जेवर अब ‘जंगलराज’ नहीं, ‘मंगलराज’ का प्रतीक: सीएम योगी ने किया 8,200 करोड़ के सोलर प्लांट का शिलान्यास, गौतमबुद्ध नगर को मिली 15 हजार करोड़ की औद्योगिक सौगात

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) और गाजियाबाद के अपने दौरे के दौरान जेवर क्षेत्र को बड़ी औद्योगिक सौगात दी। दोपहर करीब 12:35 बजे जेवर एयरपोर्ट पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास किया, जिनमें सबसे प्रमुख रही एसएईएल (SAEL) इंडस्ट्रीज की इंटीग्रेटेड सोलर मैन्युफैक्चरिंग परियोजना। जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने जेवर के बदलते स्वरूप को रेखांकित करते हुए कहा कि जो क्षेत्र वर्ष 2017 से पहले अराजकता और ‘जंगलराज’ के लिए जाना जाता था, वह आज विकास और ‘मंगलराज’ का प्रतीक बनकर पूरे देश के सामने एक मॉडल के रूप में उभर रहा है।

8,200 करोड़ का सोलर मैन्युफैक्चरिंग हब

सेक्टर-8 स्थित सेल प्लांट परिसर में आयोजित शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने एसएईएल सोलर पी6 प्राइवेट लिमिटेड (एसएईएल इंडस्ट्रीज की सहायक कंपनी) के अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड सोलर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का शिलान्यास किया। इस परियोजना पर कुल 8,200 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। यीडा ने इसके लिए सेक्टर-8 में लगभग 200 एकड़ भूमि आवंटित की है। परियोजना के तहत 5 गीगावॉट क्षमता की सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग लाइन और 5 गीगावॉट क्षमता की सोलर मॉड्यूल (पैनल) उत्पादन लाइन स्थापित की जा रही है। इसमें उच्च दक्षता वाली ‘एन-टाइप टॉपकॉन’ (टनल ऑक्साइड पैसिवेटेड कॉन्टैक्ट) तकनीक का उपयोग होगा, जो वर्तमान में सौर सेल निर्माण की सबसे आधुनिक तकनीकों में शुमार है। इस संयंत्र के पूरी तरह चालू होने के बाद एसएईएल की कुल सोलर मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़कर 8.5 गीगावॉट हो जाएगी और क्षेत्र में 4,250 से अधिक नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों के अनुसार यह प्लांट देश की सौर ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करेगा और सोलर उपकरणों के लिए विदेशों, विशेष रूप से चीन पर निर्भरता को काफी हद तक कम करेगा। यह परियोजना केंद्र सरकार की एएलएमएम (अप्रूव्ड लिस्ट ऑफ मॉडल्स एंड मैन्युफैक्चरर्स) नीति और उत्तर प्रदेश की सौर ऊर्जा नीति-2022 के लक्ष्यों के अनुरूप है, और ‘आत्मनिर्भर भारत’ तथा ‘विकसित भारत @2047’ के विज़न को भी आगे बढ़ाती है।

इलेक्ट्रॉनिक्स क्लस्टर और 15 हजार करोड़ की तीन परियोजनाएं

सोलर प्लांट के अलावा मुख्यमंत्री ने सेक्टर-10 स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी-2.0) में दो और बड़ी औद्योगिक इकाइयों का शिलान्यास किया। एम्बर एंटरप्राइजेज इंडिया लिमिटेड सेक्टर-8 में लगभग 100 एकड़ भूमि पर 3,532 करोड़ रुपये के निवेश से इकाई स्थापित करेगी, जहां पीसीबी असेंबली, कंप्यूटर इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू उपकरणों का उत्पादन होगा। इसके साथ ही एसेंट के. सर्किट प्राइवेट लिमिटेड सेक्टर-10 में फ्लेक्सिबल पीसीबी, एचडीआई पीसीबी और सेमीकंडक्टर सब्सट्रेट्स की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाएगी, जो भारत के सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता अभियान को मजबूती देगी। अधिकारियों के मुताबिक इन तीन औद्योगिक परियोजनाओं—सोलर प्लांट, एम्बर और एसेंट—में कुल मिलाकर करीब 15,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा, जिससे क्षेत्र में लगभग 10,000 रोजगार सृजित होने का अनुमान है।

नए प्रशासनिक भवन का लोकार्पण, 69 परियोजनाओं की सौगात

दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने नोएडा प्राधिकरण के नवनिर्मित प्रशासनिक भवन का भी लोकार्पण किया, जिसके निर्माण पर लगभग 390 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने क्षेत्र में 2,478 करोड़ रुपये की लागत वाली 69 अन्य विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया, जो स्थानीय बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगी।

प्रदेश सरकार की रिन्यूएबल एनर्जी पर बढ़ती पकड़

यह परियोजना ऐसे समय आई है जब उत्तर प्रदेश रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में देशभर में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित हो रहा है। हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत प्रदेश में अब तक 6.2 लाख से अधिक घरों में सोलर रूफटॉप स्थापित किए जा चुके हैं, और मई 2026 तक प्रतिदिन की इंस्टॉलेशन दर लगभग 2,100 तक पहुंच गई है, जो देश में सबसे तेज मानी जा रही है। विश्लेषकों का मानना है कि एसएईएल की यह परियोजना तथा यीडा क्षेत्र में लग रहे इलेक्ट्रॉनिक्स व सेमीकंडक्टर संयंत्र मिलकर जेवर-यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र को आने वाले वर्षों में देश के सबसे बड़े ग्रीन एनर्जी और हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित कर सकते हैं, जिससे प्रदेश में निवेश, रोजगार और तकनीकी आत्मनिर्भरता को नई गति मिलेगी।

यह भी पढ़ें: श्रेयस अय्यर की टी20 कप्तानी डेब्यू पर आयरलैंड ने रच दिया इतिहास,  भारत को 34 रन से करारी शिकस्त, चौथे भारतीय कप्तान का अनचाहा रिकॉर्ड 

यहां से शेयर करें