Jantar Mantar protest LIVE: NEET पेपर लीक मामले में सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच आज तीसरे दौर की बातचीत, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़े छात्र

Jantar Mantar protest LIVE: नई दिल्ली, NEET-UG पेपर लीक और CBSE ऑन-स्क्रीन मार्किंग गड़बड़ी को लेकर जंतर मंतर पर चल रहा प्रदर्शन शनिवार को भी जारी रहा। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) आज केंद्र सरकार के साथ तीसरे दौर की वार्ता करने जा रही है, इससे पहले केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ हुई दो दौर की बातचीत बेनतीजा रही थी, क्योंकि पार्टी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ी हुई है, जिसे वह “गैर-समझौता योग्य” बता चुकी है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को जंतर मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे छात्रों से मुलाकात की और उनका समर्थन किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में गांधी ने कहा कि छात्रों की तीन “गैर-समझौता योग्य” मांगें हैं, जिनमें पहली मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की है, जिन्हें उन्होंने भ्रष्ट, अक्षम और पद के लिए अयोग्य बताया।  CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने बताया कि उन्हें टाइफाइड होने का पता चला है, लेकिन उन्होंने साफ किया कि जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, आंदोलन जारी रहेगा। पार्टी ने पुलिस कार्रवाई के शिकार लोगों के समर्थन में रविवार को कैंडल मार्च निकालने की घोषणा की है। बिहार के कम से कम तीन जिलों में रविवार को पथराव की खबरें सामने आईं, जहां प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। राजद प्रमुख लालू यादव के बड़े बेटे और जेजेडी प्रमुख तेज प्रताप यादव को भी प्रदर्शन में शामिल होने पर हिरासत में लिया गया।

दिल्ली मेट्रो के 18 स्टेशन बंद
प्रदर्शन के मद्देनज़र केंद्रीय दिल्ली के 18 मेट्रो स्टेशन आज बंद रहे। बुधवार से 16 स्टेशन पहले ही बंद थे, जबकि झंडेवालान और नई दिल्ली स्टेशन को बाद में बंद किया गया।

NTA में बड़ी कार्रवाई, 47 अधिकारी बर्खास्त
NEET पेपर लीक को लेकर देशभर में हो रहे विरोध के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में बड़ा फेरबदल करते हुए 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में सरकारी प्रतिनिधिमंडल की CJP नेताओं से मुलाकात के कुछ घंटों बाद हुई।

महिला प्रदर्शनकारियों को शौचालय-पानी की किल्लत
जंतर मंतर पर डेरा डाले महिला प्रदर्शनकारियों के लिए साफ शौचालय तक पहुंच सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। पानी की आपूर्ति ठप होने और आसपास के शौचालयों तक पहुंच मुश्किल होने से महिलाओं और स्वयंसेवी डॉक्टरों को बुनियादी जरूरतें पूरी करने में भी दिक्कत हो रही है। बेंगलुरु से आई प्रदर्शनकारी हरीशमा ने बताया कि शौचालय की सुविधा न होने के कारण उन्हें बार-बार हॉस्टल लौटना पड़ता है।

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