Noida Amrapali Sapphire: नोएडा, नोएडा के सेक्टर 44 में स्थित आम्रपाली सैफियर सोसाइटी के आसपास नोएडा विद्युत विभाग द्वारा करवाई जा रही खुदाई ने स्थानीय निवासियों के लिए गंभीर सुरक्षा खतरा पैदा कर दिया है। कई जगहों पर गड्ढे बिना उचित बैरिकेडिंग के खुले छोड़े गए हैं। कर्मचारियों से पूछे जाने पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा। मंगलवार-बुधवार की बारिश ने इन गड्ढों को पानी से भर दिया है, जिससे आवागमन और भी मुश्किल हो गया है तथा हादसे का खतरा बढ़ गया है। आम्रपाली सैफियर सेक्टर 44 में स्थित एक बड़ा रेडी-टू-मूव रेसिडेंशियल प्रोजेक्ट है। इसके आसपास सड़कों और इलाके में विद्युत संबंधी कार्यों के लिए गड्ढे खोदे जा रहे हैं। निवासियों का आरोप है कि कई स्थानों पर न तो चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही पर्याप्त बैरिकेडिंग की गई है। शाम के अंधेरे या बारिश के दौरान ये गड्ढे और भी खतरनाक हो जाते हैं।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि जब वे कर्मचारियों या संबंधित लोगों से पूछते हैं तो उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जाती। एक निवासी ने कहा, “हम रोज इन खुले गड्ढों के पास से गुजरते हैं। बच्चे, बुजुर्ग और वाहन चालक सब जोखिम में हैं। बारिश के बाद पानी भर जाने से स्थिति और खराब हो गई है।” सोसाइटी के आसपास रहने वाले कई लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था तुरंत सुनिश्चित करने की मांग की है। सोसाइटी के अधिकारियों/प्रतिनिधियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं हुआ है, लेकिन निवासियों का कहना है कि वे अथॉरिटी और विद्युत विभाग से संपर्क कर रहे हैं तथा शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया में हैं।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में खुले गड्ढों से जुड़े हादसों की खबरें समय-समय पर आती रहती हैं। हाल ही में 25 जुलाई 2026 को ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क इलाके में कलाधाम सोसाइटी के पास बोरिंग के लिए खोदे गए करीब 15 फीट गहरे पानी भरे गड्ढे में गिरने से छह वर्षीय बच्चे अव्यान की मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया, ठेकेदार को गिरफ्तार किया गया और तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इस घटना ने प्राधिकरण की लापरवाही और सुरक्षा उपायों की कमी पर सवाल खड़े कर दिए थे। ऐसी घटनाओं की पृष्ठभूमि में आम्रपाली सैफियर के आसपास खुले गड्ढों को लेकर निवासियों की चिंता जायज मानी जा रही है। विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का कहना है कि खुदाई के दौरान अनिवार्य रूप से बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत, पर्याप्त रोशनी और रात में निगरानी सुनिश्चित की जानी चाहिए। मानसून के मौसम में ये सावधानियां और भी जरूरी हो जाती हैं।
विद्युत विभाग द्वारा संचालित इस खुदाई कार्य के बारे में विभाग की ओर से अभी कोई विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। निवासी मांग कर रहे हैं कि संबंधित विभाग तुरंत गड्ढों को सुरक्षित बनाए, जहां संभव हो वहां काम जल्दी पूरा कर गड्ढे भरे जाएं तथा सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाए। नोएडा जैसे नियोजित शहर में बुनियादी सुरक्षा उपायों की अनदेखी गंभीर हादसों को न्योता दे सकती है। स्थानीय निवासी प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं ताकि कोई और दुर्घटना न हो।

