‘सैलरी संग्राम’ पर संग्राम जारी: शिव नादर यूनिवर्सिटी तक पहुंची वेतन आंदोलन की लहर, सैकड़ों कर्मचारी धरने पर नोएडा-ग्रेटर नोएडा में जारी है ‘सैलरी संग्राम’

‘सैलरी संग्राम’ पर संग्राम जारी: नोएडा और ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से धधक रही वेतन वृद्धि की आग अब निजी कंपनियों और सोसायटियों की चारदीवारी से निकलकर शिक्षा जगत तक जा पहुंची है। दादरी थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित प्रतिष्ठित शिव नादर यूनिवर्सिटी के कर्मचारी अब वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए हैं, जहां भारी पुलिसबल तैनात किया गया है।

क्या है मामला?

उत्तर प्रदेश के नोएडा और ग्रेटर नोएडा में श्रमिकों का आक्रोश चरम पर है। वेतन वृद्धि की मांग को लेकर जारी प्रदर्शन अब बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है, जिसमें हजारों कर्मचारी सड़कों पर उतर आए हैं। ग्रेटर नोएडा के इकोटेक क्षेत्र की फैक्ट्रियों से शुरू हुआ यह आंदोलन धीरे-धीरे कई बड़ी कंपनियों तक फैल गया। और अब यह लहर शिव नादर जैसी नामचीन यूनिवर्सिटी तक पहुंच गई है।

कर्मचारियों की मांगें

प्रदर्शन में शामिल कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें न्यूनतम वेतन भी ठीक से नहीं मिल रहा। महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन तनख्वाह बेहद कम है। कर्मचारियों की मांग है कि उन्हें कम से कम 20 हजार रुपये मासिक वेतन मिले। साथ ही ओवरटाइम का भुगतान नहीं किया जाता और 8 घंटे की जगह 10 घंटे काम कराया जाता है। शिव नादर यूनिवर्सिटी के कर्मचारी भी सैलरी व ओवरटाइम बढ़ाने की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं और पुलिस अधिकारी उनसे लगातार बातचीत कर रहे हैं।

हिंसा और आगजनी

सोमवार, 13 अप्रैल 2026 को नोएडा के फेज-2 और सेक्टर-60 क्षेत्रों में हजारों फैक्ट्री श्रमिकों ने सड़कों पर उतरकर भारी विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि, कुछ स्थानों पर प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया, जिसमें पथराव और आगजनी की खबरें भी सामने आईं और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। एक महिला श्रमिक गोलीबारी में घायल भी हो गई, जिसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।

सरकार की कार्रवाई

नोएडा और ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिक असंतोष के बाद यूपी सरकार ने त्वरित कदम उठाते हुए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया और उसकी सिफारिशों के आधार पर न्यूनतम मजदूरी दरों में बढ़ोतरी की घोषणा की। नए आदेश 1 अप्रैल 2026 से लागू माने जाएंगे।

गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में अकुशल श्रमिकों की मजदूरी ₹11,313 से बढ़ाकर ₹13,690, अर्धकुशल श्रमिकों की ₹12,445 से बढ़ाकर ₹15,059 और कुशल श्रमिकों की ₹13,940 से बढ़ाकर ₹16,868 कर दी गई है।

400 से अधिक गिरफ्तार

प्रशासन ने मजदूर प्रदर्शन की जांच तेज कर दी है और हिंसा की साजिश में कई अहम सुराग मिले हैं। पुलिस लगातार उपद्रवियों की पहचान में जुटी है। अब तक 400 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स को भी चिह्नित किया गया है जिन्होंने हिंसा भड़काने के लिए पोस्ट शेयर किए थे और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। पुलिस और प्रशासन शांति बहाल करने में जुटे हैं, लेकिन शिव नादर यूनिवर्सिटी तक पहुंचे इस आंदोलन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वेतन असंतोष की यह लहर अब केवल कारखानों तक सीमित नहीं रही।​​​​​​​​​​​​​​​​

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