Radha Sky Garden fire incident: ग्रेटर नोएडा वेस्ट की श्री राधा स्काई गार्डन सोसायटी में एसी ब्लास्ट से भीषण आग, मां-बच्चे ने तेज लपटों के बीच बचाई जान; स्प्रिंकलर फेल होने का आरोप

Radha Sky Garden fire incident: ग्रेटर नोएडा वेस्ट की मशहूर आवासीय सोसायटी श्री राधा स्काई गार्डन में एक बार फिर फायर सेफ्टी की खामियों पर सवाल खड़े हो गए हैं। एक फ्लैट में एयर कंडीशनर (एसी) के ब्लास्ट से लगी भीषण आग ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। गनीमत रही कि तेज लपटों और धुएं के बीच एक मां ने अपने बच्चे को गोद में लेकर जान बचाई, लेकिन घटना ने हाईराइज सोसायटियों में अग्निशमन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रेटर नोएडा स्थित राधा स्काई गार्डेन हाउसिंग सोसाइटी में शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। सोसाइटी के टॉवर-12 की 18वीं मंजिल पर स्थित फ्लैट नंबर 1802 में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे निवासियों में हड़कंप मच गया।

समय रहते सुरक्षित बाहर निकले परिजन

जिस समय यह घटना घटी, फ्लैट में मानवेंद्र प्रताप का परिवार मौजूद था। आग की लपटों और धुएं को देखते हुए मानवेंद्र की पत्नी सुनीता प्रताप, उनकी बेटी आन्या और मानवेंद्र के बुजुर्ग माता-पिता श्री रामप्रसाद प्रताप और श्रीमती कमला देवी ने तत्परता दिखाते हुए भागकर अपनी जान बचाई। गनीमत रही कि परिवार के सभी सदस्य समय रहते सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। हालांकि फ्लैट में रखा सामान काफी हद तक जलकर राख हो गया। निवासियों का आरोप है कि फ्लैट में लगा फायर स्प्रिंकलर सिस्टम समय पर सक्रिय नहीं हुआ, जिससे आग पर काबू पाने में देरी हुई। दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया, लेकिन स्प्रिंकलर की नाकामी ने पूरे मामले को विवादास्पद बना दिया है। कई निवासियों ने बताया कि सोसायटी में पहले भी फायर सेफ्टी को लेकर शिकायतें की गई थीं, लेकिन उन्हें नजरअंदाज किया गया।ग्रेटर नोएडा वेस्ट और आसपास के इलाकों में हाल के महीनों में एसी ब्लास्ट से जुड़ी कई आग की घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें आस्था ग्रीन, अरण्या सोसायटी और अन्य हाईराइज बिल्डिंग शामिल हैं। इनमें स्प्रिंकलर और फायर सेफ्टी इंतजामों पर बार-बार सवाल उठे हैं। श्री राधा स्काई गार्डन सोसायटी में भी पिछले वर्षों में शॉर्ट सर्किट या अन्य कारणों से आग की छोटी-मोटी घटनाएं दर्ज की गई हैं, जहां निवासियों ने अग्निशमन उपकरणों की कमी और रखरखाव की अनदेखी की शिकायत की थी। जिला अग्निशमन अधिकारी ने ऐसी घटनाओं में एसी के अत्यधिक उपयोग, ओवरलोडिंग और गर्मी के मौसम में विद्युत व्यवस्था की जांच की जरूरत पर जोर दिया है। पुलिस और फायर विभाग ने मौके का निरीक्षण किया है। प्रारंभिक जांच में एसी ब्लास्ट को मुख्य कारण माना जा रहा है, हालांकि विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है।

फायर सेफ्टी पर चिंता: ग्रेटर नोएडा वेस्ट की हाईराइज सोसायटियों में बढ़ते एसी ब्लास्ट वाले हादसों ने निवासियों में आक्रोश पैदा कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में एसी को 24 घंटे चलाने, पुरानी वायरिंग और अपर्याप्त मेंटेनेंस से ऐसे हादसे बढ़ रहे हैं। सोसायटी प्रबंधन पर दबाव बनाया जा रहा है कि फायर स्प्रिंकलर, होज पाइप, एक्सटिंग्विशर और अलार्म सिस्टम की नियमित जांच कराई जाए। सोसायटी के निवासी अब फायर ऑडिट और बेहतर सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं। प्रशासन से अपील की जा रही है कि सभी हाईराइज बिल्डिंगों में फायर नॉर्म्स की सख्ती से पालना सुनिश्चित की जाए, ताकि ऐसे हादस दोहराए न जाएं। फिलहाल कोई जनहानि नहीं हुई है। प्रभावित परिवार को सहायता प्रदान की जा रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आगे की जानकारी के लिए स्थानीय प्रशासन और फायर विभाग से संपर्क किया जा सकता है। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि हाईराइज सोसायटियों में फायर सेफ्टी कोई विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत है। निवासियों को भी एसी की नियमित सर्विसिंग और इमरजेंसी प्लान के बारे में जागरूक रहना चाहिए।रिपोर्ट उपलब्ध समाचार स्रोतों, निवासी बयानों और समान घटनाओं पर आधारित है।

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