त्विशा शर्मा मौत मामला: छत की पहली तस्वीर आई सामने, पति समर्थ सिंह गिरफ़्तार, AIIMS दिल्ली करेगी दूसरा पोस्टमार्टम

10 दिन फ़रार रहने के बाद कोर्ट में हुए पेश, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश के बाद जांच तेज़

त्विशा शर्मा मौत मामला: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में हुई त्विशा शर्मा की रहस्यमयी मौत का मामला हर गुज़रते दिन के साथ और पेचीदा होता जा रहा है। इस चर्चित मामले में अब त्विशा के ससुराल की उस छत की पहली तस्वीरें सामने आई हैं, जहाँ उन्हें मृत पाया गया था। साथ ही, 10 दिनों तक फ़रार रहने के बाद शुक्रवार शाम त्विशा के पति समर्थ सिंह को गिरफ़्तार कर लिया गया।

क्या है पूरा मामला?

त्विशा शर्मा को 12 मई को भोपाल स्थित उनके ससुराल में मृत पाया गया था। तब से यह मामला गहन जांच के दायरे में है। त्विशा के परिवार ने दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया है और जांच के तरीके पर भी बार-बार सवाल उठाए हैं।

पति समर्थ सिंह की गिरफ़्तारी

पत्नी की मौत के बाद से 10 दिनों तक फ़रार रहे समर्थ सिंह को शुक्रवार को उस वक्त हिरासत में लिया गया, जब वे मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित जिला अदालत में आत्मसमर्पण के लिए पहुँचे। इससे पहले समर्थ के वकील मृगेंद्र सिंह ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को सूचित किया था कि वे अग्रिम जमानत याचिका वापस ले लेंगे और कोर्ट के समक्ष समर्पण करेंगे। इस गिरफ़्तारी ने 10 दिनों की उस खोज को खत्म किया जिसके दौरान मध्य प्रदेश पुलिस को कमज़ोर और विलंबित जांच के लिए व्यापक आलोचना का सामना करना पड़ा था।

हाईकोर्ट ने दिया दूसरे पोस्टमार्टम का आदेश

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने त्विशा के शरीर का दूसरा पोस्टमार्टम कराने का आदेश दिया है, जो दिल्ली के AIIMS के डॉक्टरों की एक विशेषज्ञ टीम द्वारा भोपाल में ही किया जाएगा। डॉक्टरों को भोपाल लाने के लिए विशेष उड़ान की व्यवस्था की जाएगी। त्विशा के परिवार ने पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई विसंगतियों की ओर ध्यान दिलाया था जिसमें त्विशा की दर्ज ऊँचाई में अंतर और कथित रूप से चोट के विवरण को छोड़ दिया जाना शामिल है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जाएगी।

सास गिरिबाला सिंह पर भी सवाल

जांचकर्ताओं के अनुसार, त्विशा और उनके माता-पिता के बीच हुई व्हाट्सऐप बातचीत में समर्थ सिंह और उनकी माँ दोनों के विरुद्ध ‘स्पष्ट आरोप’ मौजूद हैं। पुलिस का यह भी आरोप है कि गिरिबाला सिंह ने जांच को प्रभावित करने और सबूतों से छेड़छाड़ करने की कोशिश की। समर्थ की माँ और रिटायर्ड जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह, जो भोपाल कंज्यूमर कोर्ट की अध्यक्ष भी हैं, को पिछले सप्ताह अग्रिम जमानत मिली थी।  हाईकोर्ट ने अब गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग करने वाली याचिकाओं पर उन्हें नोटिस जारी किया है।

पहले पोस्टमार्टम पर भी उठे थे सवाल

यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि जिस बेल्ट को कथित रूप से फाँसी के लिए इस्तेमाल किया गया, उसे पहले पोस्टमार्टम के दौरान फोरेंसिक जांच के लिए क्यों नहीं भेजा गया। यह भी आरोप है कि त्विशा की मौत के बाद कई प्रभावशाली लोगों से संपर्क किया गया।

आगे क्या?

यह मामला अब न केवल एक पारिवारिक विवाद, बल्कि व्यवस्था और प्रभावशाली लोगों द्वारा न्याय प्रक्रिया को प्रभावित किए जाने के सवाल के रूप में सामने आ रहा है। AIIMS की टीम द्वारा दूसरा पोस्टमार्टम इस मामले में एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है। पुलिस, कोर्ट और जनता की नज़र अब इस रिपोर्ट पर टिकी है।

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