कर्नाटक राज्‍यसभा चुनाव पर ही चर्चा, सिद्धारमैया-शिवकुमार दिल्ली बैठक के बाद कांग्रेस का बयान

कर्नाटक कांग्रेस में लंबे समय से चल रहे सत्ता संघर्ष और नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार आज दिल्ली पहुंचे। कांग्रेस हाईकमान के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद पार्टी ने स्पष्ट किया कि बैठक में केवल कर्नाटक राज्‍यसभा चुनाव और संगठनात्मक मुद्दों पर ही चर्चा हुई। कांग्रेस ने बैठक को “रूटीन” बताया और किसी भी तरह के नेतृत्व परिवर्तन या मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चाओं को खारिज कर दिया। पार्टी के कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, “राज्‍यसभा चुनाव की अधिसूचना जारी हो चुकी है। पार्टी इन चुनावों को लेकर परामर्श कर रही है। कृपया अन्य अटकलों पर विराम लगाएं।”

बैठक का संदर्भ

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और एआईसीसी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के साथ हुई इस बैठक से पहले सिद्धारमैया ने दिल्ली में अपने वफादार मंत्रियों के साथ नाश्ता बैठक की। दोनों नेताओं ने कांग्रेस मुख्यालय में एकजुटता का प्रदर्शन भी किया। राज्‍यसभा की चार सीटों के लिए चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद कांग्रेस तीन सीटें जीतने की स्थिति में है। पार्टी को इन सीटों के लिए उम्मीदवार चयन और विधान परिषद चुनाव (एमएलसी) के मुद्दों पर चर्चा करनी थी। कांग्रेस नेता रमेश बाबू ने कहा कि यह बैठक संगठनात्मक कार्यों, आगामी विधानसभा सत्र और चुनावी तैयारियों से संबंधित थी।

अटकलें बरकरार

हालांकि बैठक से पहले मीडिया और राजनीतिक गलियारों में सिद्धारमैया के पूरे पांच वर्ष पूरे करने और शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाने की अटकलें जोरों पर थीं। कुछ सूत्रों ने संकेत दिए कि सिद्धारमैया को राज्‍यसभा भेजकर या कोई राष्ट्रीय भूमिका देकर नेतृत्व परिवर्तन का रास्ता साफ किया जा सकता है, लेकिन कांग्रेस ने इन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया। शिवकुमार ने बैठक से पहले 2028 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत का भरोसा जताया और कहा, “आप देखेंगे, शिवकुमार और कांग्रेस सरकार फिर सत्ता में वापसी करेगी।”

पृष्ठभूमि

2023 के विधानसभा चुनाव के बाद सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री और शिवकुमार को उपमुख्यमंत्री बनाया गया था। तब से दोनों गुटों के बीच तनाव बना हुआ है। शिवकुमार समर्थक रोटेशनल फॉर्मूले की बात करते रहे हैं, जबकि सिद्धारमैया पूरे कार्यकाल का दावा करते आए हैं। कांग्रेस हाईकमान ने पहले भी कई बार हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला है। विपक्षी भाजपा ने इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस पर निशाना साधा है और कहा कि आंतरिक कलह राज्य की governance को प्रभावित कर रही है। यह एक विकासशील खबर है। आगे की अपडेट्स के लिए नजर बनाए रखें। कांग्रेस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन बैठक के बाद पार्टी की एकजुटता का संदेश साफ दिखाई दिया।

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