बिल्डर और खरीददारों के विवाद को तेजी से सुलझाएं
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बिल्डर और खरीददारों के विवाद को तेजी से सुलझाएं

सीएम योगी ने एनसीआर में एजेंसियों से बिल्डर-खरीददार विवादों को सुलझाने के दिए निर्देश
Greater Noida news : नोएडा, ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट समेत पूरे गौतमबुद्ध नगर में कई सालों से बिल्डर बायर्स का विवाद चला आ रहा है। किसी सोसाइटी में रजिस्ट्री की समस्या से बायर्स जूझ रहे हैं, तो किसी सोसाइटी में मेंटेनेंस को लेकर सोसाइटी वासियों और बिल्डर के बीच विवाद होता रहता है। इसके साथ-साथ किसी सोसाइटी में एओए को सोसाइटी की जिम्मेदारी बिल्डर के जरिए नहीं सौंपी जा रही, जिसको लेकर भी विवाद होता रहता है। अब इन सभी विवादों को सुलझाने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तरफ से सीधे तौर पर सभी प्राधिकरणों को आदेश मिले हैं कि जल्द से जल्द बिल्डर-बायर्स का मामला सुलझाया जाए। जहां रजिस्ट्री रुकी हुई है, वहां रजिस्ट्री करवाना सुनिश्चित किया जाए।
सीएम आदित्यनाथ 8 दिसंबर को ग्रेटर नोएडा आए थे। गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी (जीबीयू) में उन्होंने पूरे मेरठ मंडल में विकास कार्यों की समीक्षा की। साथ ही कानून- व्यवस्था पर विस्तार से जानकारी हासिल की। मुख्यमंत्री के सामने मेरठ की मंडलायुक्त सेलवा कुमारी जे, गौतमबुद्धनगर की पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह और विकास प्राधिकरणों ने प्रजेंटेशन दिए। बैठक में मुख्यमंत्री ने बिल्डर-बायर्स विवाद को तेजी से सुलझाने की बात की है।

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मुख्यमंत्री ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी से मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी मांगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीनों प्राधिकरणों को आदेश दिया कि बिल्डरों और खरीददारों के विवादों को तेजी से सुलझाया जाए। कानूनी प्रक्रियाओं में मसलों को उलझाने की आवश्यकता नहीं है। उन रास्तों पर काम किया जाए, जिससे समस्याएं सुलझ सके। खरीददार परेशान है और लगातार सरकार से संपर्क कर रहे हैं। सरकार समस्याओं को सुलझाने के लिए लगातार प्राधिकरणों को आदेश दे रही है, लेकिन समाधान नहीं निकल पा रहा है। इससे आम आदमी में नाराजगी बढ़ती है।
ग्रेटर नोएडा में बिल्डर व अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन की तरफ से फ्लैट खरीदारों का हक दिलाने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की तरफ से गठित समिति ने मंगलवार 13 दिसंबर को बैठक की। इस बैठक में प्राधिकरण, क्रेडाई और फ्लैट खरीदारों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में अधूरे प्रोजेक्ट को पूरा करने, सोसाइटी में एओए का गठन, सोसाइटी का आईएफएमएस फंड का हस्तांतरण, फ्लैटों की रजिस्ट्री, फायर सिस्टम को दुरुस्त कराने आदि मसलों का हल निकालने पर चर्चा हुई। क्रेडाई ने भी इन मुद्दों को शीघ्र हल कराने का आश्वासन दिया है। अब इस समिति की अगली बैठक अगले साल 3 जनवरी को होगी।

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गे्रटर नोएडा में विकसित हो रही 200 से अधिक सोसायटियां
ग्रेटर नोएडा में करीब 200 सोसाइटियां विकसित हो रही हैं। इनमें तमाम सोसाइटियां ऐसी हैं, जिनके निवासियों व बिल्डर या अपार्टमेंट आॅनर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के बीच विवाद होते रहते हैं। कभी बायर्स के पक्ष में रजिस्ट्री न होने को लेकर, ट्रांसफर मेमोरंडम के लिए एनओसी जारी न करने पर तो कभी सोसाइटी में अपार्टमेंट आॅनर एसोसिएशन के गठन को लेकर अथवा कभी सोसाइटी के आईएफएमएस फंड का हस्तांतरण न किए जाने पर विवाद होता रहता है। इन विवादों को शीघ्र निस्तारित करने के लिए प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने एसीईओ की अध्यक्षता में नौ सदस्यीय समिति गठित कर दी।

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नौ सदस्यीय समिति के अध्यक्ष बनाएं गए एसीईओ
प्राधिकरण के एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव इस समिति के अध्यक्ष बनाए गए हैं। शेष 8 सदस्य नामित किए गए हैं, जिनमें प्राधिकरण के अधिकारियों के अलावा क्रेडाई के प्रतिनिधि शामिल हैं। इस समिति की पहली बैठक 21 नवंबर को संपन्न हुई थी और 12 दिसंबर को इस समिति की दूसरी बैठक हुई, जिसमें एसडीएस इंफ्राटेक, नंदी इंफ्राटेक हवेलिया बिल्डर्स, सुपरटेक ईको विलेज वन और रुद्रा बिल्डवेल के प्रोजेक्ट से जुड़े विवादों को सुलझाने पर चर्चा की गई।
क्या कहते हैं एसीईओ
प्राधिकरण के एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव ने बताया कि सेक्टर ओमेगा 2 स्थित एसडीएस इंफ्राटेक के प्रोजेक्ट एनआरआई रेजिडेंसी सोसायटी में लिफ्ट की समस्या सामने आई, जिसे शीघ्र हल करने के निर्देश दिए गए हैं। अपार्टमेंट ओनर एसोसिएशन को समिति हैंडओवर करने की प्रक्रिया भी फरवरी तक पूरी करने को कहा गया है। नंदी इंफ्राटेक के सेक्टर 10 स्थित अमात्रा होम्स में फ्लैट खरीदारों ने रजिस्ट्री का मुद्दा उठाया। बिल्डर को आॅक्युपेंसी सर्टिफिकेट जल्द लेकर रजिस्ट्री कराने के निर्देश दिए गए। लिफ्ट की समस्या य्भी सामने आई, जिसको शीघ्र हल करने को कहा गया। हवेलिया बिल्डर के खरीदारों ने एओए गठित न किए जाने और सोसाइटी में अवैध निर्माण को तोड़ने का मसला उठाया। समिति ने बिल्डर को फरवरी तक चुनाव कराने और एओए गठित करने के निर्देश दिए। साथ ही अवैध निर्माण को भी शीघ्र तोड़ने के निर्देश दिए हैं।

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