सड़क पर बर्बर हमला, आरोपी गिरफ़्तार, रात भर जली बसें, पथराव और तोड़फोड़
उत्तरी आयरलैंड की राजधानी बेलफ़ास्ट में सोमवार की रात एक दिल दहलाने वाली घटना ने पूरे ब्रिटेन को हिला कर रख दिया। सोमवार, 8 जून की रात करीब साढ़े दस बजे उत्तरी बेलफ़ास्ट के किनार्ड एवेन्यू इलाक़े में एक बर्बर हमले में 40 वर्षीय व्यक्ति स्टीफ़न ओगिल्वी को चाकू से बुरी तरह घायल कर दिया गया। पीड़ित के चेहरे, गर्दन, पीठ और आँखों पर गंभीर चोटें आई हैं और वह अस्पताल में भर्ती हैं।
हमले का वीभत्स वीडियो वायरल
घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया, जिसमें हमलावर पीड़ित के ऊपर घुटने टेककर बैठा है और एक किचन चाकू से उसकी गर्दन पर वार कर रहा है। इस दौरान वह किसी विदेशी भाषा में चिल्लाता भी नज़र आ रहा है। वहाँ मौजूद लोगों ने हस्तक्षेप करते हुए हमलावर को हर्लिंग खेल की लकड़ी की छड़ी से मारकर उसे काबू किया और पुलिस के आने तक रोके रखा।
आरोपी: सूडानी शरणार्थी, पेरिस से डबलिन होते हुए पहुँचा था बेलफ़ास्ट
पुलिस ने आरोपी की पहचान 30 वर्षीय सूडानी नागरिक के रूप में की है, हालाँकि शुरुआत में उसे सोमाली बताया गया था। उस पर हत्या के प्रयास, सार्वजनिक स्थान पर धारदार हथियार रखने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। वह बुधवार को बेलफ़ास्ट मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश होगा। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने 2023 में शरण माँगने के बाद सितंबर 2023 में ब्रिटेन में रहने की अनुमति प्राप्त की थी। वह फ़रवरी 2023 में पेरिस से उड़ान भरकर डबलिन पहुँचा और फिर बस से बेलफ़ास्ट आया था। पुलिस प्रमुख जॉन बाउचर के अनुसार, किसी भी राष्ट्रीय सुरक्षा डेटाबेस में उसका कोई रिकॉर्ड नहीं था और वह PSNI के लिए भी अज्ञात था।
सड़कों पर आग, प्रदर्शनकारियों का उग्र तांडव
मंगलवार की शाम सैकड़ों प्रदर्शनकारी जिनमें से कई नकाबपोश थे बेलफ़ास्ट के विभिन्न इलाक़ों में जमा हो गए। कुछ ने बस और अन्य वाहनों को आग लगा दी और सड़कें जाम कर दीं। प्रदर्शनकारियों ने उन इलाक़ों को निशाना बनाया जहाँ शरणार्थी रहते हैं। वहाँ के मकानों के दरवाज़े तोड़े गए और खिड़कियों पर पत्थर फेंके गए। दीवारों पर “स्थानीय लोगों के लिए स्थानीय घर” जैसे नारे लिखे गए। प्रवासियों को जबरन उनके घरों से खदेड़ा गया।
एलन मस्क ने फूँका भड़काऊ तेल
X (ट्विटर) के मालिक एलन मस्क ने हमले का वीडियो रिपोस्ट किया और बेलफ़ास्ट में प्रदर्शन स्थलों की सूची भी साझा की। ब्रिटेन के दक्षिणपंथी नेता जेम्स रॉबिन्सन ने भी इस वीडियो को फ़ैलाया और स्थानीय संगठनों से सड़कों पर उतरने की अपील की।
राजनेताओं की निंदा, शांति की अपील
ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इस हमले को “घिनौना” करार दिया और कहा कि इस तरह की हिंसा के प्रति उनकी कोई भी सहनशीलता नहीं है। उत्तरी आयरलैंड की फ़र्स्ट मिनिस्टर मिशेल ओ’नील समेत सभी राजनीतिक दलों के नेताओं ने एक संयुक्त बयान में हमले की निंदा की, पीड़ित के प्रति संवेदना व्यक्त की और शांति बनाए रखने की अपील की। उत्तरी आयरलैंड की न्याय मंत्री नाओमी लॉन्ग ने हिंसा की कड़ी आलोचना की लेकिन लोगों से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा “नफ़रत को जीतने नहीं दिया जा सकता।”
पृष्ठभूमि: ब्रिटेन में आप्रवासन विरोधी तनाव की लंबी कहानी
ब्रिटेन में हाल के वर्षों में आप्रवासन विरोधी प्रदर्शनों की एक लंबी श्रृंखला देखी जा चुकी है। 2024 में साउथपोर्ट में तीन बच्चियों की हत्या के बाद व्यापक दंगे भड़के थे। इससे पहले 2025 में उत्तरी आयरलैंड में हिंसक झड़पों में 100 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इस हमले से कुछ ही सप्ताह पहले, आयरलैंड के गॉलवे में एक शरणार्थी ने एक ईरानी महिला की हत्या कर दी थी और डबलिन में दो प्रवासी मूल के किशोरों ने एक आयरिश नागरिक को मारकर उसकी जान ले ली थी। यह घटना न केवल ब्रिटेन की शरण नीति पर सवाल खड़े कर रही है, बल्कि यह भी उजागर करती है कि सोशल मीडिया के युग में एक वायरल वीडियो कैसे पूरे शहर को आग में झोंक सकता है। बेलफ़ास्ट मजिस्ट्रेट कोर्ट में आरोपी की पेशी आज होनी है और स्थिति पर सभी की नज़रें टिकी हैं।
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