Samya Raina vs Sharon Verma: ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ में बिहार-कश्मीर पर तीखी नोकझोंक, कमेंट्स पर मचा बवाल

Samya Raina vs. Sharon Verma: कॉमेडियन समय रैना और शेरोन वर्मा के बीच लोकप्रिय शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के ताज़ा एपिसोड में एक रोस्ट सेगमेंट निजी टकराव में बदल गया। दोनों कलाकारों ने अपनी-अपनी पृष्ठभूमि बिहार और कश्मीर को लेकर एक-दूसरे पर तीखे तंज कसे, जिस पर पैनल और दर्शकों दोनों की तीव्र प्रतिक्रिया देखने को मिली।

कैसे शुरू हुई नोकझोंक

शो में मज़ाकिया अंदाज़ में शुरू हुई यह भिड़ंत जल्द ही व्यक्तिगत होती चली गई। समय ने शेरोन के बिहारी होने को निशाना बनाते हुए एक टिप्पणी की, जिस पर शेरोन ने पलटवार करते हुए समय की कश्मीरी पहचान पर तंज कसा। इसके बाद समय ने शेरोन के मुंबई आने को लेकर एक और चुटकुला सुनाया, जिसका शेरोन ने तुरंत करारा जवाब दिया। यह अदला-बदली इसलिए भी चर्चा में रही क्योंकि दोनों कॉमेडियन अपने-अपने क्षेत्रीय पहचान को अपनी कॉमेडी का अहम हिस्सा बनाते रहे हैं। शेरोन वर्मा 2024 में इसी शो से मशहूर हुई थीं, जबकि समय रैना अक्सर अपनी कश्मीरी पंडित जड़ों और परिवार के विस्थापन की कहानी सार्वजनिक मंचों पर साझा करते रहे हैं।

शेरोन वर्मा की पहचान

शेरोन वर्मा को असल पहचान 2024 में ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ में समय रैना के शो पर आने के बाद मिली थी। उनकी डेडपैन कॉमिक टाइमिंग, बिहार से जुड़े चुटकुले, अपने अनोखे नाम पर मज़ाक और खुद को “वीक, इंडिपेंडेंट वुमन” कहने वाले सेगमेंट ने उन्हें रातोंरात इंटरनेट पर मशहूर बना दिया था। उनके क्लिप्स सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुए थे।

समय रैना और कश्मीरी पंडितों का विस्थापन

समय रैना का परिवार कश्मीरी पंडित समुदाय से है, जो 1990 के दशक की शुरुआत में कश्मीर घाटी से हुए बड़े विस्थापन का हिस्सा रहा। अपने स्टैंड-अप स्पेशल ‘स्टिल अलाइव’ में समय ने इसे “कश्मीरी पंडित विजडम” कहा था — यानी जब लड़ाई जीती न जा सके तो जीवित रहने का रास्ता चुनना। उन्होंने इसी सोच को ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ को लेकर हुए विवादों के दौरान भी अपने बचाव में इस्तेमाल किया था। इससे पहले ‘इंडियाज गॉट लेटेंट 2’ के एक मेंबर्स-ओनली एपिसोड में समय ने प्रतिभागी वानिका रायकता से बातचीत के दौरान भी अपनी जड़ों का ज़िक्र किया था। उस एपिसोड में पैनल पर राघव जुयाल, मुनव्वर फारुकी, निहारिका एनएम, रोहन जोशी और समय रैना मौजूद थे। वानिका ने बताया था कि उनके परिवार के पास शिमला में सेब के बाग हैं, भाई ने कुछ ज़मीन बेच दी है, बाकी बाग अभी भी परिवार के पास हैं और उनके माता-पिता सरकारी स्कूलों में शिक्षक हैं। इसके बाद राघव ने समय से पूछा कि क्या उनके परिवार का भी कश्मीर में कोई सेब का बाग था। इस पर पैनल में हल्की-फुल्की नोकझोंक भी हुई थी।

‘हम रातोंरात घर छोड़कर निकल गए’

समय रैना ने पहले ‘दोस्तकास्ट’ पॉडकास्ट पर अपने परिवार के विस्थापन की पीड़ा साझा करते हुए कहा था कि इस घटना ने उनके पूरे बचपन और पहचान को प्रभावित किया, और सभी कश्मीरी पंडितों को कश्मीर छोड़ना पड़ा था। उन्होंने यह भी बताया था कि उनकी पीढ़ी के लोग वापस कश्मीर जाने से डरते हैं, और जब उनकी मां वर्षों बाद वहां लौटीं तो कुछ भी बाकी न बचा देखकर भावुक हो गई थीं।

समय ने यह भी बताया था कि उस दौर में धमकी भरे पत्र बांटे जाते थे जिनमें अगले दिन मारे जाने वाले लोगों के नाम होते थे, और ऐसा ही एक पत्र मिलने पर उनकी मां और दादी बेहोश हो गई थीं क्योंकि उसमें उनके दादा को मारने की धमकी थी। परिवार ने यह सोचकर रातोंरात सामान बांधा कि वे दो हफ्तों में लौट आएंगे, लेकिन 25 साल बीत चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि स्थानीय कश्मीरी मुसलमानों ने उनके दादा का साथ दिया था, जो मुफ्त में गरीबों का इलाज किया करते थे, और उन्हीं की मदद से परिवार सुरक्षित निकल पाया। समय की उम्र उस समय महज़ 12 साल थी, और बाद में परिवार जम्मू से दिल्ली और फिर हैदराबाद में बस गया।

सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया

समय और शेरोन के बीच हुई इस रोस्ट बैटल पर सोशल मीडिया यूज़र्स की राय बंटी हुई है। कुछ दर्शकों ने इसे शो की हल्की-फुल्की कॉमेडी परंपरा का हिस्सा बताया, तो कई लोगों ने कश्मीरी पंडितों के विस्थापन जैसे संवेदनशील मुद्दे पर मज़ाक बनाए जाने पर आपत्ति जताई। अब तक न तो समय रैना और न ही शेरोन वर्मा की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान सामने आया है।

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