नेपाल की सुरंग में 10 दिन फंसे रहने के बाद जिंदा बचाए गए इंजीनियर, बोले- मिला दूसरा जीवन
नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के बाद बचाव अभियान के 10वें दिन एक चमत्कारिक खबर सामने आई। त्रिशूली नदी के पास स्थित एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से दो मजदूरों को जिंदा निकाला गया। जब जिंदा बचने की उम्मीदें लगभग खत्म हो चली थीं, ठीक उसी वक्त शुक्रवार को यह रेस्क्यू ऑपरेशन सफल हुआ।
रेस्क्यू किए गए लोगों में मैकेनिकल इंजीनियर संजय साह भी शामिल थे, जिन्होंने अपनी आपबीती इंडिया टुडे को बताई। संजय ने कहा कि उन्हें यह जिंदगी और मौत के बीच फंसे रहने के दौरान ‘हरे कृष्ण महामंत्र’ का जाप करते हुए उम्मीद बनाए रखने में मदद मिली। उनके साथ त्रिशूली-3ए हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट साइट की सुरंग से कबीर महाजन नाम के एक अन्य मजदूर को भी सुरक्षित निकाला गया। गौरतलब है कि पिछले हफ्ते नेपाल-तिब्बत सीमा के इलाकों में आई भीषण बाढ़ के कारण अब तक 1,250 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। त्रिशूली नदी किनारे स्थित 12 अलग-अलग हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में 900 से अधिक लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। संजय और कबीर उन पहले दो मजदूरों में शामिल हैं, जिन्हें बचाव दल की लगातार कोशिशों के बाद प्रोजेक्ट साइट से बाहर निकाला जा सका।
कीचड़ में सने, फिर भी चेहरे पर राहत
शुक्रवार को रेस्क्यू साइट से सामने आए वीडियो फुटेज में नेपाली सेना के जवान बचे हुए मजदूरों को कीचड़ और मिट्टी से सने हालत में बाहर निकालते हुए दिखाई दिए। जब संजय को आखिरकार सुरंग से बाहर निकाला गया, तो उनके चेहरे पर राहत साफ झलक रही थी। रेस्क्यू टीम ने उनसे कहा — “आपको दूसरा जीवन मिला है।”
कैसे बीते सुरंग में वो 10 दिन
संजय के लिए यह 10 दिन का समय सिर्फ उम्मीद पर टिके रहने की जद्दोजहद था। जब अचानक बाढ़ आई, उस वक्त वे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के कंट्रोल रूम की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। घटना के समय साइट पर करीब 40-45 मजदूर मौजूद थे। इंडिया टुडे से बातचीत में संजय ने बताया कि जैसे ही बाढ़ का पानी और मलबा सुरंग के अंदर घुसने लगा, हालात तेजी से बिगड़ने लगे। एक वरिष्ठ अधिकारी होने के नाते, उन्होंने बताया कि उस स्थिति में बाकी मजदूरों की मदद करना भी उनकी जिम्मेदारी थी।

