मुंबई के चेंबूर इलाके में मंगलवार दोपहर एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जब चेंबूर के रोड नंबर-11 पर भारी बारिश के दौरान सड़क किनारे लगा एक पुराना पीपल का पेड़ अचानक जड़ से उखड़कर पास से गुजर रही एक निजी स्कूल बस पर गिर पड़ा। यह हादसा चेंबूर के डायमंड गार्डन इलाके में दोपहर करीब तीन बजे हुआ, जबकि पुलिस के अनुसार घटना दोपहर करीब 2:50 बजे यूनिवर्सल स्कूल के पास हुई, जब बच्चे स्कूल से घर लौट रहे थे।
हादसे में मासूम की मौत, कई बच्चे घायल
बस में सवार छात्रों की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में भिन्नता है — कहीं 12 तो कहीं 13 या 18 छात्रों के सवार होने की बात कही गई है। अधिकारियों के अनुसार बस यूनिवर्सल हाई स्कूल के 12 बच्चों को ले जा रही थी, जिसमें 10 साल के एक छात्र की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। अस्पताल के एक चिकित्सा अधिकारी के अनुसार चार घायल छात्रों की हालत स्थिर थी, जबकि गंभीर रूप से घायल 11 वर्षीय विहान श्रीवास्तव को शाम करीब साढ़े चार बजे मृत घोषित कर दिया गया। हालांकि स्कूल बस मालिकों के संगठन का दावा कुछ अलग है — स्कूल बस ओनर्स एसोसिएशन (SBOA) ने इस घटना में 11 छात्रों के घायल होने का दावा किया है। घायल बच्चों को आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। घायल बच्चों को तुरंत पास के जैन और ज़ेन अस्पताल समेत अन्य चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराया गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन: क्रेन से काटा गया पेड़, बच्चे को निकाला बाहर
हादसे की सूचना मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड, पुलिस और बीएमसी की टीमें मौके पर पहुंच गईं। राहत एवं बचाव कार्य के दौरान टीमों ने विशेष उपकरणों की मदद से पेड़ की भारी शाखाओं को काटकर बस में फंसे बच्चों को बाहर निकाला, और कुछ समय तक एक बच्चे के फंसे रहने के कारण यह ऑपरेशन बेहद संवेदनशील बना रहा। पेड़ हटाने के लिए क्रेन की मदद ली गई, जिसके बाद राहत और बचाव कार्य तेजी से पूरा किया गया।
प्रशासन की प्रतिक्रिया: मेयर मौके पर पहुंचीं, जांच के आदेश
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन तुरंत हरकत में आया। मुंबई की महापौर रितू तावडे घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया, इसके बाद सीधे ज़ेन अस्पताल जाकर घायल बच्चों का हालचाल जाना। महापौर ने मृतक छात्र विहान श्रीवास्तव के माता-पिता से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी। जांच को लेकर मेयर ने सख्त रुख अपनाया है। स्थानीय बीएमसी अधिकारियों ने दावा किया कि मानसून से पहले पेड़ों की छंटनी की गई थी, इसके बावजूद महापौर ने स्पष्ट किया कि हाल ही में हुए सड़क कंक्रीटीकरण के काम और नागरिकों की पुरानी शिकायतों की भी विस्तृत जांच की जाएगी, और लापरवाही सामने आने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। डिप्टी मेयर ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी। मुंबई के डिप्टी मेयर संजय घाड़ी ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए इसे बेहद दर्दनाक हादसा बताया और कहा कि लापरवाही का जिम्मेदार पाए जाने पर बीएमसी सख्त कार्रवाई करेगी।
विपक्ष का हमला, स्थानीय निवासियों का आक्रोश
घटना के बाद विपक्षी नेताओं ने भी प्रशासन को घेरा। पूर्व महापौर और ठाकरे गुट की नेता किशोरी पेडणेकर ने पेड़ों की देखभाल और सुरक्षा को लेकर पहले से कदम न उठाए जाने पर सवाल उठाए और संबंधित इलाके के उद्यान अधीक्षक पर कार्रवाई की मांग की, साथ ही समय पर छंटाई और बारिश से पहले जांच को जरूरी बताया। स्थानीय निवासियों में गहरा गुस्सा देखा गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने पहले भी पेड़ों की कटाई-छंटाई को लेकर बीएमसी को कई बार सूचित किया था, लेकिन समय रहते कोई कदम नहीं उठाया गया, और उनका कहना है कि बारिश के मौसम से पहले पुराने व कमजोर पेड़ों की जांच जरूरी है ताकि ऐसे हादसे रोके जा सकें। निवासियों ने यह भी दावा किया कि इलाके में पहले भी इस तरह की घटना हो चुकी है, लेकिन बार-बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई।
मानसून और बढ़ता खतरा
यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब मुंबई में मानसून जोर पकड़ चुका है। यह दुर्घटना उस वक्त हुई जब भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई और आसपास के उपनगरों में भारी बारिश और गरज-तूफान का पूर्वानुमान जताया था। चेंबूर की इस घटना ने मानसून के दौरान पेड़ों की सुरक्षा, रखरखाव और शहरी ढांचे की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन की ओर से जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि पेड़ पहले से कमजोर था या लगातार बारिश से उसकी जड़ें ढीली पड़ गई थीं।
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