टीसीएस कॉर्पोरेट ज़िहाद: कर्मचारी की ‘पत्नी भेज दो’ वाली चौंकाने वाली गवाही, कंपनी ने ऑपरेशंस सस्पेंड कर स्टाफ को वर्क फ्रॉम होम पर भेजा

टीसीएस कॉर्पोरेट ज़िहाद: टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के नासिक बीपीओ यूनिट में यौन शोषण, मानसिक प्रताड़ना और जबरन धर्म परिवर्तन के गंभीर आरोपों ने कंपनी को हिलाकर रख दिया है। एक पुरुष कर्मचारी द्वारा सूत्रो को दी गई अपनी विस्फोटक गवाही में आरोप लगाया है कि उसके टीम लीडर्स ने उसे नमाज पढ़ने, कलमा पढ़ने और स्कलकैप पहनने के लिए मजबूर किया। इससे भी आगे बढ़कर एक आरोपी ने उसकी संतान न होने की समस्या का मजाक उड़ाते हुए कहा, “बच्चा चाहिए तो अपनी पत्नी मुझे भेज दो।”

कर्मचारी (जो खुद को रामदास स्वामी का अनुयायी बताते हैं और नियमित रुद्राक्ष की माला पहनते हैं) ने 2022 में टीसीएस नासिक जॉइन करने के बाद से ही इस सिलसिले की शुरुआत बताई। टीम लीडर तौसिफ अख्तर और सहयोगी दानिश शेख ने पहले दोस्ती का ढोंग रचा, फिर हिंदू देवी-देवताओं पर टिप्पणियां कीं, नॉन-वेज खाने के लिए दबाव डाला और ईद 2023 के मौके पर तौसिफ के घर ले जाकर जबरन नमाज पढ़वाई तथा फोटो कंपनी ग्रुप में शेयर कर अपमानित किया। जब कर्मचारी ने विरोध किया तो फैन फेंककर मारने की धमकी दी गई। उसके पिता के पैरालिसिस अटैक के समय भी आरोपियों ने कहा कि “धर्म बदल लो तो ठीक हो जाएंगे”। पत्नी के मेडिकल ट्रीटमेंट के बावजूद बच्चा न होने पर की गई टिप्पणी ने मामले को यौन उत्पीड़न का रूप दे दिया।

यह मामला अकेला नहीं है। नासिक पुलिस को फरवरी 2026 में मिले टिप-ऑफ के आधार पर 40 दिन तक अंडरकवर ऑपरेशन चलाया, जिसमें सात महिला पुलिसकर्मी कर्मचारियों के रूप में काम करती रहीं। अब तक नौ एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं, जिनमें आठ महिला कर्मचारियों की शिकायतें शामिल हैं। यौन शोषण, जबरन धर्मांतरण, फोटो लीक की धमकी और मलेशिया से जुड़े प्रचारक का लिंक भी जांच के दायरे में है। पुलिस ने 7 अप्रैल को सात आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें तौसिफ अत्तर, दानिश शेख, एचआर एक्जीक्यूटिव निदा खान, शाहरुख, रजा मेमन समेत अन्य शामिल हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक तौसिफ अत्तर और निदा खान पूरे मामले के मास्टरमाइंड माने जा रहे हैं।

टीसीएस का बड़ा फैसला:
इन गंभीर आरोपों के बीच टीसीएस ने आज नासिक बीपीओ यूनिट के ऑपरेशंस सस्पेंड कर दिए हैं। सभी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (डब्ल्यूएफएच) पर भेज दिया गया है। कंपनी ने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत आरोपियों को सस्पेंड कर दिया है। टाटा संस चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि टीसीएस की चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर आरती सुब्रमण्यम के नेतृत्व में पूरी घटना की गहन जांच चल रही है और जिम्मेदार लोगों को चिह्नित किया जाएगा।

पुलिस ने बताया कि कार्यालय बंद करने का फैसला कंपनी का अपना है, पुलिस ने ऐसा कोई आदेश नहीं दिया। हालांकि नासिक यूनिट के बाहर प्रदर्शन हो रहे हैं और राजनीतिक दलों ने भी मुद्दा उठाया है। जांच में अंतरराष्ट्रीय फंडिंग और नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है। यह मामला आईटी सेक्टर में कार्यस्थल पर सुरक्षा और पीओएसएच (POSH) नियमों की सख्ती पर सवाल खड़ा कर रहा है। टीसीएस ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया है कि कंपनी उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। पुलिस की जांच जारी है और आगे गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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