भारतीय रेलवे की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: डीजीपी

Ghaziabad news  उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (रेलवे) प्रकाश डी. ने कहा कि रेलवे परिसरों में यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है। आधुनिक तकनीकों जैसे सीसीटीवी निगरानी, कंट्रोल रूम की सक्रियता, डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्तों की तैनाती के माध्यम से सुरक्षा तंत्र को और प्रभावी बनाया जा रहा है। रेलवे पुलिस के जरिए नियमित गश्त, प्लेटफॉर्म और ट्रेनों में सघन जांच अभियान तथा संदिग्ध व्यक्तियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। साथ ही, यात्रियों की सहायता के लिए हेल्पलाइन सेवाओं को भी मजबूत किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सकें।
उन्होंने रेलवे सुरक्षा, आतंकी गतिविधियों, पत्थरबाजी और ट्रैक अवरोध जैसी घटनाओं की रोकथाम को लेकर राज्य स्तरीय रेलवे सुरक्षा समिति की बैठक को संबोधित करते हुए उक्त विचार व्यक्त किए।
उन्होंने यात्रियों से अपील की कि वे यात्रा के दौरान अपने सामान की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें और किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस कर्मियों या हेल्पलाइन पर दें। जनसहयोग से ही अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।
डीजी रेलवे ने कहा कि रेलवे पुलिस यात्रियों को सुरक्षित, सहज और भरोसेमंद यात्रा अनुभव देने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और भविष्य में भी सुरक्षा व्यवस्था को और सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे।
भारतीय रेलवे देश की लाइफलाइन है
बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने हाल की घटनाओं को लेकर कहा कि रेलवे नेटवर्क में छोटी घटनाओं को भी संभावित आतंकी या विघटनकारी गतिविधियों के रूप में गंभीरता से जांचना आवश्यक है।
डीजीपी ने कहा कि भारतीय रेलवे देश की लाइफलाइन है और इसकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया।
डीजीपी ने महाकुंभ 2025 के दौरान रेलवे, आरपीएफ और जीआरपी के जरिए लगभग 6 करोड़ यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने को राष्ट्रीय स्तर पर रोल मॉडल करार देते हुए जमकर सराहना की।
बुनियादी ढांचा और जनशक्ति बढ़ाया जाना जरूरी
उनहोंने बैठक में कहा कि पिछले वर्षों में रेल यात्रियों और ट्रेनों की संख्या में वृद्धि हुई है, जबकि जीआरपी के संसाधनों और जनशक्ति में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई है। वाराणसी और गाजियाबाद में नए पुलिस अधीक्षक रेलवे पद सृजित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।
इस मौके पर आईबी, आरपीएफ, जीआरपी और विभिन्न रेलवे जोन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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