Noida worker’s death: नोएडा। सेक्टर 117 स्थित सोरखा गांव में शनिवार (15 अगस्त 2026) शाम निर्माणाधीन मकान पर काम करते समय बिजली के करंट की चपेट में आने से एक युवा मजदूर की मौत हो गई, जबकि उसे बचाने पहुंचे राजमिस्त्री गंभीर रूप से झुलस गए। मृतक के परिवार की शिकायत पर थाना सेक्टर 113 पुलिस ने मकान मालिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। आरोप है कि मकान में गलत और असुरक्षित वायरिंग के बावजूद मजदूरों को काम पर लगा दिया गया था।
पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार घटना खेमचंद जाटव के दो मंजिला मकान की दूसरी मंजिल पर हुई। निचली मंजिल पर परिवार रहता है, जबकि ऊपरी मंजिल पर प्लास्टर और चिनाई का काम चल रहा था। शाहजहांपुर जिले के निवासी 21 वर्षीय सोबरन मजदूरी कर रहे थे। उनके साथ राजमिस्त्री विजयकांत भी काम कर रहे थे। दूसरी मंजिल पर पर्याप्त रोशनी न होने के कारण तारों से अस्थायी होल्डर लगाकर बल्ब जलाया गया था।
शाम करीब पांच बजे जब सोबरन बल्ब टांग रहे थे, तभी उनका पैर भीगे बिजली के तार पर पड़ गया। तार के संपर्क में आते ही उन्हें तेज करंट लगा और वे छटपटाने लगे। उन्हें बचाने के लिए आगे बढ़े विजयकांत भी करंट की चपेट में आ गए। मौके पर मौजूद मकान मालिक के परिवार के लोगों ने दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने सोबरन को मृत घोषित कर दिया। विजयकांत की हालत गंभीर बताई गई थी। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद आगे के इलाज के लिए रेफर किया गया। पुलिस के आधिकारिक बयान के अनुसार विजयकांत को प्राथमिक उपचार के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है, जबकि कुछ रिपोर्टों में सफदरजंग अस्पताल में इलाज का जिक्र भी है।
पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्ध नगर के आधिकारिक बयान में कहा गया है कि 15 अगस्त को थाना सेक्टर 113 क्षेत्र के ग्राम सोरखा में शाहजहांपुर निवासी दो मजदूर चिनाई का काम कर रहे थे। काम के दौरान सोबरन और विजयकांत को करंट लगा, जिससे सोबरन की मौत हो गई। परिवार की तहरीर के आधार पर थाना सेक्टर 113 पर अभियोग पंजीकृत कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
मृतक सोबरन घर के अकेले कमाने वाले थे। उनके पिता नहीं हैं। मां और पत्नी के साथ वे रहते थे। पुलिस ने परिवार को घटना की सूचना दी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। रविवार को अंतिम संस्कार किए जाने की संभावना थी। यह घटना निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी की ओर फिर इशारा करती है। अस्थायी वायरिंग, गीले तार और पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के अभाव में ऐसे हादसे बार-बार हो रहे हैं। पुलिस जांच में मकान में गलत वायरिंग और सुरक्षा इंतजाम न करने की लापरवाही सामने आने पर मकान मालिक के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
एनसीआर में निर्माण कार्यों के दौरान करंट से मौत के कई मामले पिछले वर्षों में सामने आ चुके हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि निर्माण स्थल पर खुले या कटे तारों को दूर रखा जाए, गीले स्थान पर बिजली उपकरण का इस्तेमाल न किया जाए, अस्थायी कनेक्शन में इंसुलेटेड तारों का प्रयोग हो तथा मजदूरों को रबर के जूते-दस्ताने जैसे सुरक्षा उपकरण मुहैया कराए जाएं। करंट लगने पर पीड़ित को सीधे छूने के बजाय पहले सप्लाई बंद कर सुरक्षित तरीके से मदद की जाए। पुलिस ने आगे जांच जारी रखी है। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।

