Noida STF Hawala Racket: ग्रेटर नोएडा/नोएडा, उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बार फिर अपनी सख्ती का परिचय देते हुए नोएडा में बड़े पैमाने पर चल रहे अंतरराष्ट्रीय हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में एक चीनी नागरिक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार चीनी नागरिक का वीजा वर्ष 2020 में समाप्त हो चुका था, लेकिन वह फर्जी भारतीय दस्तावेजों के सहारे छह वर्षों से भारत में अवैध रूप से रहकर संगठित आर्थिक अपराध को अंजाम दे रहा था।
STF के अपर पुलिस अधीक्षक राजकुमार मिश्रा के अनुसार, सेक्टर-83 स्थित YTL प्राइवेट लिमिटेड कंपनी (जो मोबाइल फोन कवर का कारोबार करती है) की संदिग्ध गतिविधियों की जांच के दौरान यह पूरा नेटवर्क उजागर हुआ। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लियाओ लोंगहुई (चीन के जियांग्शी प्रांत निवासी), संजीव कुमार (गाजियाबाद, पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट) और कौशलेन्द्र (औरैया) के रूप में हुई है। तीनों को 22 जुलाई की रात सेक्टर-93 स्थित पूर्वांचल सिल्वर सिटी से दबोचा गया।
जांच में खुलासे:
लियाओ लोंगहुई वर्ष 2018 में भारत आया था और अपने ससुर एवं साले द्वारा स्थापित YTL कंपनी का संचालन संभाल लिया। जांच एजेंसियों के मुताबिक, चीन से मोबाइल कवर बनाने का कच्चा माल ऊंची कीमत पर आयात किया जाता था, जबकि तैयार माल दिल्ली के करोल बाग और नेहरू प्लेस जैसे बाजारों में अंडर-इनवॉयसिंग (कम बिलिंग) के जरिए बेचा जाता था। इस प्रक्रिया से बचाई गई रकम हवाला नेटवर्क के माध्यम से चीन भेजी जा रही थी। आरोपी ने अपने कर्मचारियों और ड्राइवरों के पहचान पत्रों का दुरुपयोग कर कई शेल कंपनियां (फर्जी कंपनियां) खड़ी कीं, जिनमें JNS Infra Heights Pvt. Ltd., Refan Enterprises India Pvt. Ltd. और Z One Enterprises जैसी कंपनियां शामिल हैं। इनके अलावा हांगकांग में पंजीकृत दो कंपनियों का भी इस्तेमाल हवाला के लिए किया जा रहा था। संजीव कुमार पर शेल कंपनियां बनाने और बैंक खाते खुलवाने में अहम भूमिका निभाने का आरोप है। STF अब चार्टर्ड अकाउंटेंट की पूरी भूमिका की गहन जांच कर रही है।
बरामदगी:
छापेमारी के दौरान STF को भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री हाथ लगी है, जिसमें शामिल हैं, 5 लैपटॉप, 9 मोबाइल फोन, 1 टैबलेट, 2 चीनी पासपोर्ट, 1 चीनी पहचान पत्र, 10 कंपनियों की मुहरें, 11 बैंक चेकबुक, 4.72 करोड़ रुपये मूल्य के बैंक चेक और 15,400 रुपये नकद, फर्जी आधार कार्ड (नाम: सैमुअल लोथा, पता: कोहिमा, नागालैंड) और अन्य दस्तावेज
कानूनी कार्रवाई:
नोएडा के फेज-2 थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और इमिग्रेशन एवं फॉरेनर्स एक्ट, 2025 की विभिन्न धाराओं के तहत FIR दर्ज कर ली गई है। STF आगे की जांच में इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों और बड़े नेटवर्क की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। ED (Enforcement Directorate) भी इस मामले में शामिल हो सकती है। यह कार्रवाई विदेशी नागरिकों द्वारा भारत में अवैध रूप से रहकर आर्थिक अपराध करने की बढ़ती प्रवृत्ति पर लगाम कसने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि यह नेटवर्क केवल नोएडा तक सीमित नहीं था बल्कि पूरे देश में फैला हुआ था।
अधिकारियों का बयान:
STF अधिकारियों ने कहा कि यह रैकेट राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक व्यवस्था दोनों के लिए खतरा था। आगे की पूछताछ में और खुलासे होने की संभावना है। यह खबर देशभर में चर्चा का विषय बनी हुई है, क्योंकि हाल के वर्षों में नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में चीनी नागरिकों से जुड़े ऐसे कई मामले सामने आए हैं। STF की इस सफलता को यूपी पुलिस की कुशल खुफिया जानकारी और त्वरित कार्रवाई का नतीजा बताया जा रहा है।

