Iran-US War: तेहरान/वाशिंगटन, मध्य पूर्व में ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर तीव्र हमलों का विचार कर रहे हैं। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ये हमले इस सप्ताहांत शुरू हो सकते हैं, हालांकि योजनाएं अभी बदल भी सकती हैं।
सूत्रों की रिपोर्ट के अनुसार, दो अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि ऊर्जा ठिकानों पर हमले की योजना अच्छी तरह से तैयार है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पहले ईरान के खिलाफ दो सप्ताह के हवाई अभियान की योजना बनाई थी, लेकिन प्रशासन के कुछ अधिकारी छोटे लेकिन अधिक तीव्र हमलों को वार्ता आगे बढ़ाने के लिए बेहतर मानते हैं। इन संभावित हमलों पर इजरायली अधिकारियों से भी चर्चा हुई है, लेकिन इजरायल की सीधी भागीदारी स्पष्ट नहीं है। ईरान ने पहले ही चेतावनी दी है कि उसके ऊर्जा ठिकानों पर हमले की स्थिति में वह इजरायली लक्ष्यों और मध्य पूर्व में अमेरिकी ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर जवाबी हमला करेगा। व्हाइट हाउस प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा, “ईरान तब तक कीमत चुकाता रहेगा जब तक वह राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार सार्थक तरीके से बातचीत की मेज पर नहीं आता।”
होर्मुज जलडमरूमध्य में दो घटनाएं
शनिवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में दो महत्वपूर्ण घटनाएं हुईं। ब्रिटिश मैरिटाइम सेफ्टी एजेंसी (यूकेएमटीओ) के अनुसार, पहली घटना ओमान के खसाब से 21 समुद्री मील उत्तर-पूर्व में हुई, जहां एक टैंकर के मास्टर ने जहाज के पास बड़े विस्फोट और छप-छप की आवाज बताई। जहाज को कोई नुकसान नहीं हुआ।
दूसरी और अधिक गंभीर घटना ओमान के लीमा से 11 समुद्री मील उत्तर-पूर्व में हुई। एक टैंकर पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ, जिससे इंजन रूम क्षतिग्रस्त हो गया। जहाज अब नियंत्रण में नहीं है और क्षेत्रीय कोस्ट गार्ड को सूचित कर दिया गया है। कोई हताहत या पर्यावरणीय प्रभाव रिपोर्ट नहीं किया गया है। यूकेएमटीओ ने जहाजों को सावधानी से गुजरने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट करने की सलाह दी है। इससे पहले ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया था कि उसने होर्मुज से गुजरने की कोशिश कर रहे दो तेल टैंकरों पर हमला किया और उन्हें रोका। होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व के लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस आपूर्ति का महत्वपूर्ण मार्ग है, जिस पर नियंत्रण को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच प्रतिस्पर्धी दावे जारी हैं। अमेरिका जोर देकर कह रहा है कि जलडमरूमध्य खुला है, जबकि ईरान उस पर नियंत्रण और सख्त उपायों की बात कर रहा है।
कुवैत में ईरानी ड्रोन इंटरसेप्ट
शनिवार को कुवैत के हवाई क्षेत्र में ईरानी ड्रोन इंटरसेप्ट किए गए। कुवैत रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल सऊद अब्दुलअजीज अल-ओतैबी ने बयान में कहा कि कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन इंटरसेप्शन से गिरा मलबा सरकारी सुविधा और बुबियान द्वीप पर नागरिक वाहनों को नुकसान पहुंचा। अधिकारियों ने ड्रोन की संख्या का खुलासा नहीं किया।
ईरानी राष्ट्रपति का बयान
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने शनिवार को एक्स पर पोस्ट किया कि ईरान का भविष्य उसके लोगों द्वारा आकार दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “इन सभी कठिन दिनों में असली नायक लोग ही रहे। ईरान का भविष्य ईरान के लोगों द्वारा तय होगा।” उन्होंने 2024 में अपने शपथ ग्रहण समारोह में हमास नेता इस्माइल हानिये की हत्या का भी जिक्र किया।
पृष्ठभूमि
फरवरी 2026 में राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के खिलाफ “बड़े पैमाने पर लड़ाकू अभियान” की घोषणा की थी, जिसमें अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों में सैन्य, सरकारी और बुनियादी ढांचे के ठिकानों को निशाना बनाया गया। जून में दोनों देशों के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए समझौता ज्ञापन पर आधारित वार्ता शुरू हुई थी, लेकिन दोनों पक्षों के बीच हमले जारी रहे हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य मुख्य संघर्ष बिंदु बना हुआ है। खाड़ी देश संभावित अमेरिकी-इजरायली हमलों और जवाबी कार्रवाई की आशंका में अलर्ट पर हैं। वैश्विक तेल बाजार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर इस तनाव का असर जारी है। दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक प्रयास भी चल रहे हैं, लेकिन सैन्य गतिविधियां और हमले अभी थमने का नाम नहीं ले रहे। स्थिति लगातार बदल रही है और आगे की घटनाओं पर नजर रखना जरूरी है।
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