ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने आज 10 डाउनिंग स्ट्रीट से एक बयान जारी करते हुए प्रधानमंत्री और लेबर पार्टी के नेता पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है। यह फैसला हाल के स्थानीय चुनावों में लेबर पार्टी की भारी हार, बाई-इलेक्शन परिणामों और पार्टी के अंदर बढ़ते असंतोष के बाद लिया गया है। स्टार्मर ने कहा कि वे देश के हित में यह कदम उठा रहे हैं और नया नेता संसद के सितंबर सत्र से पहले चुना जाएगा।स्टार्मर के इस्तीफे की उम्मीद पिछले कई दिनों से थी। द ऑब्जर्वर और अन्य मीडिया रिपोर्ट्स में रविवार को ही यह खबर आई थी कि वे सोमवार को इस्तीफे का टाइमटेबल घोषित कर सकते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ट्रुथ सोशल पर पहले ही यह दावा कर दिया था कि “कीर स्टार्मर यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे”। ट्रंप ने स्टार्मर की इमिग्रेशन और एनर्जी पॉलिसी की विफलता का जिक्र भी किया।
संकट की पृष्ठभूमि
लेबर पार्टी पिछले कुछ समय से गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही थी। हाल के स्थानीय चुनावों में पार्टी को इंग्लैंड, वेल्स और स्कॉटलैंड में लगभग 1,500 सीटों का नुकसान हुआ। मेकरफील्ड बाई-इलेक्शन में स्टार्मर के कड़े प्रतिद्वंद्वी एंडी बर्नहम (जिन्हें ‘किंग ऑफ द नॉर्थ’ कहा जाता है) की शानदार जीत ने पार्टी के अंदर बदलाव की मांग को और तेज कर दिया। बर्नहम अब हाउस ऑफ कॉमन्स में शपथ लेंगे और लीडरशिप चुनौती की राह आसान हो गई है।स्टार्मर ने सप्ताहांत चेकर्स (प्रधानमंत्रियों के ग्रामीण आवास) पर परिवार के साथ बिताया और राजनीतिक हकीकतों पर विचार-विमर्श किया। कैबिनेट मंत्रियों और सहयोगियों से बातचीत के बाद उन्होंने इस्तीफा स्वीकार कर लिया। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि वे एक अनियोजित नेतृत्व चुनौती से बचना चाहते थे।
एंडी बर्नहम: अगले प्रधानमंत्री?
पूर्व मैनचेस्टर मेयर एंडी बर्नहम को अब लेबर पार्टी का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। उन्होंने पहले ही कहा था कि अगर नेतृत्व प्रतियोगिता हुई तो वे मैदान में उतरेंगे। पार्टी के कई सांसद और मंत्री उनके समर्थन में हैं। यदि अनकंटेस्टेड हैंडओवर होता है तो बर्नहम ब्रिटेन के सातवें प्रधानमंत्री बन सकते हैं, जो एक दशक में सातवां बदलाव होगा।स्टार्मर ने 2024 के आम चुनाव में लेबर को भारी बहुमत दिलाया था, लेकिन सत्ता संभालने के बाद इमिग्रेशन, अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं (NHS) और ऊर्जा नीतियों पर व्यापक आलोचना झेलनी पड़ी। उनकी लोकप्रियता आधुनिक ब्रिटिश इतिहास में सबसे कम स्तर पर पहुंच गई थी।
प्रतिक्रियाएं
लेबर पार्टी के अंदर: कई मंत्रियों ने इसे “दुर्भाग्यपूर्ण लेकिन आवश्यक” बताया। विदेश सचिव यवेटे कूपर समेत अन्य नेताओं ने बदलाव की वकालत की थी।
विपक्ष: कंजर्वेटिव पार्टी ने इसे लेबर की नाकामी का प्रमाण बताया। अंतरराष्ट्रीय: ट्रंप के बयान ने ब्रिटिश राजनीति में अमेरिकी हस्तक्षेप की बहस छेड़ दी। कीर स्टार्मर का कार्यकाल छोटा रहा, लेकिन उन्होंने पार्टी को सत्ता में वापस लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अब ब्रिटेन नई शुरुआत की ओर बढ़ रहा है। लीडरशिप चुनाव की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद है, जिसमें नया नेता सितंबर तक चुना जा सकता है। यह घटनाक्रम ब्रिटिश राजनीति की अस्थिरता को दर्शाता है, जहां लोकप्रियता और आंतरिक दबाव तेजी से सरकारें बदल सकते हैं। आगे की अपडेट्स के लिए नजर बनी रखें।

