‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ के तहत यूपी के कई जिलों में सड़क पर उतरे सपाई, मेरठ-मुरादाबाद-रायबरेली में पुलिस से नोकझोंक| नोएडा समाजवादी पार्टी नोएडा महानगर संगठन ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के विरोध में नोएडा स्टेडियम और मोदी मॉल के पास प्रदर्शन किया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयुक्त का पुतला फूंका। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठाए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सपा नोएडा महानगर अध्यक्ष डॉ. आश्रय गुप्ता ने की। पार्टी के सैकड़ों पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ नारेबाजी की और निष्पक्ष, पारदर्शी चुनाव व्यवस्था की मांग उठाई।
‘आयोग को देना होगा जवाब’
डॉ. आश्रय गुप्ता ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव आयोग की निष्पक्षता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उनके अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त के कार्यकाल में चुनावी प्रक्रिया और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी दलों और आम जनता में सवाल खड़े हुए हैं, जिनका जवाब आयोग को देना चाहिए।
सपा की प्रमुख मांगें
इस कार्यकाल में हुई SIR प्रक्रिया को तत्काल रद्द किया जाए। इस दौरान कराए गए चुनावों और SIR की स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच हो। जांच में अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर जिम्मेदारों पर कठोर कानूनी कार्रवाई हो। मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच हो और जरूरत पड़ने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
नेताओं ने कहा कि पार्टी किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है। उनके मुताबिक यह लड़ाई निष्पक्ष चुनाव, संविधान की रक्षा और लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए है और जारी रहेगी।
प्रदेश भर में एक ही दिन आंदोलन
यह प्रदर्शन अकेला नहीं था। सपा ने इंडिया गठबंधन की बैठक में हुए फैसले के क्रम में 2 से 8 अक्टूबर तक ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ मनाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान भी चलाया जा रहा है।
रविवार को मेरठ, रायबरेली, बागपत और मुजफ्फरनगर में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और SIR अभियान बंद करने की मांग को लेकर प्रदर्शन हुए। मेरठ में पुतला फूंकने जा रहे कार्यकर्ताओं से पुलिसकर्मियों ने पुतला छीनने का प्रयास किया। रायबरेली में सपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव और हरचंदपुर विधायक राहुल लोधी समेत कई पदाधिकारी प्रदर्शन में शामिल हुए और आगे भी आंदोलन जारी रखने की बात कही। मुरादाबाद में सपाइयों ने पार्टी कार्यालय से सिविल लाइंस आंबेडकर पार्क तक ‘वोट बचाओ देश बचाओ’ मार्च निकाला और पुतला फूंका।
शिवपाल यादव का बयान
इटावा में सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त के नेतृत्व में हुई कथित गड़बड़ियों की जांच होनी चाहिए और पूरा विपक्ष उनके खिलाफ है, इसलिए उन्हें खुद इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा की सरकार बनेगी, और कार्यकर्ताओं से SIR से जुड़े कामों में जुटने का आह्वान किया।
विपक्ष की व्यापक लामबंदी
यह मुद्दा सिर्फ यूपी तक सीमित नहीं है। एक रिपोर्ट के अनुसार जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा में कांग्रेस ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सीईसी के इस्तीफे और SIR रोकने की मांग की। सपा जिलाध्यक्षों के बयानों में भी मतदाता सूची से नाम कटने और ‘वोट चोरी’ के आरोप दोहराए गए हैं। ये सभी आरोप विपक्षी दलों के हैं।
आगे क्या? सपा का कहना है कि जब तक उसकी मांगें नहीं मानी जातीं, आंदोलन जारी रहेगा। ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ 8 अक्टूबर तक चलेगा, यानी आने वाले दिनों में और जिलों में मार्च और प्रदर्शन हो सकते हैं।
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