नोएडा पुलिस का बड़ा दावा, मोबाइल स्नैचिंग गैंग पकड़ा, 21 छिने गए फोन और चोरी की बाइक बरामद

कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस ने मोबाइल स्नैचिंग की बढ़ती घटनाओं पर प्रभावी कार्यवाही करते हुए एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। थाना सेक्टर‑58 की टीम ने सेक्टर‑55 के पास से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से स्नैचिंग में प्रयुक्त चोरी की मोटरसाइकिल, 21 मोबाइल फोन और दो अवैध चाकू बरामद किए। पुलिस का कहना है कि इस कार्यवाही से राजधानी क्षेत्र में हो रही मोबाइल स्नैचिंग घटनाओं पर बड़ी सफलता हासिल हुई है और कई पीड़ितों के खोए फोन लौटने की उम्मीद बढ़ गई है।

पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी

पुलिस के अनुसार, 10 जून की शाम थाना सेक्टर‑58 की टीम ने सेक्टर‑55 स्थित एक प्लॉट के पास छापा मारकर लोकेश पुत्र दयाराम (22) व प्रदीप उर्फ भिर्री पुत्र राधेश्याम (21) को कब्जे में लिया। पूछताछ तथा इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस व ताजा सूचनाओं के आधार पर तलाशी ली गई, तब आरोपियों के पास से चोरी की बताई जा रही स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (यूपी‑51डब्ल्यू‑2904) बरामद हुई। यह बाइक वर्ष 2020 में जनपद गाजियाबाद के थाना खोड़ा क्षेत्र से चोरी हुई थी, जिसके संबंध में पहले से मामला दर्ज है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपी नशे के आदी और पेशेवर अपराधी हैं। वे नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली‑एनसीआर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में राह चलते लोगों के हाथों से मोबाइल फोन झपटकर ले जाते थे और बाद में उन फोन को दिल्ली में बेच देते थे। आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि बरामद 21 फोन विभिन्न समयों पर नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली के आसपास के इलाकों से छीने गए थे।

घटनाओं का विवरण

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपियों की संलिप्तता निम्न घटनाओं में पाई गई है:

20 मार्च 2026: सेक्टर‑59 मेट्रो स्टेशन के पास मोबाइल स्नैचिंग की घटना, यह मामला थाना सेक्टर‑58 में दर्ज है।

11 मई 2026: सेक्टर‑12/22 चौड़ा मोड़ से iPhone‑16 की स्नैचिंग, यह मामला थाना सेक्टर‑24 में दर्ज है।

बरामद माल व आरोपी प्रोफ़ाइल

पुलिस ने बरामदियों में एक चोरी की मोटरसाइकिल, 21 मोबाइल फोन और दो अवैध चाकू होने की जानकारी दी है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान निम्नानुसार हुई है: लोकेश (22) निवासी शांतिकुंज कॉलोनी, थाना बिसरख, मूल निवासी जनपद बदायूं; प्रदीप उर्फ भिर्री (21) निवासी शांतिकुंज कॉलोनी, थाना बिसरख, मूल निवासी जनपद कासगंज। दोनों पर मोबाइल स्नैचिंग, चोरी, अवैध हथियार रखने और अन्य संगीन धाराओं में पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। विशेषकर प्रदीप के विरुद्ध गौतमबुद्धनगर व दिल्ली के विभिन्न थानों में चोरी, आर्म्स एक्ट और लूट से जुड़े कई मामले मिल चुके हैं।

पुलिस की अगली कार्रवाई

कमिश्नरेट ने बताया कि अब बरामद फोन के वास्तविक स्वामियों की पहचान कर उन्हें लौटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस विभाग अनुसंधान जारी रखे हुए है और आरोपियों के अन्य सहयोगियों तथा उनके नेटवर्क का खुलकर पता लगाने के लिए गहन जाँच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, स्थानीय शिकायतों और गोपनीय सूचनाओं के संयोजन से यह सफलता मिली है।

पुलिस की जनता से अपील

नोएडा पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मोबाइल स्नैचिंग जैसी घटनाओं के संबंध में तुरंत पुलिस को सूचित करें और संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों की जानकारी साझा कर कार्रवाई में सहयोग करें। पुलिस ने कहा कि संदिग्ध दिखने वाले किसी भी व्यक्ति या संदिग्ध वाहन की जानकारी तुरंत नजदीकी थाने या कांस्टेबल को दें। साथ ही नागरिकों को सार्वजनिक जगहों पर मोबाइल का ध्यान रखने, फोन हाथ में दिखाकर न चलने और आवश्यक होने पर मोबाइल के IMEI तथा आवश्यक जानकारी नोट रखने की सलाह दी जा रही है।

पुलिस के बयान (अधिकृत)

थाना सेक्टर‑58 के एसएचओ ने कहा, “यह गिरफ्तारी और बरामदगी क्षेत्र में बढ़ती स्नैचिंग प्रवृत्ति पर हमारी कार्रवाई का परिणाम है। हम सभी मोबाइल स्वामियों से अपील करते हैं कि अपने फोन की डिटेल (IMEI, मॉडल, संभावित खरीद‑बिक्री के सबूत) सांझा करें ताकि फोन जल्द नागरिकों को वापस मिल सके।” अतिरिक्त पुलिस उपायों और पेट्रोलिंग को भी बढ़ाया जा रहा है। यह रिपोर्ट स्थानीय पुलिस ब्रीफिंग और घटनास्थल की ताजा जानकारी पर आधारित है। संबंधित पुलिस रिपोर्ट और आधिकारिक ब्रीफिंग के लिए जल्द ही ऑनलाइन प्रशासनिक पोर्टल/पुलिस कमिश्नरेट की वेबसाइट पर जारी नोटिस देखे जाने की सलाह दी जाती है।

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