राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) पर एक बार फिर पेपर लीक का आरोप लगने और NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने NTA को कड़ी फटकार लगाई है। न्यायाधीशों ने कहा, “सद, वे अभी तक अपनी गलतियों से सबक नहीं सीखे हैं।” यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब देश भर के लाखों मेडिकल aspirants एक बार फिर अनिश्चितता और मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई को देश भर में आयोजित की गई थी, जिसमें करीब 22.7 लाख छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। कुछ दिनों बाद राजस्थान के सीकर समेत कई जगहों पर ‘गेस पेपर’ वायरल हुए, जिनमें 100 से अधिक प्रश्न असली पेपर से मैच कर गए। इस बड़े घोटाले के बाद NTA को परीक्षा रद्द करनी पड़ी और 21 जून को री-एग्जाम का ऐलान किया गया।
CBI की जांच और गिरफ्तारियां
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मामले की जांच अपने हाथ में ली है। अब तक 9 से 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें NTA से जुड़े विशेषज्ञ भी शामिल हैं। पुणे की बॉटनी टीचर मनीषा गुरुनाथ मांढरे, रिटायर्ड लेक्चरर पी.वी. कुलकर्णी और अन्य आरोपी पेपर लीक रैकेट में शामिल पाए गए। जांच में सामने आया कि लीक हुई सामग्री व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप्स के जरिए लाखों रुपये में बेची गई। यह दूसरी बार नहीं है जब NEET परीक्षा विवादों में घिरी है। 2024 में भी पेपर लीक और ग्रेस मार्क्स को लेकर बड़े आंदोलन हुए थे, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने NTA को सुधार के निर्देश दिए थे। राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों में OMR से CBT (कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट) में शिफ्ट करने, बेहतर सुरक्षा और डिसेंट्रलाइज्ड डिस्ट्रीब्यूशन की बात कही गई थी, लेकिन 2026 में भी इन्हें पूरी तरह लागू नहीं किया गया।
डॉक्टर्स संगठनों की SC में याचिका
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) और यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट(UDF) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर NTA को भंग करने और संसद द्वारा बनाए गए वैधानिक निकाय के रूप में नई एजेंसी गठित करने की मांग की है। याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट की निगरानी में दोबारा परीक्षा और स्वतंत्र सत्यनिष्ठा आयोग की भी मांग की है।सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी विपक्ष ने इस्तीफे की मांग की है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों का भविष्य बार-बार दांव पर लगाया जा रहा है।
छात्रों पर असर
देश भर में छात्रों और उनके अभिभावकों में गुस्सा है। दिल्ली, हैदराबाद, जयपुर समेत कई शहरों में NSUI और छात्र संगठनों के प्रदर्शन हो रहे हैं। एक aspirant ने कहा, “हम महीनों की तैयारी को बर्बाद होते देख रहे हैं। हर साल यही होता है।” री-एग्जाम 21 जून को OMR फॉर्मेट में ही होगा, जबकि CBT में शिफ्ट 2027 के लिए टाल दिया गया है।
विशेषज्ञों की राय
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि NTA की मौजूदा संरचना (Societies Registration Act के तहत) में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी है। उन्हें statutory status देकर संसद के प्रति जवाबदेह बनाना चाहिए। पेपर सेटिंग, प्रिंटिंग, ट्रांसपोर्ट और स्टोरेज में टेक्नोलॉजी (ब्लॉकचेन, AI मॉनिटरिंग) का इस्तेमाल बढ़ाने की जरूरत है। NEET-UG 2026 पेपर लीक न केवल परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है, बल्कि लाखों मेधावी छात्रों के सपनों को चूर कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी के बाद अब केंद्र सरकार और NTA पर दबाव बढ़ गया है कि वे ठोस सुधार लागू करें, वरना छात्रों का भरोसा हमेशा के लिए टूट सकता है।

