Noida News। नोएडा पुलिस द्वारा नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच एक पुलिसकर्मी की गिरफ्तारी ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। थाना सेक्टर-20 में तैनात सिपाही पुनीत को गांजा तस्करों से कथित मिलीभगत के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इस कार्रवाई के बाद अब यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या नशे के कारोबार में केवल बाहरी तस्कर ही शामिल थे या फिर इस नेटवर्क को अंदर से भी संरक्षण मिल रहा था। बताया जा रहा है कि पुनित त्रिलोकपुरी में ही बच्चपन से रहा है। उसके नोएडा और आसपास काफी लोगों से गहरे रिश्ते है। उसको यहां की पूरी नाॅलेज भी है। इसका फायदा उठाकर वह इस धंधे को चलवाने में अहम भूमिका अदा करता था।
सूत्रों के अनुसार, सेक्टर-9 और सेक्टर-17 क्षेत्र में लंबे समय से गांजा तस्करी का नेटवर्क सक्रिय रहा है। पुलिस ने हाल के दिनों में इस नेटवर्क पर कार्रवाई तेज की है और कथित तौर पर सेक्टर-17 में सक्रिय “हेमा गैंग” के खिलाफ भी अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि, सिपाही की गिरफ्तारी के बाद यह मामला अब केवल तस्करों तक सीमित नहीं रह गया है।
सूत्रों के दावे, आधिकारिक पुष्टि नहीं
विश्वसनीय सूत्रों का दावा है कि जांच केवल गिरफ्तार पुलिसकर्मी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। सूत्रों के मुताबिक, कथित रूप से कुछ अन्य पुलिसकर्मियों की भी तस्करों से नजदीकी रही हो सकती है। यहां तक कि यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि कुछ लोगों ने कथित तौर पर इस अवैध कारोबार में आर्थिक निवेश किया और बदले में मुनाफे का हिस्सा प्राप्त करते रहे।
हालांकि, इन दावों की अभी तक पुलिस ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसलिए इन्हें जांच पूरी होने तक आरोप और सूत्रों के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
सिपाही की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा बढ़ने की उम्मीद
कानूनी जानकारों का मानना है कि यदि किसी पुलिसकर्मी की नशा तस्करों से मिलीभगत के पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं, तो जांच एजेंसियां उसके कॉल रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन, डिजिटल साक्ष्य और अन्य संपर्कों की भी पड़ताल करती हैं। ऐसे में यह जांच आगे बढ़ने पर पूरे नेटवर्क का खुलासा कर सकती है। सूत्रों का कहना है कि यदि निष्पक्ष और गहन जांच की जाती है तो कई अन्य नाम भी सामने आ सकते हैं।
पुलिस की कार्रवाई पर सभी की नजर
नोएडा पुलिस पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि नशा तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह आम नागरिक हो या पुलिस विभाग का कर्मचारी। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच का दायरा कितना व्यापक होता है और क्या इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आती है।
यदि जांच में किसी अन्य पुलिसकर्मी या व्यक्ति की संलिप्तता के साक्ष्य मिलते हैं तो उनके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जांच जारी है और पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।

