अक्टूबर 2026 में LPG और UPI से जुड़े बड़े बदलाव, सिलेंडर से लेकर डिजिटल पेमेंट तक बदलेंगे नियम

नई दिल्ली। अक्टूबर 2026 की शुरुआत के साथ आम लोगों और कारोबारियों से जुड़े कुछ अहम नियमों में बदलाव हुआ है। इनमें कॉमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी, सब्सिडी वाले घरेलू गैस सिलेंडर के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन और UPI के कुछ बड़े मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर MDR लागू होना शामिल है। इन बदलावों का असर रेस्टोरेंट, छोटे कारोबारियों और LPG सब्सिडी लेने वाले उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है।

1. कॉमर्शियल LPG सिलेंडर हुआ महंगा

1 अक्टूबर 2026 से 19 किलो वाले कॉमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। अलग-अलग शहरों में कीमत बढ़ने की मात्रा अलग है और कुछ शहरों में यह बढ़ोतरी करीब ₹70 तक पहुंची है। दिल्ली में 19 किलो के कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹62.50 बढ़कर ₹2,810 हो गई है। वहीं घरेलू 14.2 किलो LPG सिलेंडर की कीमत में इस बदलाव के तहत बढ़ोतरी नहीं की गई है।

इसका सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और कैटरिंग कारोबार पर पड़ सकता है। गैस की लागत बढ़ने से कारोबारियों के संचालन खर्च में इजाफा होगा। इसका असर आगे चलकर चाय, नाश्ता, भोजन और कैटरिंग सेवाओं की कीमतों पर देखने को मिल सकता है।

2. LPG सब्सिडी के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन जरूरी

1 अक्टूबर 2026 से सब्सिडी के साथ नियंत्रित खुदरा मूल्य पर घरेलू LPG रिफिल बुक कराने के लिए Biometric Aadhaar Authentication (BAA) पूरा करना जरूरी है। जिन उपभोक्ताओं ने पहले ही यह प्रक्रिया पूरी कर ली है, उन्हें दोबारा कुछ करने की जरूरत नहीं है।

सरकार के मुताबिक, जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक BAA पूरा नहीं किया है, वे प्रमाणीकरण पूरा करने के बाद सब्सिडी वाले रेट पर रिफिल बुक कर सकेंगे। इसका मतलब यह नहीं है कि ऐसे लोगों को LPG पूरी तरह मिलना बंद हो जाएगा। जो उपभोक्ता BAA नहीं कराना चाहते या नहीं करा पाते, उनके लिए बाजार मूल्य पर LPG लेने का विकल्प उपलब्ध है।

घर बैठे भी हो सकता है ऑथेंटिकेशन

LPG उपभोक्ता अपने संबंधित तेल विपणन कंपनी के मोबाइल ऐप के जरिए भी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके अलावा सिलेंडर की डिलीवरी के समय डिलीवरी कर्मचारी के माध्यम से या LPG वितरक के शोरूम पर जाकर भी बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन कराया जा सकता है। सरकार के अनुसार 19 सितंबर 2026 तक 27.43 करोड़ यानी 89.9 प्रतिशत सक्रिय घरेलू LPG उपभोक्ता BAA पूरा कर चुके थे।

3. ₹2,000 से ज्यादा के चुनिंदा UPI पेमेंट पर MDR

डिजिटल पेमेंट के क्षेत्र में भी अक्टूबर में बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है। 15 अक्टूबर 2026 से चुनिंदा Person-to-Merchant (P2M) UPI ट्रांजेक्शन पर ₹2,000 से अधिक की राशि के लिए 0.4 प्रतिशत MDR लागू होगा। इस चार्ज का भुगतान मर्चेंट की ओर से किया जाएगा, ग्राहक से सीधे UPI शुल्क लेने का प्रावधान नहीं है।

उदाहरण के लिए, किसी पात्र मर्चेंट को ₹10,000 का UPI पेमेंट मिलने पर 0.4 प्रतिशत के हिसाब से ₹40 MDR बनता है। ₹75,000 या उससे अधिक के ट्रांजेक्शन पर MDR की अधिकतम सीमा ₹300 रखी गई है।

छोटे दुकानदारों को मिलेगी राहत

हर दुकानदार पर यह चार्ज लागू नहीं होगा। जिन छोटे मर्चेंट की पात्र UPI QR के जरिए मासिक प्राप्ति ₹1 लाख तक है, उन्हें नए MDR से छूट दी गई है। ऐसे छोटे व्यापारी ₹2,000 से ज्यादा का व्यक्तिगत UPI पेमेंट प्राप्त करने पर भी शून्य MDR व्यवस्था में रह सकते हैं।

वहीं, Person-to-Person (P2P) UPI ट्रांजेक्शन पहले की तरह मुफ्त रहेगा। यानी किसी व्यक्ति द्वारा दूसरे व्यक्ति को UPI के जरिए पैसे भेजने पर इस MDR का असर नहीं होगा।

आम ग्राहक पर कितना असर?

नए UPI MDR का सीधा शुल्क आम ग्राहक से लेने की व्यवस्था नहीं है। बदलाव मुख्य रूप से मर्चेंट साइड पर लागू होगा। सरकार ने बैंकों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि मर्चेंट इस शुल्क को UPI भुगतान करने वाले ग्राहकों पर सीधे न डालें।

ध्यान रखें

अक्टूबर 2026 के इन बदलावों में LPG की कीमत का असर मुख्य रूप से कॉमर्शियल उपभोक्ताओं पर, जबकि बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन का असर सब्सिडी वाले घरेलू LPG उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। वहीं UPI का नया MDR मुख्य रूप से पात्र मर्चेंट ट्रांजेक्शन से जुड़ा है और P2P भुगतान मुफ्त रहेगा।

 

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