रोनाल्डो न्यूज़: रिकॉर्ड्स के बावजूद विश्व कप का सपना अधूरा, पुर्तगाल का 1-0 से स्पेन से हारकर बाहर

रोनाल्डो न्यूज़: क्रिस्टियानो रोनाल्डो का विश्व कप सफर आखिरकार समाप्त हो गया। 41 वर्षीय सुपरस्टार ने सोमवार को राउंड ऑफ 16 मुकाबले में स्पेन के खिलाफ 90 मिनट खेलने के बावजूद पुर्तगाल को जीत नहीं दिला सका। मिकेल मेरिनो के 91वें मिनट के गोल ने स्पेन को 1-0 की जीत दिलाई और रोनाल्डो के छठे विश्व कप को भावुक विदाई दी। रोनाल्डो आंसू पोछते हुए मैदान से बाहर गए, क्योंकि उनका सबसे बड़ा सपना विश्व कप ट्रॉफी उठाना एक बार फिर अधूरा रह गया। रेनॉल्डो ने मैच से पहले ही घोषणा कर दी थी कि 2026 उनका आखिरी विश्व कप होगा। पुर्तगाल के कोच रॉबिट्रो मार्टिनेज ने उन्हें “फुटबॉल का आइकॉन” बताया और कहा, “हम उनके प्रयास के लिए हमेशा आभारी रहेंगे। विश्व कप जीतना सपना था और उन्होंने लीडरशिप का अद्भुत उदाहरण दिया।” स्पेन के कोच लुइस डे ला फुएंते ने भी रोनाल्डो की तारीफ की और उन्हें युवाओं के लिए रोल मॉडल बताया।

रिकॉर्ड्स की झड़ी, लेकिन ट्रॉफी का इंतजार:
रोनाल्डो विश्व कप में 27 मैच खेल चुके हैं और 11 गोल किए हैं। वे पहले खिलाड़ी बने जिन्होंने छह अलग-अलग विश्व कप (2006 से 2026) में गोल दागे। ग्रुप स्टेज में उन्होंने उज्बेकिस्तान के खिलाफ दो गोल किए, जिसमें से एक ने उन्हें छह विश्व कपों में गोल करने वाला पहला खिलाड़ी बनाया। राउंड ऑफ 32 में क्रोएशिया के खिलाफ उनका नॉकआउट स्टेज का पहला गोल पुर्तगाल को आगे बढ़ाने में मददगार साबित हुआ। 2006 में 21 वर्ष की उम्र में उन्होंने पुर्तगाल को सेमीफाइनल तक पहुंचाया था, जहां फ्रांस ने रोका। क्वार्टरफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ पेनल्टी पर गोल आज भी पुर्तगाली यादों में जीवित है। लेकिन इसके बाद विश्व कप में आगे बढ़ना मुश्किल रहा। 2018 में स्पेन के खिलाफ हैट्रिक (3-3 ड्रॉ) उनका यादगार प्रदर्शन रहा।

मैच का हाल:
अर्लिंगटन के डलास स्टेडियम में स्पेन ने अंतिम क्षणों में बाजी मारी। फेरान टॉरेस की सहायता पर मेरिनो का गोल निर्णायक साबित हुआ। रोनाल्डो ने तीन शॉट लगाए लेकिन गोल नहीं कर सके। पुर्तगाल ग्रुप स्टेज में मिश्रित प्रदर्शन के बाद राउंड ऑफ 16 पहुंचा था—DR कांगो के साथ ड्रॉ, उज्बेकिस्तान पर 5-0 की बड़ी जीत और कोलंबिया के साथ ड्रॉ।

मैसी से तुलना:
रोनाल्डो ने टूर्नामेंट में मैसी से तुलना से बचने की कोशिश की, लेकिन अब उनका विश्व कप सफर खत्म होने पर तुलना अपरिहार्य है। मैसी 2022 में अर्जेंटीना को चैंपियन बना चुके हैं, जबकि रोनाल्डो के लिए विश्व कप हमेशा चुनौती बना रहा। दोनों की दौड़ ने युग को परिभाषित किया, लेकिन विश्व कप स्टेज पर मैसी आगे रहे।

भविष्य क्या?
रोनाल्डो ने कहा कि उन्होंने कोई पछतावा नहीं। उन्होंने यूरो 2016 जीता, जो पुर्तगाल के लिए बड़ा खिताब था। अंतरराष्ट्रीय संन्यास का फैसला परिवार से सलाह लेकर लेंगे। पुर्तगाल के कोच मार्टिनेज का इस्तीफा भी चर्चा में है। रोनाल्डो ने क्लब फुटबॉल में लगभग सब कुछ जीता चैंपियंस लीग, लीग टाइटल्स, गोल्डन बूट्स लेकिन विश्व कप उनकी विरासत में सबसे बड़ा खाली स्थान रह गया। फुटबॉल जगत उन्हें “सिरी” (CR7) के रूप में याद रखेगा, जिन्होंने उम्र की सीमाओं को चुनौती दी और रिकॉर्ड्स बनाए। यह विदाई दर्द भरी है, लेकिन रोनाल्डो की मेहनत और समर्पण युवा खिलाड़ियों को हमेशा प्रेरित करेगा। विश्व कप 2026 स्पेन के क्वार्टरफाइनल में पहुंचने के साथ आगे बढ़ गया, जबकि पुर्तगाल और रोनाल्डो का सफर यहीं खत्म।

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