CJP अभियान का असर, जयपुर के जर्जर रामपुरा-कंवरपुरा स्कूल पर चला बुलडोजर, 18 लाख से बनेगी नई इमारत

जयपुर, राजस्थान की राजधानी जयपुर से करीब 20 किलोमीटर दूर बगरू विधानसभा क्षेत्र के रामपुरा-कंवरपुरा (कमरपुरा) गांव स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय की लंबे समय से जर्जर और असुरक्षित इमारत को आखिरकार ध्वस्त कर दिया गया है। 2 सितंबर 2026 को बुधवार को जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में बुलडोजर की मदद से पुरानी इमारत को जमींदोज किया गया। इसके बाद उसी स्थान पर नए स्कूल भवन के निर्माण की राह खुल गई है।

स्कूल की इमारत को सितंबर 2025 में तकनीकी सर्वेक्षण के बाद जर्जर और असुरक्षित घोषित कर दिया गया था, जिसके बाद से इसका उपयोग बंद था। इमारत वर्ष 1985 या 1999 के आसपास बनी बताई जाती है। उसके बाद बच्चे पहले भैंसों के तबेले जैसी जगह पर और बाद में अस्थायी रूप से एक ग्रामीण के मकान या परचून की दुकान जैसी छोटी जगह में पढ़ाई करने को मजबूर थे। स्कूल में करीब 18 से 26 छात्र और दो शिक्षक हैं।

शिक्षा विभाग के सीबीईओ (सांगानेर) सीताराम गुप्ता ने बताया था कि जर्जर इमारत को गिराने के लिए अलग से बजट नहीं मिलता। ध्वस्तीकरण का खर्च स्थानीय स्कूल के शिक्षकों को ही वहन करना पड़ रहा है। पंचायत समिति द्वारा ठेकेदार को वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। राज्य सरकार ने नए भवन के लिए कुल 18 लाख रुपये की मंजूरी दी है। इसमें जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) से 12 लाख रुपये और विधायक निधि से 6 लाख रुपये शामिल हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से पहले 1 सितंबर से निर्माण शुरू होने की घोषणा की गई थी।

CJP के दौरे और विवाद के बाद सुर्खियां

यह स्कूल 21 अगस्त 2026 को सुर्खियों में आया था जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की टीम अपने ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत स्कूल की स्थिति का जायजा लेने पहुंची। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता/सह-संयोजक आशुतोष रंका के नेतृत्व वाली टीम पर गांव में हमला हुआ। टीम के सदस्यों पर पत्थर फेंके गए, महिलाओं पर हमला हुआ और वाहनों की खिड़कियां तोड़ी गईं। रंका समेत कई कार्यकर्ता घायल हुए। इस घटना के बाद मामला राजनीतिक रूप से गरमा गया और दोनों पक्षों की ओर से शिकायतें दर्ज हुईं। CJP ने इस घटना के बाद राज्य सरकार को अल्टीमेटम दिया था और शिक्षा व्यवस्था की खामियों को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी थी। आशुतोष रंका ने बाद में कहा कि रामपुरा का यही स्कूल भैंसों के तबेले में चल रहा था। उन्होंने ध्वस्तीकरण और निर्माण शुरू होने को अभियान की जीत बताया। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान हमले हुए लेकिन बच्चों के लिए अच्छा स्कूल बनने पर वह सब सार्थक होगा।

बच्चों की पढ़ाई और आगे की राह

इमारत गिराने से पहले बच्चों को अस्थायी व्यवस्था में शिफ्ट किया गया था। प्रशासन का दावा है कि नए भवन का निर्माण जल्द पूरा होने के बाद छात्र सुरक्षित और बेहतर माहौल में पढ़ सकेंगे। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कुछ महीनों में नई इमारत तैयार हो जाएगी। यह मामला राजस्थान में सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति और जर्जर भवनों के मुद्दे को फिर से रेखांकित करता है। CJP के अभियान ने इस स्कूल को राष्ट्रीय चर्चा में ला दिया, जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई तेज की। अब इंतजार है कि निर्माण समय पर पूरा हो और गांव के बच्चों को स्थायी और सुरक्षित शिक्षा सुविधा मिले।

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