लखनऊ में भाजपा कार्यकर्ता और उसके पिता की हिरासत पर थाने का घेराव, 6.5 घंटे चला प्रदर्शन; डिप्टी CM ब्रजेश पाठक की पैरवी के बाद मिली राहत

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भाजपा कार्यकर्ता और उसके पिता को हिरासत में लिए जाने के विरोध में रविवार शाम विभूतिखंड थाने पर जमकर हंगामा हुआ। भाजपा पार्षदों और कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर एक गरीब दुकानदार को न्याय दिलाने के बजाय उसके पक्ष के लोगों को फंसाने का आरोप लगाया। करीब साढ़े छह घंटे तक चले इस प्रदर्शन के बाद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, विधायक योगेश शुक्ला और भाजपा महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी की पैरवी के बाद देर रात दोनों को मुचलके पर छोड़ दिया गया।

थाने के बाहर जमीन पर बैठकर खाया खाना, लगाए योगी-मोदी जिंदाबाद के नारे

जानकारी के मुताबिक, रविवार शाम करीब 6:30 बजे भाजपा के पार्षद और कार्यकर्ता विभूतिखंड थाने पर जुटने लगे। देखते ही देखते थाने का घेराव शुरू हो गया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हिरासत में लिए गए कार्यकर्ता और उसके पिता को छोड़ने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता जमीन पर बैठकर रोटी-सब्जी खाते रहे और योगी-मोदी जिंदाबाद के नारे लगाते रहे। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि पुलिस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय गरीब दुकानदार के पक्ष के लोगों को निशाना बना रही है।

रात 1:10 बजे मुचलके पर रिहा हुए भाजपा कार्यकर्ता और उनके पिता

विभूतिखंड थाने पर करीब साढ़े छह घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद देर रात 1:10 बजे भाजपा कार्यकर्ता और उसके पिता को मुचलके पर छोड़ दिया गया। बताया गया कि डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, विधायक योगेश शुक्ला और भाजपा महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी ने मामले में पैरवी की थी।

हालांकि, दोनों को 2 नवंबर को दोबारा पेश होना है। इस घटनाक्रम ने पुलिस की कार्रवाई और भाजपा कार्यकर्ताओं के विरोध को लेकर राजधानी में राजनीतिक हलचल बढ़ा दी।

क्या है पूरा मामला? पान की गुमटी पर विवाद से शुरू हुआ घटनाक्रम

यह मामला विभूतिखंड थाना क्षेत्र में मकदूमपुर पुलिस चौकी के पास कनौजिया चौराहे का है। यहां मैकूलाल नाम के दुकानदार पान की गुमटी चलाते हैं।

मैकूलाल की शिकायत के मुताबिक, 25 अक्टूबर को दोपहर करीब 3 से 4 बजे के बीच इनोवा कार से पांच से छह लोग उनकी दुकान पर पहुंचे थे। उन्होंने दुकान से सिगरेट और मसाला खरीदा। आरोप है कि जब मैकूलाल ने सामान के पैसे मांगे तो विवाद शुरू हो गया।

दुकानदार का आरोप है कि इस दौरान उसके साथ मारपीट की गई। इसी घटना को लेकर पुलिस में शिकायत की गई और आगे की कार्रवाई के दौरान भाजपा कार्यकर्ता तथा उसके पिता को हिरासत में लिया गया। इसके विरोध में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव किया।

पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल

इस पूरे घटनाक्रम में एक ओर दुकानदार ने मारपीट का आरोप लगाया, वहीं दूसरी ओर प्रदर्शनकारी भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। थाने पर हुए विरोध प्रदर्शन और नेताओं की पैरवी के बाद दोनों को मुचलके पर रिहा कर दिया गया।

अब मामले में 2 नवंबर को होने वाली अगली पेशी अहम मानी जा रही है। आगे की कार्रवाई में यह स्पष्ट होगा कि पुलिस की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और विवाद में शामिल लोगों की जिम्मेदारी कैसे तय होती है।

 

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