उत्तर प्रदेश के संभल जिले में एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और उसके दो साथियों के खिलाफ ब्लैकमेलिंग और उगाही के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। लगभग एक लाख फॉलोअर्स रखने वाली इस युवती का नाम अरीशा बताया जा रहा है, जो दीपा सराय की रहने वाली है। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर अरीशा के अलावा अनस और शुऐब उर्फ शुऐब बेकरी नाम के दो अन्य आरोपियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है।
कैसे शुरू हुई कहानी
शिकायतकर्ता चौधरी सराय निवासी मोहम्मद शाहरुख के मुताबिक, करीब तीन साल पहले इंस्टाग्राम के जरिए उसकी बातचीत अरीशा से शुरू हुई थी। कुछ समय बाद दोनों की मुलाकात नैनीताल में हुई, जहां वे अपने-अपने दोस्तों के साथ पहुंचे थे। इसके बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ती गईं। शाहरुख का आरोप है कि इसी दौरान उसके निजी और आपत्तिजनक फोटो व वीडियो रिकॉर्ड कर लिए गए, जो आगे चलकर ब्लैकमेलिंग का हथियार बन गए।
पहले 55 हजार, फिर दो लाख की मांग
शिकायत के अनुसार, कुछ समय बाद अरीशा ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देना शुरू कर दिया। बदनामी और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर पहले 55 हजार रुपये ऐंठे गए, जिसका भुगतान ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए होना बताया गया है और इसके स्क्रीनशॉट पुलिस को सौंपे गए हैं। विवाद के बाद 1 जुलाई 2023 को दोनों पक्षों के बीच स्टाम्प पेपर पर समझौता भी हुआ था, जिसमें युवती ने पहले लगे आरोपों को गलत बताया था। कुछ महीनों की शांति के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर अलग-अलग सोशल मीडिया आईडी और नंबरों से दोबारा संपर्क किया और इस बार दो लाख रुपये की मांग रखी। पैसे न देने पर फोटो-वीडियो वायरल करने और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई, जिसके बाद शाहरुख ने सदर कोतवाली में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
अब तक करीब चार लाख की वसूली का दावा
शाहरुख का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में अलग-अलग मौकों पर उससे कुल मिलाकर करीब चार लाख रुपये वसूले जा चुके हैं। उसके अनुसार, बार-बार नई सोशल मीडिया आईडी बनाकर तस्वीरें पोस्ट की जाती थीं और उन्हें हटाने के एवज में पैसे मांगे जाते थे। मुकदमा दर्ज होने के बावजूद उसे फोन पर धमकियां मिलना और सोशल मीडिया पर उसके खिलाफ पोस्ट डाले जाने का सिलसिला जारी रहने का आरोप भी शाहरुख ने लगाया है।
संगठित तरीके से निशाना बनाने का आरोप, पुलिस जांच में जुटी
पीड़ित का यह भी दावा है कि यह अकेली घटना नहीं है और आरोपी इसी तरह अन्य लोगों को भी निशाना बनाते रहे हैं, हालांकि पुलिस ने इस दावे की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। सदर कोतवाली प्रभारी सुधीर पंवार ने बताया कि युवक की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और सोशल मीडिया रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन तथा दोनों पक्षों के दावों की जांच की जा रही है। सभी आरोपों की पुष्टि के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी। फिलहाल आरोपी फरार बताए जा रहे हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।

