मच्छर की बहादुरी से टली बड़ी तबाही, मिला मोदी-नेतन्याहू का सलाम

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड-1073 में बुधवार (30 सितंबर 2026) को कॉकपिट में हुई खूनी झड़प ने एक बड़ी विमान तबाही को जन्म दे दिया था, लेकिन भारतीय कप्तान स्मित मच्छर की असाधारण बहादुरी और यात्रियों-क्रू की त्वरित कार्रवाई ने 174 लोगों की जान बचा ली। को-पायलट (रिपोर्ट्स में ओमानी नागरिक बताया गया) ने कप्तान पर चाकू से हमला कर विमान को क्रैश करने की कोशिश की। घायल मच्छर ने आखिरी दम तक लड़ते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिससे यात्री और क्रू अंदर घुसकर हमलावर को काबू में कर सके। विमान सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतर गया।

घटना का क्रम
 फ्लाईदुबई की बोइंग 737 मैक्स-8 विमान सुबह करीब 7:05 बजे (स्थानीय समय) दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से तेल अवीव के लिए रवाना हुआ। इसमें लगभग 174 यात्री थे, जिनमें ज्यादातर इजरायली नागरिक और कई बच्चे शामिल थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट में झड़प हुई। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के अनुसार, एक पायलट ने दूसरे को चाकू मारा और जाहिर तौर पर विमान को क्रैश करने की कोशिश की। फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार विमान ने अचानक करीब 14,000 फीट की तेज गिरावट दर्ज की (कुछ रिपोर्ट्स में 17,000 फीट तक का जिक्र)। विमान ने पहले सामान्य इमरजेंसी (7700) और फिर गैरकानूनी हस्तक्षेप (7500) का संकेत भेजा।

घायल भारतीय कप्तान स्मित मच्छर (मुंबई निवासी, पहले स्पाइसजेट में 11 साल काम कर चुके, फ्लाईदुबई में 2022 से कैप्टन) खून से लथपथ फर्श पर पड़े थे, फिर भी उन्होंने आखिरी ताकत लगाकर कॉकपिट का दरवाजा अनलॉक किया। यात्री यानिव हयुन और अन्य लोगों के साथ क्रू सदस्य अंदर घुसे। उन्होंने हमलावर को काबू किया, जबकि विमान में सवार अतिरिक्त (ऑफ-ड्यूटी) पायलटों ने नियंत्रण संभाला और विमान को तबुक ले गए। विमान करीब 9:45 बजे स्थानीय समय पर सुरक्षित उतरा। दोनों पायलटों को अस्पताल पहुंचाया गया। मच्छर की हालत स्थिर बताई गई; भारतीय दूतावास ने उनकी देखभाल और परिवार से संपर्क की पुष्टि की।

नेताओं की प्रशंसा
 इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने मच्छर को “सच्चा हीरो” और “असाधारण बहादुरी” का उदाहरण बताया। उन्होंने लिखा कि घायल होने के बावजूद उन्होंने लड़कर दरवाजा खोला और यात्रियों-क्रू को हमलावर पर काबू पाने का मौका दिया, जिससे 174 जानें बच गईं। यात्री यानिव हयुन को भी उन्होंने “शेर” और “महान हीरो” कहा।

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को एक्स पर मच्छर की सराहना करते हुए कहा, “कैप्टन स्मित मच्छर एक हीरो हैं। सबसे बड़े खतरे के सामने और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने अपार साहस और दूसरों की जान बचाने का अटूट संकल्प दिखाया। उनके पराक्रम ने सैकड़ों जानें बचाईं और बड़ी त्रासदी टाली। भारत कैप्टन मच्छर पर गर्व करता है। उनकी जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।” अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी नेतन्याहू से बातचीत का जिक्र करते हुए पायलट को हीरो बताया।

सऊदी अरब का रुख और आगे की कार्रवाई
 इजरायल ने सऊदी अरब से अनुरोध किया था कि उसके सैन्य विमान (सुपर हरक्यूलिस) तबुक पहुंचकर इजरायली यात्रियों को वापस लाएं, लेकिन सऊदी अरब ने इसे अस्वीकार कर दिया। दोनों देशों के बीच कोई राजनयिक संबंध नहीं हैं। यात्रियों को बाद में फ्लाईदुबई के ही वैकल्पिक विमान से तेल अवीव पहुंचाया गया। वे लगभग 10 घंटे बाद बेन गुरियन हवाई अड्डे पहुंचे, जहां परिवार और अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। कई यात्रियों ने इसे “चमत्कार” बताया।

फ्लाईदुबई ने घटना को “कॉकपिट में झड़प” बताया और अटकलों से बचने की अपील की। कंपनी ने जांच के दौरान इजरायल से आने-जाने वाली उड़ानें स्थगित कर दीं। सऊदी अधिकारी को-पायलट की पूछताछ कर रहे हैं। इजरायली रक्षा मंत्री ने इसे “जिहादी आतंकी हमले का प्रयास” बताया, जबकि कुछ रिपोर्ट्स में मकसद अभी स्पष्ट नहीं है। इजरायल ने इजरायल आने वाले पायलटों की सुरक्षा जांच कड़ी करने का फैसला लिया है। यह घटना अब्राहम समझौतों के बाद दुबई-तेल अवीव रूट पर हुई है, जो इजरायली यात्रियों के बीच लोकप्रिय है। भारतीय पायलट की बहादुरी और यात्रियों की एकजुटता ने एक संभावित बड़ी त्रासदी को रोका। जांच जारी है।

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