New Delhi news दिल्ली पुलिस की रोहिणी जिला स्पेशल स्टाफ ने राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय चोरी के मोबाइल फोन के एक बड़े अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पदार्फाश करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 325 हाई-एंड मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी गई है। यह कार्रवाई तकनीकी निगरानी, डिजिटल साक्ष्यों और कई राज्यों में फैले नेटवर्क की लंबी जांच के बाद की गई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह गिरोह दिल्ली और एनसीआर से चोरी, स्नैचिंग और लूट के जरिए हासिल किए गए महंगे मोबाइल फोन बेहद सुनियोजित तरीके से खरीदता था। इसके बाद मोबाइलों के आईएमईआई नंबर और अन्य पहचान संबंधी जानकारियों की जांच कर उन्हें अलग-अलग चैनलों के माध्यम से पश्चिम बंगाल भेजा जाता था। वहां से मालदा और मुर्शिदाबाद के रास्ते मोबाइलों की तस्करी बांग्लादेश तक की जाती थी, जबकि एक अन्य नेटवर्क के जरिए नेपाल में भी इनकी सप्लाई की जा रही थी।
एक साल में 10 से 12 हजार मोबाइल सीमा पार भेजने की आशंका
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह पिछले लगभग एक वर्ष से सक्रिय था। पुलिस का अनुमान है कि इस अवधि में करीब 10 से 12 हजार चोरी के मोबाइल फोन भारत से बाहर भेजे गए हो सकते हैं। इस पूरे नेटवर्क में चोरी के मोबाइलों की खरीद, छंटाई, पैकिंग, कूरियर के जरिए डिस्पैच और सीमा पार पहुंचाने तक की पूरी व्यवस्था बेहद संगठित तरीके से संचालित की जा रही थी।
200 से ज्यादा अपराधियों के डोजियर खंगाले, तब खुला राज
रोहिणी जिला स्पेशल स्टाफ ने इस बड़े नेटवर्क तक पहुंचने के लिए करीब 200 से अधिक अपराधियों के डोजियर का विश्लेषण किया। पुलिस ने डिजिटल फॉरेंसिक, सीडीआर विश्लेषण, तकनीकी निगरानी, कूरियर रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से गिरोह की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी। कई सप्ताह तक चली निगरानी के बाद पुलिस ने नेटवर्क के प्रमुख सदस्यों की पहचान कर एक साथ कार्रवाई की।
रोहिणी में किराए के फ्लैट से चलता था पूरा आॅपरेशन
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि रोहिणी के अवंतिका इलाके में किराए पर लिया गया एक फ्लैट चोरी के मोबाइलों के अस्थायी गोदाम के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। यहीं पर मोबाइलों की छंटाई, पैकिंग और अलग-अलग राज्यों व सीमा पार भेजने की तैयारी की जाती थी। पुलिस ने छापेमारी कर इसी ठिकाने से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन बरामद किए।
तीन चरणों में हुई रिकॉर्ड बरामदगी
पुलिस ने अभियान के दौरान अलग-अलग चरणों में कार्रवाई करते हुए पहले 101, दूसरे चरण में 100 और तीसरे चरण में 124 मोबाइल फोन बरामद किए। इस तरह कुल 325 महंगे मोबाइल फोन जब्त किए गए। जांच में दो कूरियर कंपनी संचालकों की भूमिका भी सामने आई है, जिनकी मदद से चोरी के मोबाइल लगातार विभिन्न राज्यों और सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुंचाए जा रहे थे।
संगठित अपराध की धाराएं जोड़ी गईं, नेटवर्क के अन्य सदस्य रडार पर
अब तक बरामद करीब 150 मोबाइल फोन विभिन्न चोरी, स्नैचिंग और लूट के मामलों से जोड़े जा चुके हैं। शेष मोबाइलों की पहचान की प्रक्रिया जारी है ताकि कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उन्हें उनके वास्तविक मालिकों को लौटाया जा सके। पुलिस ने मामले में संगठित अपराध से जुड़ी धाराएं भी जोड़ दी हैं और गिरोह के अन्य सदस्यों, रिसीवरों तथा सीमा पार जुड़े नेटवर्क की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई राजधानी में मोबाइल चोरी के संगठित नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी सफलता है। इस गिरोह के भंडाफोड़ से न केवल चोरी के मोबाइलों की अवैध तस्करी पर बड़ा प्रहार हुआ है, बल्कि सीमा पार संचालित इस नेटवर्क के कई अहम लिंक भी जांच एजेंसियों के सामने आए हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।
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