Sikkim Tunnel Accident: नामची (सिक्किम), सिक्किम के नामची जिले में NHPC के तीस्ता स्टेज VI हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की निर्माणाधीन समरडुंग-झोलुंगे सुरंग (ADIT-3) में सोमवार दोपहर हुए मीथेन गैस विस्फोट और भूस्खलन ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। इस त्रासदी में अब तक 20 से अधिक मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 5 अन्य अभी भी अंदर फंसे हुए हैं। बचाव दल बेहद प्रतिकूल परिस्थितियों में अभियान चला रहे हैं। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, सुरंग के अंदर करीब 1.5 किलोमीटर गहराई पर मीथेन गैस जमा थी। गैस निकालने की कोशिश के दौरान विस्फोट हुआ, जिससे भारी भूस्खलन के साथ सुरंग का प्रवेश द्वार मलबे से बंद हो गया। कुल 25 मजदूर (जिनमें NHPC अधिकारी और ठेकेदार कंपनी पटेल इंजीनियरिंग के कर्मी शामिल थे) अंदर फंस गए। दो मजदूर खुद बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन बाकी फंस गए।
बचाव अभियान की चुनौतियां
NDRF, SDRF, सिक्किम पुलिस, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज और माइनिंग एक्सपर्ट्स की टीमों ने पानी पंप आउट कर अभियान तेज किया। आज 8 और शवों का पता चला है, जिसके साथ कुल बरामद शवों की संख्या 13 हो गई है। शेष शवों को निकालने में बेहद कम दृश्यता, मीथेन गैस का रिसाव और ऑक्सीजन की कमी बड़ी बाधा बन रही है। कई बचावकर्मी बेहोश हो चुके हैं, इसलिए टीमें शॉर्ट शिफ्ट्स में काम कर रही हैं। शवों को सिंगताम डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल, STNM अस्पताल गंगटोक और नामची अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। सात शवों की पहचान हो चुकी है, जिनमें पश्चिम बंगाल, असम, पंजाब, उत्तराखंड और स्थानीय निवासी शामिल हैं।
उच्चस्तरीय निगरानी और सहायता
मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने खुद घटनास्थल का दौरा किया और स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने मृतकों के परिजनों को ₹4 लाख एक्स-ग्रेशिया और घायलों को ₹50,000 सहायता की घोषणा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने CM से बात कर केंद्र की हर संभव मदद का आश्वासन दिया। PM मोदी ने मृतकों के परिजनों के लिए ₹2 लाख और घायलों के लिए ₹50,000 एक्स-ग्रेशिया की घोषणा की है।सिक्किम स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (SSDMA) पूरे मामले की निगरानी कर रही है। मीथेन गैस विस्फोट के कारणों की जांच के लिए विशेष समिति गठित की जा रही है। पश्चिम बंगाल से विशेष माइनिंग रेस्क्यू टीम भी पहुंच चुकी है। यह हादसा हिमालयी क्षेत्र में हाइड्रो प्रोजेक्ट्स की सुरक्षा और गैस प्रबंधन पर सवाल खड़ा करता है। स्थानीय प्रशासन ने मजदूरों के परिवारों से संपर्क साध लिया है और हर संभव सहायता का वादा किया है। बचाव अभियान युद्ध स्तर पर जारी है। आगे की जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों पर नजर रखें।

