नोएडा, उत्तर प्रदेश नोएडा में हाल ही में हुए श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन को लेकर पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने एक सनसनीखेज खुलासा किया है। फेस-2 थाने में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कमिश्नर ने बताया कि शहर की शांति भंग करने के लिए न केवल ‘अर्बन नक्सल’ सक्रिय थे, बल्कि इस आग को हवा देने के लिए पड़ोसी देश पाकिस्तान से सोशल मीडिया हैंडल संचालित किए जा रहे थे।
फेक न्यूज का ‘पाकिस्तानी कनेक्शन’
पुलिस कमिश्नर के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर भ्रामक और डराने वाली खबरें फैलाई गईं ताकि श्रमिक उग्र हो सकें। जांच में सामने आया कि:
- पाकिस्तानी हैंडल: ‘प्राउड इंडिया नवी’ और ‘आरुषि तिवारी’ नाम के दो प्रमुख हैंडल वास्तव में पाकिस्तान से संचालित हो रहे हैं।
- झूठ का जाल: इन हैंडल्स से यह झूठी खबर फैलाई गई कि पुलिस की गोलीबारी में 11 और 14 श्रमिकों की मौत हो गई है। इस ‘फेक न्यूज’ का मकसद कानून-व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त करना और हिंसा भड़काना था।
दो ‘अर्बन नक्सल’ गिरफ्तार, मास्टरमाइंड फरार
पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए श्रमिकों को भड़काने और साजिश रचने के आरोप में दो कथित ‘अर्बन नक्सलियों’ को गिरफ्तार किया है:
- रूपेश रॉय (गिरफ्तार)
- मनीषा चौहान (गिरफ्तार)
इनके अलावा, आदित्य आनंद नामक एक अन्य आरोपी फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि देश में कहीं भी कोई बड़ा विरोध प्रदर्शन या आंदोलन होता है, तो ये तीनों (आदित्य, रूपेश और मनीषा) वहां सक्रिय रूप से शामिल पाए जाते हैं।
पुलिस कमिश्नर का सख्त संदेश
प्रेस कॉन्फ्रेंस में लक्ष्मी सिंह ने स्पष्ट किया कि नोएडा पुलिस किसी भी सूरत में शहर की सुरक्षा और औद्योगिक शांति के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि:
“यह एक सोची-समझी साजिश थी जिसमें बाहरी तत्वों और विदेशी हैंडल्स का इस्तेमाल कर स्थानीय श्रमिकों को गुमराह किया गया। गिरफ्तार किए गए लोग आदतन आंदोलनों को हिंसक बनाने का काम करते हैं।”
प्रमुख बिंदु एक नजर में:
- साजिश का केंद्र: पाकिस्तान से संचालित सोशल मीडिया हैंडल।
- झूठा दावा: पुलिस फायरिंग में श्रमिकों की मौत की अफवाह फैलाई गई।
- एक्शन: फेस-2 थाने की पुलिस ने दो आरोपियों को जेल भेजा।
- अलर्ट: सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक जानकारियों से बचने की अपील।
नोएडा पुलिस अब फरार आरोपी आदित्य आनंद की गिरफ्तारी के लिए डिजिटल साक्ष्यों और इंटेलिजेंस की मदद ले रही है। शहर में स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है और पुलिस असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रख रही है।

