नोएडा के सेक्टर-105 से दो बड़ी खबरें सामने आई हैं एक तरफ 10 वर्षीय धनंजय नेहरा ने इंटरस्कूल नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप जीतकर दिसंबर 2026 की राष्ट्रीय चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई किया है, वहीं दूसरी तरफ आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने नोएडा के किसानों की बदहाली और मुआवजा नीति पर विधायक पंकज सिंह से हस्तक्षेप की मांग की है।
धनंजय नेहरा: 10 साल की उम्र में राष्ट्रीय मंच पर जगह बनाने वाला नोएडा का नया चेहरा
नोएडा के सेक्टर-105 (A-56) में रहने वाले 10 वर्षीय धनंजय नेहरा ने खेल जगत में सनसनी फैला दी है। अगस्त-सितंबर 2026 के दौरान आयोजित तीन प्रमुख प्रतियोगिताओं में लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए धनंजय ने दिसंबर 2026 में होने वाली ‘नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप’ के लिए आधिकारिक क्वालीफिकेशन हासिल कर लिया है। उनकी सफलता की यात्रा 17 अगस्त 2026 को ‘सीबीएसई नॉर्थ ज़ोन शूटिंग चैंपियनशिप’ से शुरू हुई, जहां उन्होंने अपने स्कूल का प्रतिनिधित्व किया। इसके तुरंत बाद 20 से 23 अगस्त तक आयोजित ‘इंटरस्कूल स्टेट चैंपियनशिप’ में भी उन्होंने अपने वर्ग में प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ते हुए अगले चरण में प्रवेश किया।
अपनी लय को बरकरार रखते हुए धनंजय ने 30 अगस्त से 6 सितंबर 2026 तक आयोजित प्रतिष्ठित ‘28वीं ऑल इंडिया कुमार सुरेंद्र सिंह इंटर स्कूल शूटिंग चैंपियनशिप (इंटरस्कूल नेशनल)’ में भाग लिया और बेहतरीन अंकों के साथ क्वालीफाई किया। इस स्वर्णिम सफलता के साथ ही उन्होंने दिसंबर 2026 में होने वाली देश की सर्वोच्च ‘नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप’ का टिकट पक्का कर लिया है।
धनंजय की इस ऐतिहासिक सफलता पर सेक्टर-105 आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने कहा, “इतनी कम उम्र में धनंजय का यह समर्पण और प्रदर्शन केवल सेक्टर 105 ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है। धनंजय ने साबित कर दिया है कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती।”
नोएडा के किसान: विकास के शिल्पकार आज बुनियादी सुविधाओं को तरस रहे हैं
नोएडा की चमचमाती इमारतों और आधुनिकता के पीछे छिपी एक कड़वी सच्चाई यह है कि इस शहर की नींव रखने वाले किसान आज बुनियादी नागरिक सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सेक्टर-105 आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने नोएडा विधानसभा क्षेत्र के विधायक पंकज सिंह का ध्यान ग्रामीण नोएडा की बदहाली और किसानों की ज्वलंत समस्याओं की ओर आकर्षित किया है।
दिव्य कृष्णात्रेय ने कहा कि एक तरफ नोएडा की गगनचुंबी इमारतें रात के उजाले में जगमगाती हैं, वहीं दूसरी ओर शहर के अधिकांश गांवों की स्थिति दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है। गांवों की गलियों में उफान मारता सीवर, ओवरफ्लो होती नालियां और गंदे पानी से जलमग्न रास्ते स्थानीय निवासियों का जीना दूभर कर रहे हैं। इतने अत्यधिक विकसित और हाइटेक शहर का हिस्सा होने के बावजूद ग्रामीण आज भी पीने के स्वच्छ पानी और निर्बाध बिजली जैसी अति-आवश्यक प्राथमिक सुविधाओं के लिए रोजाना संघर्ष कर रहे हैं।
मुआवजा नीति पर सवाल: 5,325 रुपये प्रति वर्ग मीटर का अत्यंत मामूली मुआवजा
किसानों के आर्थिक शोषण और मुआवजा नीति पर कड़ा ऐतराज जताते हुए दिव्य कृष्णात्रेय ने कहा कि वर्तमान में नोएडा प्राधिकरण द्वारा भूमि अधिग्रहण के बदले किसानों को लगभग 5,325 रुपये प्रति वर्ग मीटर का अत्यंत मामूली मुआवजा दिया जा रहा है, जो भूमि अधिग्रहण अधिनियम के स्पष्ट प्रावधानों का उल्लंघन है।
नियमसंगत रूप से शहरी क्षेत्र के गांवों के किसानों को सर्किल रेट का कम से कम दोगुना मुआवजा मिलना चाहिए। जब प्राधिकरण अपनी अधिग्रहित जमीनों को ई-ऑक्शन के माध्यम से बड़े पूंजीपतियों को रिकॉर्ड तोड़ दरों पर बेचकर भारी मुनाफा कमा रहा है, तब जमीन के असली मालिक किसानों को उनके न्यायसंगत अधिकार से वंचित रखना पूरी तरह अनुचित और अनैतिक है।
हालांकि, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने हाल ही में अगस्त 2026 में किसानों के लिए बड़ा फैसला लिया है। प्राधिकरण बोर्ड ने जमीन के मुआवजे की दर 4,125 रुपये से बढ़ाकर 6,415 रुपये प्रति वर्ग मीटर करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है—यानी मौजूदा दर में 2,290 रुपये प्रति वर्ग मीटर की एकमुश्त बढ़ोतरी हुई है, जो करीब 55.5% है। इसके साथ ही 2016 में बंद किया गया 6% आबादी भूखंड देने का प्रावधान भी दोबारा लागू कर दिया गया है। 6% आबादी भूखंड लेने वाले किसानों के लिए मुआवजा दर 5,725 रुपये प्रति वर्ग मीटर होगी।
लंबित मांगें: सर्किल रेट फ्रीज, बैकलीज और 5% आबादी प्लॉटों का आवंटन
दिव्य कृष्णात्रेय ने आगे कहा कि गांवों में पिछले कई वर्षों से सर्किल रेट को पूरी तरह फ्रीज कर रखा गया है, जिससे किसानों को चौतरफा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। जमीनों की बैकलीज का दायरा 450 मीटर से बढ़ाकर 1,000 मीटर करने का लंबित मामला हो या फिर किसानों को उनके हक के 5 प्रतिशत आबादी प्लॉटों का त्वरित आवंटन, ये सभी न्यायसंगत मांगें वर्षों से शासन और प्रशासन की फाइलों में धूल फांक रही हैं। दिव्य कृष्णात्रेय ने क्षेत्रीय विधायक श्री पंकज सिंह के जुझारू और जनहितैषी नेतृत्व पर पूर्ण विश्वास व्यक्त करते हुए उनसे अपील की है कि वे शासन और प्राधिकरण के शीर्ष स्तर पर किसानों की इन जायज मांगों को पूरी मजबूती से उठाएं और इसका स्थाई समाधान कराएं।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नोएडा का सच्चा, समावेशी और सर्वांगीण विकास केवल बहुमंजिला इमारतों से संभव नहीं है, बल्कि यह तभी साकार होगा जब इस शहर की आधारशिला रखने वाले अन्नदाताओं को उनका खोया हुआ सम्मान, वाजिब हक और गांवों में बेहतर नागरिक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
आरडब्ल्यूए की भूमिका: खेल प्रतिभा को प्रोत्साहन और सामाजिक न्याय की वकालत
सेक्टर-105 आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने बताया कि आरडब्ल्यूए पूर्व में भी धनंजय को उनकी विलक्षण खेल प्रतिभा के लिए सम्मानित कर चुका है। अब वही आरडब्ल्यूए किसानों की आवाज बनकर उनके न्यायसंगत अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है। धनंजय की इस स्वर्णिम उपलब्धि से उनके परिवार, स्कूल, कोच और पूरे सेक्टर 105 निवासियों में उत्साह और जश्न का माहौल है। सभी क्षेत्रवासियों और शुभचिंतकों ने इस नन्हें चैंपियन को दिसंबर में होने वाले आगामी नेशनल मुकाबले में स्वर्णिम सफलता के लिए अपनी अग्रिम शुभकामनाएँ दी हैं।

