शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश ने एक बार फिर जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बीते 24 घंटों में हुई भारी बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेश में कई जगह सड़कें बंद हो गई हैं, जबकि बिजली और पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) की शुक्रवार सुबह जारी रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 145 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं।
Heavy rain in Himachal
मौसम केंद्र शिमला के मुताबिक धर्मशाला में सबसे अधिक 79 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं जोगिंदरनगर में 76, मंडी में 63.4 और राजधानी शिमला में 54.6 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। लगातार हो रही बारिश से पहाड़ी क्षेत्रों में लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
मंडी में बारिश का सबसे ज्यादा असर
प्रदेश में बारिश और भूस्खलन का सबसे अधिक प्रभाव मंडी जिले में देखने को मिला है। यहां 66 सड़कें बंद हैं और 182 बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा कुल्लू में 31 और सिरमौर में 28 सड़कें बंद हैं।
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राजधानी शिमला में 12, कांगड़ा में पांच, ऊना में दो और किन्नौर में एक सड़क यातायात के लिए बाधित है। किन्नौर में चौरा-छोटा कंबा लिंक रोड बंद होने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन और संबंधित विभाग सड़क मार्गों को बहाल करने में जुटे हुए हैं।
224 बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित, पेयजल योजनाओं पर भी असर
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेश में 224 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर (डीटीआर) बंद हो गए हैं। मंडी के बाद कुल्लू जिले में बिजली व्यवस्था पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। शिमला में सात और सोलन में तीन ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं।
इसके अलावा प्रदेश की 14 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। इनमें शिमला जिले की पांच योजनाएं शामिल हैं। विभागीय टीमें पेयजल और बिजली आपूर्ति को सामान्य करने के प्रयास में लगी हैं।
10 और 11 अगस्त को भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आने वाले दिनों में भी खराब मौसम की संभावना जताई है। प्रदेश में 10 और 11 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया गया है।
प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा नहीं करने की अपील की है। साथ ही मौसम विभाग और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने को कहा गया है।
मानसून से अब तक 798 करोड़ रुपये का नुकसान
राज्य सरकार की संचयी मानसून क्षति रिपोर्ट के अनुसार 30 जून से 6 अगस्त 2026 तक हिमाचल प्रदेश में मानसून से जुड़ी घटनाओं में 142 लोगों की मौत हुई है, जबकि 224 लोग घायल हुए हैं।
इस दौरान सरकारी और निजी संपत्तियों को मिलाकर करीब 797.86 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है। सबसे अधिक नुकसान लोक निर्माण विभाग को हुआ है। इसके अलावा बिजली, जल शक्ति, शिक्षा और ग्रामीण विकास विभाग भी बारिश की मार झेल रहे हैं।
मकानों, कृषि और बागवानी क्षेत्र में भी भारी नुकसान दर्ज किया गया है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
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