NEET paper leak movement: मुंबई पुलिस अधिकारी का विवादित वीडियो वायरल, ‘तुम्हें ड्रग्स केस में फंसाकर बर्बाद कर दूंगा’, छात्रों को ड्रग्स में फंसाने की धमकी, जांच के आदेश

NEET paper leak movement: मुंबई,  NEET पेपरलीक को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच हिरासत में लिए गए युवाओं को कथित तौर पर धमकाते एक पुलिस अधिकारी का वीडियो सामने आने के बाद सियासी बवाल मच गया है। कांग्रेस ने इसे “लोकतंत्र पर सीधा हमला” बताया, वहीं मुंबई पुलिस ने मामले की सत्यता जांचने के लिए विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। देशभर में NEET-यूजी पेपरलीक और दिल्ली के “जेन-Z” आंदोलन के समर्थन में चल रहे छात्र प्रदर्शनों के बीच मुंबई से एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने पुलिस के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो क्लिप में मुंबई पुलिस का एक अधिकारी हिरासत में लिए गए छात्रों के एक समूह को कथित तौर पर धमकाते हुए दिखाई दे रहा है। वीडियो में अधिकारी को यह कहते सुना जा सकता है कि अगर वे दोबारा आंदोलन में शामिल हुए तो वह उनकी जेब में “50 ग्राम पाउडर” रखकर उन्हें ड्रग्स केस में फंसा देगा, जिससे उनकी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी और जमानत मिलना भी मुश्किल हो जाएगा। अधिकारी को यह भी कहते सुना गया, “मुझसे बुरा कोई नहीं है, तुम लोग हमारे लिए परेशानी खड़ी कर रहे हो।” यह वीडियो ऐसे समय सामने आया है जब मुंबई में पिछले कई दिनों से छात्र और युवा संगठन सड़कों पर उतरे हुए हैं। दादर के छत्रपती शिवाजी महाराज पार्क और चैत्यभूमि इलाके में हजारों की संख्या में छात्र पिछले दो दिनों से धरना दे रहे हैं। पुलिस की सख्ती के बीच शहर के आठ थानों में 900 से अधिक प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामले दर्ज किए जा चुके हैं। स्थिति को देखते हुए मुंबई पुलिस आयुक्तालय ने पूरे शहर में 23 जुलाई की मध्यरात्रि से 6 अगस्त तक जमावबंदी (धारा 163) के आदेश भी लागू कर दिए हैं।

कांग्रेस ने पुलिस पर बोला हमला

वीडियो वायरल होते ही कांग्रेस पार्टी ने इसे सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी। पार्टी की ओर से कहा गया कि यदि वीडियो असली पाया जाता है, तो यह न सिर्फ प्रदर्शनकारियों को डराने की कोशिश है बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला भी है। पार्टी ने कहा कि आवाज़ उठाना कोई अपराध नहीं है और सवालों का जवाब जवाबदेही से दिया जाना चाहिए, धमकियों से नहीं। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने भी इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि इतनी नीचता किस हद तक जा सकती है, यह देखिए—आरोप लगाए जा रहे हैं कि पुलिस धमकी दे रही है कि आंदोलन में शामिल होने पर जेब में 50 ग्राम ड्रग्स रखकर अंदर डाल दिया जाएगा। सपकाल ने इसे छात्रों की आवाज़ दबाने के लिए इस हद तक गिरने वाला कदम बताते हुए इसे लोकतंत्र पर काला धब्बा करार दिया।

पुलिस का बयान: जांच के आदेश

मामले के तूल पकड़ने के बाद मुंबई पुलिस ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि वीडियो की प्रामाणिकता और उससे जुड़ी परिस्थितियों की जांच के लिए विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस उपायुक्त (ऑपरेशन्स) अकबर पठान ने बयान में कहा, “मुंबई पुलिस ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं और तथ्यों की पुष्टि होने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।” पुलिस ने अभी तक वीडियो में दिख रहे अधिकारी की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और न ही यह बताया है कि आरोप किस थाने से जुड़े हैं। विभाग का कहना है कि जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई—जैसे संबंधित अधिकारी का तबादला, निलंबन या हटाया जाना—तय होगी।

बड़ी तस्वीर: देशभर में सुलग रहा छात्र आंदोलन

गौरतलब है कि यह पूरा विवाद ऐसे वक्त सामने आया है जब NEET-यूजी पेपरलीक मामले को लेकर देशभर में छात्रों का गुस्सा चरम पर है और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज हो गई है। दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में कई पुलिसकर्मी घायल हो चुके हैं। इसी कड़ी में मुंबई पुलिस पर भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग और अब कथित तौर पर झूठे मामलों में फंसाने की धमकी जैसे गंभीर आरोप लग रहे हैं, जिससे राज्य में सियासी तापमान और बढ़ गया है। फिलहाल पूरे मामले पर सबकी निगाहें मुंबई पुलिस की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। विपक्षी दलों ने साफ किया है कि यदि वीडियो की पुष्टि होती है तो वे दोषी अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और सार्वजनिक माफी की मांग करते रहेंगे।

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