TCS Corporate Jihad: महाराष्ट्र के नाशिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के BPO कार्यालय में यौन उत्पीड़न और धार्मिक दबाव से जुड़े मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच अब निर्णायक मोड़ पर आ गई है।
रिसॉर्ट ले जाने की साजिश का भंडाफोड़
SIT को जानकारी मिली है कि आरोपियों की योजना महिला कर्मचारियों को बाहर घुमाने के बहाने किसी रिसॉर्ट में ले जाकर उनके साथ दुष्कर्म करने की थी। जांच एजेंसी इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि कंपनी के भीतर आरोपियों ने संगठित नेटवर्क बनाया था या नहीं।
मामले की शुरुआत कैसे हुई?
यह मामला तब सामने आया जब एक राजनीतिक दल के कार्यकर्ता ने शिकायत दर्ज कराई कि TCS नाशिक यूनिट में एक हिंदू महिला कर्मचारी को रमजान के दौरान रोज़ा रखवाया जा रहा था। इस सुराग के बाद पुलिस ने TCS कार्यालय में गुप्त अभियान चलाया, जिसमें टीम लीडर्स के खिलाफ यौन उत्पीड़न, बलात्कार और जबरन धर्म परिवर्तन के गंभीर आरोप सामने आए। मामले की शुरुआत मार्च 2026 में हुई जब एक महिला ने देवलाली कैंप पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई कि एक सहकर्मी ने शादी का झांसा देकर उसका यौन शोषण किया। जांच आगे बढ़ने पर सात और महिलाएं सामने आईं।
अब तक की गिरफ्तारियां और FIR
अब तक 9 FIR दर्ज हो चुकी हैं और सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, तौसीफ अत्तार, रज़ा मेमन, आसिफ अंसारी और दानिश शेख के नाम शामिल हैं। इसके अलावा HR मैनेजर (AGM) अश्विनी चैनानी को भी गिरफ्तार किया गया है। जांचकर्ता 40 से अधिक CCTV फुटेज की समीक्षा कर रहे हैं और और गिरफ्तारियों की संभावना है। एक विशेष अभियान में सात महिला पुलिस अधिकारियों को सादे कपड़ों में TCS कार्यालय में भेजा गया, जिसमें एक आरोपी को महिला कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।
HR पर गंभीर आरोप
जांच में सामने आया है कि AGM अश्विनी चैनानी और मुख्य आरोपी तौसीफ अत्तार के बीच दो वर्षों में 38 बार बातचीत हुई। आरोप है कि जब एक पीड़िता ने छेड़छाड़ की शिकायत की, तो चैनानी ने मदद करने के बजाय उसकी आवाज दबाने की कोशिश की। नाशिक अदालत ने इस मामले में AGM अश्विनी चैनानी की पुलिस हिरासत 15 अप्रैल तक बढ़ा दी। वह 51 वर्षीया हैं और उन्हें 10 अप्रैल को पुणे से गिरफ्तार किया गया था।
बैंक खातों और विदेशी फंडिंग की जांच
SIT अब आरोपियों के बैंक खातों की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्हें कहाँ से धन मिल रहा था। जांच एजेंसी यह भी पड़ताल कर रही है कि कहीं इस पूरे मामले के पीछे कोई कनवर्जन एजेंडा तो नहीं था, और क्या इसमें विदेशी फंडिंग की भूमिका है।
TCS और सरकार का रुख
टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने इस मामले को “अत्यंत गंभीर और पीड़ादायक” बताते हुए कहा कि TCS की COO आरती सुब्रमण्यन के नेतृत्व में विस्तृत आंतरिक जांच चल रही है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले को “बेहद गंभीर” बताते हुए नाशिक पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की।
पीड़ितों की संख्या बढ़ने की आशंका
पुलिस को आशंका है कि इस मामले में पीड़ितों की कुल संख्या 50 तक हो सकती है। पीड़ितों का कहना है कि आरोपियों ने व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर कमज़ोर और भावनात्मक रूप से परेशान कर्मचारियों को निशाना बनाया। यह मामला भारत के IT क्षेत्र में कार्यस्थल सुरक्षा और POSH कानून के अनुपालन पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। SIT की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की उम्मीद है।

