विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों पर गौतमबुद्ध नगर जनपद में 9 मई 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। माननीय गौतमबुद्ध नगर जनपद न्यायाधीश श्री अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि इस विशेष अभियान में पूर्व चिन्हित 9 लाख मुकदमों के निस्तारण पर जोर दिया जा रहा है। लोक अदालत में वैवाहिक विवाद, छोटे दीवानी मामले, मोटर दुर्घटना दावे और राजस्व न्यायालयों से जुड़े वादों का तेजी से समाधान होगा। जिला न्यायाधीश श्रीवास्तव ने कहा, “लोक अदालत का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यहां निपटाए गए मामलों पर अपील या रिवीजन नहीं हो सकता। हम सभी से अपील करते हैं कि इसका व्यापक प्रचार करें ताकि अधिक से अधिक वाद निपट सकें।”
लोक अदालत सुबह 10 बजे से शुरू होगी और कुल 5 बेंच गठित की गई हैं। रिपोर्टर के सवाल पर न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि वैवाहिक या दीवानी वादों में पक्षकारों या उनके वकीलों को हस्ताक्षर सत्यापन के लिए उपस्थित होना जरूरी है। वहीं, मोटर दुर्घटना और चालानी मामलों में वर्चुअल कोर्ट के जरिए ऑनलाइन जुर्माना जमा कर निपटारा संभव है। “पक्षकारों को आने की जरूरत नहीं, वे घर बैठे भुगतान कर सकते हैं,” उन्होंने जोर देकर कहा।
राजनीतिक दलों ने सराहा पहल, विपक्ष ने उठाए सवाल
राजनीतिक हलकों में इस आयोजन को सराहनीय बताते हुए प्रतिक्रियाएं आई हैं। सत्ताधारी दल के प्रवक्ता श्री रमेश सिंह ने कहा, “राष्ट्रीय लोक अदालत न्यायिक बोझ कम करने की दिशा में सराहनीय कदम है। हमारी सरकार ने न्याय पहुंचाने के लिए ऐसी पहलों को बढ़ावा दिया है। जनपद न्यायाधीश के प्रयासों का स्वागत करते हैं।” वहीं, मुख्य विपक्षी दल की नेत्री सुश्री मीरा देवी ने कहा, “9 लाख मुकदमों का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है, लेकिन बेंचों की संख्या केवल 5 होने से क्या सभी मामले निपट पाएंगे? सरकार को वर्चुअल सुविधाओं का विस्तार और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता शिविर लगाने चाहिए।” स्थानीय विधायक ने भी समर्थन जताते हुए कहा, “यह आम आदमी के लिए वरदान है। वैवाहिक विवादों का त्वरित निपटारा परिवारों को मजबूत करेगा। हम अपने कार्यकर्ताओं को प्रचार के लिए निर्देश दे चुके हैं।”
आम जनता उत्साहित, जागरूकता अभियान जोरों पर
आम जनता में भी उत्साह है। शहर के वकील संघ के अध्यक्ष श्री विनोद शर्मा ने बताया, “हमारे सदस्य पक्षकारों को सूचीबद्ध कर रहे हैं। पिछले राष्ट्रीय लोक अदालत में 70% मामले निपटे थे, इस बार लक्ष्य पार करना है।” एक प्रभावित पक्षकार श्रीमती राधा ने कहा, “मेरा मोटर दुर्घटना का केस लंबित है। ऑनलाइन निपटारा सुविधा से राहत मिलेगी।” ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत स्तर पर जागरूकता मीटिंगें हो रही हैं, जहां महिलाओं को वैवाहिक मामलों के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
ताजा अपडेट: रिकॉर्ड निपटारे की उम्मीद
नवीनतम जानकारी के अनुसार, जनपद न्यायालयों ने 8 मई तक 2 हजार से अधिक मामलों को प्रारंभिक चरण में चिन्हित कर लिया है। वर्चुअल कोर्ट पोर्टल पर चालानी भुगतान के लिए विशेष लिंक सक्रिय हो गया है। उच्च न्यायालय के निर्देश पर एसएमएस अलर्ट भी शुरू किए गए हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि प्रचार प्रभावी रहा तो 9 लाख के लक्ष्य का 50% निपटारा संभव है। लोक अदालत के बाद रिपोर्ट उच्च न्यायालय को सौंपी जाएगी। गौतमबुद्ध नगर जनपदवासी इस अवसर का लाभ उठाएं और लंबित मामलों का स्थायी समाधान करें। अधिक जानकारी के लिए नजदीकी तहसील न्यायालय या वेबसाइट पर संपर्क करें।
यह भी पढ़ें: अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह धर दबोचा, 17 बाइक-स्कूटी समेत 8 मोबाइल बरामद

