नोएडा/नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार को हुई मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर मानसून की चुनौती को सामने ला दिया। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दिल्ली, गाजियाबाद और गुरुग्राम के कई इलाकों में सड़कों पर जलभराव हो गया, जिससे घंटों लंबा ट्रैफिक जाम लगा रहा। दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे सहित कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की रफ्तार थम गई। तेज बारिश के दौरान द्वारका सेक्टर-25 में एक युवक खुले नाले में गिरकर तेज बहाव में बह गया। दमकल, पुलिस और एनडीआरएफ की टीमों ने करीब सात घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाया, लेकिन देर रात तक युवक का कोई पता नहीं चल सका।
दिल्ली-एनसीआर में लगातार हो रही बारिश का असर अब पूरे उत्तर भारत में देखने को मिल रहा है। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के चलते नदियां उफान पर हैं और कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। प्रशासन लगातार अलर्ट मोड में है और लोगों से नदी किनारे जाने से बचने की अपील की जा रही है।
उत्तराखंड में छह नदियां खतरे के स्तर पर
उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण अलकनंदा, मंदाकिनी, भगीरथी समेत छह प्रमुख नदियां खतरे के स्तर पर बह रही हैं। हरिद्वार और ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर बढ़ने से कई घाट और मंदिर जलमग्न हो गए हैं। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
राज्य के देहरादून, चमोली और बागेश्वर जिलों में लगातार खराब मौसम को देखते हुए स्कूल बंद कर दिए गए हैं। वहीं भूस्खलन और भारी बारिश के कारण 132 सड़कें बंद हैं। बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री नेशनल हाईवे भी कई स्थानों पर मलबा आने के कारण बाधित हैं, जिससे चारधाम यात्रा प्रभावित हुई है। राहत और बचाव दल लगातार मार्ग खोलने और प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में जुटे हैं।
उत्तर प्रदेश में भी बढ़ा बाढ़ का खतरा
उत्तर प्रदेश में भी लगातार बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों से छोड़े जा रहे पानी के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। फर्रुखाबाद में गंगा नदी खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच गई है। बाढ़ का पानी 33 गांवों और 40 सरकारी स्कूलों तक पहुंच चुका है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हो गया है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों पर निगरानी बढ़ा दी है।
बलिया में नदी का कटान बना आफत
बलिया जिले में सरयू नदी का कटान लगातार जारी है। गुरुवार को तीन मकान नदी में समा गए। पिछले एक सप्ताह में अब तक 27 मकान नदी की तेज धारा में बह चुके हैं। ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और कई परिवार सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर हैं। प्रशासन प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने में जुटा है।
वाराणसी में गंगा का बढ़ा जलस्तर
धार्मिक नगरी वाराणसी में भी गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। गंगा किनारे स्थित 40 से 50 छोटे मंदिरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है। विश्व प्रसिद्ध रत्नेश्वर महादेव मंदिर आधे से अधिक पानी में डूब गया है। घाटों पर स्नान और धार्मिक गतिविधियों पर भी असर पड़ा है। प्रशासन ने लोगों को घाटों से दूरी बनाए रखने और सतर्क रहने की सलाह दी है।
प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी और नालों के किनारे नहीं जाने तथा मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। राहत और बचाव दल संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रहे हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।
लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि मानसून का यह दौर अभी और चुनौतीपूर्ण हो सकता है। दिल्ली-एनसीआर से लेकर उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश तक प्रशासन हाई अलर्ट पर है और आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है।

