UPI वैश्विक विस्तार: PM मोदी ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में मांगा और देशों तक पहुंच

भारत का UPI अब 11 देशों में लाइव, PM मोदी बोले- अब क्रेडिट, बीमा और निवेश तक पहुंचे यह क्रांति। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के होमग्रोन डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) की वैश्विक पहुंच को और बड़ा बनाने का आह्वान किया है। मुंबई में मंगलवार को 7वें ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (GFF) 2026 के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि फिनटेक इकोसिस्टम को यूपीआई का दायरा बढ़ाना चाहिए, इसे दूसरे देशों की स्थानीय भुगतान प्रणालियों से जोड़ना चाहिए और इस तरह प्रवासी भारतीयों की रेमिटेंस लागत बचाने में मदद करनी चाहिए। पीएम मोदी ने बताया कि यूपीआई प्लेटफॉर्म अब 11 देशों में लाइव है और सिंगापुर की स्थानीय भुगतान प्रणाली से भी जुड़ चुका है। उन्होंने उद्योग जगत से पिछले दशक की उपलब्धियों पर संतुष्ट न रहने का आग्रह करते हुए कहा कि अगला लक्ष्य यूपीआई के दायरे को और विस्तृत करना होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अपने नियम और मानक खुद तय कर सकता है और उन्हें दुनिया से जोड़ सकता है।

फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के शब्दों का जिक्र

प्रधानमंत्री ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की टिप्पणी दोहराते हुए कहा कि यूपीआई केवल एक तकनीकी कहानी नहीं, बल्कि एक सभ्यतागत गाथा भी है। उन्होंने कहा कि भुगतान के मोर्चे पर पिछले कई वर्षों में मिली बड़ी सफलताओं के बाद भारतीय फिनटेक उद्योग का अगला अध्याय गैर-भुगतान लेनदेन (non-payment transactions) होना चाहिए।

किन देशों में विस्तार हो, इस पर स्पष्ट संकेत

लोकतेज की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री ने साफ किया कि यूपीआई-आधारित भुगतान ढांचे का विस्तार उन देशों में होना चाहिए जहां बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं, जहां भारत के व्यापक व्यापारिक संबंध हैं, और जो देश भारत के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं। उन्होंने उद्योग से आग्रह किया कि डिजिटल भुगतान तक सीमित न रहकर देश अब क्रेडिट, बीमा, बचत, निवेश और पेंशन जैसे क्षेत्रों में भागीदारी बढ़ाए।

10 साल पूरे, आंकड़ों ने दिखाई ताकत

बांग्ला हंट की रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री ने कहा, फिनटेक पर कोई भी चर्चा यूपीआई के बिना अधूरी रहेगी, और गत 25 अगस्त को यूपीआई ने अपने 10 साल पूरे कर लिए हैं। उन्होंने पुरानी बात याद करते हुए कहा कि जब वे कहते थे कि बैंक अब लोगों की मुट्ठी में आ जाएगा, तो कई लोगों को यह असंभव लगता था। पीसी-टैबलेट की रिपोर्ट के अनुसार प्रधानमंत्री ने इस मौके पर अप्रैल-जून तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था की 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर का भी जिक्र किया, जो वैश्विक आपूर्ति व्यवधानों और संघर्षों के बावजूद हासिल हुई। चार दिवसीय यह आयोजन 8 से 11 सितंबर तक मुंबई में चल रहा है, जिसमें 700 से अधिक वक्ता और 5,000 से ज्यादा भागीदार कंपनियां एजेंटिक एआई, प्रोग्रामेबल टोकन एसेट्स और क्वांटम सुरक्षा प्रोटोकॉल जैसे विषयों पर चर्चा कर रही हैं।

पहले से किन देशों में पहुंच चुका है UPI

यूपीआई की वैश्विक यात्रा नई नहीं है। यह पहले से भूटान, नेपाल, श्रीलंका, सिंगापुर, फ्रांस, मॉरीशस, यूएई, ओमान और मालदीव जैसे देशों में विभिन्न चरणों में उपलब्ध है। हाल के महीनों में मलेशिया में भी इसे जल्द लॉन्च करने की घोषणा हो चुकी है, वहीं यूरोपीय सेंट्रल बैंक के साथ यूपीआई को TIPS (TARGET Instant Payment Settlement) से जोड़ने पर काम चल रहा है ताकि यूरो क्षेत्र के साथ क्रॉस-बॉर्डर भुगतान आसान हो सके। इसके अलावा यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन (UPU) के साथ भी यूपीआई को जोड़ने की पहल शुरू हो चुकी है, जिसका मकसद डाक नेटवर्क के जरिए सस्ता और तेज रेमिटेंस मुहैया कराना है।

रॉयटर्स की रिपोर्ट का संदर्भ

रॉयटर्स ने भी अपनी रिपोर्ट में इस बयान को प्रमुखता से रेखांकित किया, जिसमें कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी चाहते हैं कि यूपीआई और ज्यादा देशों की भुगतान प्रणालियों से एकीकृत (integrate) हो, ताकि भारत का यह स्वदेशी मॉडल वैश्विक डिजिटल भुगतान ढांचे का एक अहम हिस्सा बन सके।

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