकि आरोपी धार्मिक मंत्रों का उच्चारण करता दिखता है। इस मामले ने पूरे देश में हलचल मचा दी है।
कैसे शुरू हुई यह दास्तान — फरवरी 2025 में बिछाया गया जाल
पुलिस के अनुसार, पीड़िता एक 24 वर्षीय विवाहित महिला है जो संपत्ति व्यवसाय से जुड़ी है। उसके पति वायुसेना में कार्यरत हैं और नागपुर से बाहर तैनात हैं। इसी का फायदा उठाते हुए मुख्य आरोपी अय्याज़ ताज मदारे (26 वर्ष) ने, जो पीड़िता का पूर्व सहपाठी था, फरवरी 2025 में जमीन के एक सौदे में मदद करने के बहाने महिला से दोबारा संपर्क किया और उसे वर्धा रोड स्थित एक होटल में चर्चा के लिए बुलाया। वहाँ उसने पीड़िता के पेय में नशीला पदार्थ मिला दिया। इसके बाद जो हुआ वह अत्यंत क्रूर था महिला के बेहोश होने पर आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और पूरी घटना को वीडियो में रिकॉर्ड कर लिया, जिसे बाद में उसे ब्लैकमेल करने और यौन शोषण जारी रखने के लिए हथियार की तरह इस्तेमाल किया।
ब्लैकमेल और वसूली का सिलसिला
पुलिस के मुताबिक, आरोपी अय्याज़ ने उस वीडियो और तस्वीरों को प्रसारित करने की धमकी देकर पीड़िता से 3.09 लाख रुपये की वसूली की। पीड़िता लगातार दबाव और भय में जीती रही और किसी को कुछ बता नहीं सकी, क्योंकि उसके पति बाहर तैनात थे और आरोपी ने उसे सामाजिक बदनामी का डर दिखाकर चुप रखा।
31 मई को कालमेश्वर में हुई जबरन धर्मांतरण की कोशिश
पीड़िता के पति ने आरोप लगाया कि 31 मई को उसे कालमेश्वर ले जाया गया, जहाँ दूसरे आरोपी अमीन शेख (30 वर्ष) और एक मौलाना हज़रत से मुलाकात कराई गई। वहाँ उसे हलाल तरल पदार्थ पिलाया गया, इस्लामी मंत्र पढ़वाए गए और मौलाना द्वारा धर्मांतरण कराया गया। इतना ही नहीं, अय्याज़ के साथ ‘निकाह’ की रस्म भी कराई गई। इस पूरी प्रक्रिया में महिला को जबरन सब कुछ करने के लिए मजबूर किया गया।
वायरल वीडियो ने खोला राज़
इस मामले का एक परेशान करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से वायरल हो गया है, जिसमें पीड़िता महिला आरोपी से अपने हाथ छुड़ाने की गुहार लगाती दिख रही है, जबकि आरोपी उसके हाथ पकड़कर धार्मिक मंत्रों का जाप कर रहा है। यह वीडियो पुलिस जाँच में एक महत्वपूर्ण सबूत बन गया है।
पति के लौटने पर हुई शिकायत — पुलिस ने किया त्वरित एक्शन
लंबे समय तक यातना और डर को झेलती रही पीड़िता ने अंततः अपने पति के नागपुर वापस लौटने पर उन्हें सब कुछ बताया। दंपति ने सोनेगाँव थाने में 14 जून को औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत दर्ज होते ही पुलिस ने तेज़ी से कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी अय्याज़ ताज मदारे (26) और अमीन शेख (30) को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहाँ उन्हें पाँच दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा गया।
तीसरा आरोपी मध्यप्रदेश से फरार — तलाश जारी
तीसरे आरोपी हज़रत मौलाना, जो मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के तमिया गाँव के निवासी हैं, अभी तक फरार हैं। पुलिस ने उन्हें पकड़ने के लिए विशेष टीमें गठित की हैं और संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है।
कौन-कौन सी धाराएँ लगाई गईं
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म, जबरन वसूली, धार्मिक धर्मांतरण के लिए जबरदस्ती, आपराधिक धमकी और महाराष्ट्र मानव बलि एवं अन्य अमानवीय, दुष्ट एवं अघोरी प्रथाओं तथा काला जादू निषेध अधिनियम के तहत प्रावधानों सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है।
जाँच जारी, डिजिटल साक्ष्य खंगाले जा रहे
पुलिस ने बताया कि जाँच इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, वायरल वीडियो और पीड़िता के बयान के आधार पर आगे बढ़ रही है। जाँचकर्ता डिजिटल साक्ष्यों की जाँच कर रहे हैं, गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और नए सुराग खोजे जा रहे हैं। आने वाले दिनों में मामले में और नई जानकारियाँ सामने आने की उम्मीद है।
राष्ट्रीय स्तर पर हलचल, मानवाधिकार संगठन भी सक्रिय
इस मामले ने सहमति के अधिकार और जबरदस्ती धार्मिक प्रथाओं के इर्द-गिर्द महत्वपूर्ण सवाल खड़े किए हैं और विभिन्न मानवाधिकार संगठनों का ध्यान आकर्षित किया है। सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर जबरदस्त प्रतिक्रिया देखी जा रही है और लोग निष्पक्ष एवं कठोर जाँच की माँग कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि पीड़िता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मामले की गहन जाँच जारी है। फरार आरोपी हज़रत मौलाना की जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है।

