लापरवाही का वही गड्ढा, वही खतरा: लीकेज मरम्मत के लिए खोदे गए गड्ढे में गिरी कार, चालक बाल-बाल बचा

रेल विहार सोसायटी के सामने आठ फीट गहरे गड्ढे में जा गिरा वाहन, स्थानीय निवासियों ने प्राधिकरण के ठेकेदार पर लगाया घोर लापरवाही का आरोप

सेक्टर अल्फा-1 स्थित रेल विहार सोसायटी के सामने बीती रात एक बार फिर प्राधिकरण की लापरवाही सड़क पर साफ नजर आई, जब पेयजल आपूर्ति की मुख्य पाइपलाइन में लीकेज ठीक करने के लिए खोदे गए करीब आठ फीट गहरे गड्ढे में एक कार अनियंत्रित होकर जा गिरी। हादसे में वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि चालक को मामूली चोटें आईं। गनीमत रही कि आसपास मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद करते हुए उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया, अन्यथा हादसा और भी गंभीर रूप ले सकता था। स्थानीय निवासियों के अनुसार, क्षेत्र में कई दिनों से गंगाजल पाइपलाइन में रिसाव के कारण सड़क पर पानी भरा रहता था। इसकी मरम्मत के लिए प्राधिकरण के ठेकेदार ने गहरा गड्ढा तो खोद दिया, लेकिन वाहनों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। गड्ढे से निकाली गई मिट्टी सड़क किनारे ही डाल दी गई, जिससे सर्विस लेन और संकरी हो गई और रात के समय गुजरने वाले वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ गया। रात के अंधेरे में गड्ढे का अंदाजा न लगा पाने के कारण चालक का नियंत्रण बिगड़ गया और कार सीधे गड्ढे में जा समाई।

घटना के बाद इलाके में लोगों का हुजूम जमा हो गया और गुस्साए निवासियों ने प्राधिकरण के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना है कि इस स्थान पर पहले भी कई बार छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, बावजूद इसके सबक नहीं लिया गया और न ही ठेकेदार के विरुद्ध कोई ठोस कार्रवाई हुई। वहीं प्राधिकरण के जल विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक ने हादसे को लेकर सफाई देते हुए कहा कि गड्ढे के पास बैरिकेड और रिफ्लेक्टर टेप दोनों लगाए गए थे और वाहन की तेज रफ्तार के कारण ही दुर्घटना हुई। उनके अनुसार हादसे के बाद सुबह ही गड्ढे को मिट्टी से भर दिया गया है। हालांकि स्थानीय लोग प्राधिकरण के इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए कह रहे हैं कि घटनास्थल पर सुरक्षा के नाम पर कुछ भी पर्याप्त नहीं था।

गौरतलब है कि ग्रेटर नोएडा में सड़क किनारे खुले गड्ढों और नालों से होने वाली दुर्घटनाएं नई नहीं हैं। बीते दिनों ईकोटेक-3 कोतवाली क्षेत्र के तुस्याना गांव के पास भी एक कार खुले नाले में जा गिरी थी, जिसमें सवार लोग बाल-बाल बचे थे। इससे पहले सेक्टर-150 में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की कार अनियंत्रित होकर निर्माणाधीन इमारत के पानी से भरे गहरे बेसमेंट में गिर गई थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी। उस हादसे के बाद प्राधिकरण ने सुरक्षा व्यवस्था सख्त करने के बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन ताजा घटना ने एक बार फिर इन दावों की हवा निकाल दी है। स्थानीय निवासियों ने प्राधिकरण से मांग की है कि लापरवाह ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, शहर में खोदे गए सभी गड्ढों और निर्माण स्थलों पर तत्काल बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी की जान जोखिम में न पड़े। फिलहाल इस मामले में प्राधिकरण की ओर से किसी जिम्मेदार अधिकारी या ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई की औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है।

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