‘पेड्डी’ ने बदल दिया राम चरण को, एक्टर ने बताया कैसे यह भूमिका उनकी ज़िंदगी की सबसे कठिन और सबसे ख़ास साबित हुई

कुश्ती के सीन में हाथ की कार्टिलेज फटी, आँख में चोट लगी, फिर भी सेट नहीं छोड़ा; 4 जून को रिलीज़ होगी फ़िल्म

तेलुगु सिनेमा के ‘मेगा पावर स्टार’ राम चरण इन दिनों अपनी बहुप्रतीक्षित फ़िल्म पेड्डी के प्रचार में पूरे देश में घूम रहे हैं लेकिन उनके दाहिने हाथ पर बंधी पट्टी और सपोर्ट ब्रेस बता रहा है कि यह सफ़र उनके लिए कितना दर्दनाक रहा है। मीडिया को दिए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में राम चरण ने खुलासा किया कि ‘पेड्डी’ सिर्फ़ एक फ़िल्म नहीं, बल्कि एक ऐसा किरदार है जिसने उन्हें एक अभिनेता के रूप में और एक इंसान के रूप में पूरी तरह बदल दिया।

उन लोगों की आवाज़ बनना था मकसद

राम चरण ने कहा कि ‘पेड्डी’ ने उन्हें उन लोगों की नुमाइंदगी करने का मौक़ा दिया जिन्हें न आवाज़ मिली है, न पहचान। फ़िल्म में राम चरण का किरदार एक ऐसे ग्रामीण खिलाड़ी का है जो क्रिकेट, कुश्ती और दौड़ तीनों खेलों में माहिर है और रोज़ी-रोटी के लिए खेलता है। फ़िल्म की पृष्ठभूमि 1980 के दशक के ग्रामीण आंध्र प्रदेश में है, जहाँ एक जोशीला नौजवान अपने समुदाय को एकजुट कर एक ताकतवर दुश्मन का सामना करता है। अभिनेता ने कहा कि यह भूमिका उनके करियर की सबसे कठिन थी, लेकिन साथ ही सबसे संतोषजनक भी। उन्होंने स्वीकार किया कि इस रोल के लिए जिस तरह की तैयारी पूरी टीम ने की, वह अभूतपूर्व था, दो साल से ज़्यादा के अंतराल के बाद वे ‘पेड्डी’ लेकर लौटे हैं,  “बड़े, मज़बूत और ज़्यादा आत्मविश्वासी” होकर। 

कुश्ती के सेट पर टूट गई हाथ की कार्टिलेज

फ़िल्म की शूटिंग के दौरान राम चरण को गंभीर चोट का सामना करना पड़ा। मुंबई ट्रेलर लॉन्च इवेंट में राम चरण ने बताया कि हैदराबाद में कुश्ती के सीन की शूटिंग के दौरान असली पहलवानों को लगाया गया था, क्योंकि निर्देशक बुची बाबू साना प्रामाणिकता चाहते थे। उनकी पकड़ इतनी मज़बूत थी कि राम चरण के हाथ की कार्टिलेज फट गई। अभिनेता ने मुस्कुराते हुए कहा “यही इस रोल की मीठी यादगार है जो यह भूमिका मेरे लिए छोड़ गई।” यही नहीं, कुश्ती के दृश्यों की शूटिंग के दौरान उनकी आँख में भी चोट लगी। डॉक्टरों ने साफ़ कह दिया था कि हाथ की सर्जरी अगर और टाली गई तो जटिलताएँ बढ़ेंगी और ऑपरेशन के बाद कम से कम दो महीने का पूरा आराम ज़रूरी होगा। इसके बावजूद राम चरण ने फ़िल्म की शूटिंग बीच में नहीं छोड़ी। राम चरण का फ़िल्म को अपनी सेहत से ऊपर रखने का यह फ़ैसला सोशल मीडिया पर ख़ूब सराहा जा रहा है। प्रशंसक उन्हें महज़ एक सुपरस्टार नहीं, बल्कि एक सच्चे ‘फ़ाइटर’ के रूप में देख रहे हैं जो अपने काम के लिए सब कुछ दे देता है।

PM मोदी को भी पसंद आई पेड्डी की कहानी

राम चरण ने दिल्ली प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि जब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात की तो पीएम ने ख़ुद पूछा कि ‘पेड्डी’ किस विषय पर है। राम चरण ने उन्हें बताया कि यह फ़िल्म ‘विकसित भारत’ और गाँवों के सशक्तिकरण की कहानी है। पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल के एक फ़ुटबॉलर मोहम्मद की कहानी सुनाई, जिन्होंने अपने छोटे से गाँव को पहचान दिलाई और आज उसी गाँव से 85 से ज़्यादा फ़ुटबॉल खिलाड़ी निकले हैं। राम चरण ने सीधा समानांतर खींचते हुए कहा कि ‘पेड्डी’ का किरदार भी यही प्रेरणादायक सफ़र है, एक व्यक्ति की दृढ़ता से पूरे समुदाय का उत्थान।

फ़िल्म का ब्यौरा: स्टार-स्टडेड कास्ट, AR रहमान का संगीत

पेड्डी एक तेलुगु-भाषा की स्पोर्ट्स एक्शन ड्रामा है जिसे बुची बाबू साना ने लिखा और निर्देशित किया है। फ़िल्म में राम चरण के साथ जान्हवी कपूर, शिवा राजकुमार, जगपति बाबू, दिव्येंदु और बोमन ईरानी अहम भूमिकाओं में हैं। संगीत ऑस्कर विजेता AR रहमान ने दिया है और फ़िल्म का बजट लगभग ₹300 करोड़ है। फ़िल्म 4 जून 2026 को पूरे विश्व में एक साथ रिलीज़ होगी। प्रीमियर शो 3 जून की शाम से शुरू होंगे।

राम चरण का परिवर्तन — सिर्फ़ शरीर नहीं, आत्मा का भी

राम चरण ने कहा कि यह बेहद जड़ों से जुड़ी फ़िल्म है “यह हमारी मिट्टी की कहानी है और मुझे ख़ुशी है कि मैं इसका हिस्सा हूँ।”  उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि ‘पेड्डी’ ने उन्हें एक इंसान के तौर पर विनम्र और अभिनेता के तौर पर और परिपक्व बना दिया। बोमन ईरानी ने भी कहा कि ‘पेड्डी’ भारत के उन गाँवों की प्रतिभाओं की बात है जिन्हें कभी मंच नहीं मिलता। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह फ़िल्म भारतीय खेलों में एक आंदोलन की शुरुआत करेगी।

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