Greater Noida Pitbull Attack: महिला पर जानलेवा हमला, हाथ 15 मिनट जबड़े में फंसा, पार्क में डॉग एंट्री बैन

Greater Noida Pitbull Attack: ग्रेटर नोएडा के सेक्टर डेल्टा-1 स्थित बी-ब्लॉक पार्क में रविवार सुबह (2 अगस्त 2026) पिटबुल कुत्ते के हमले ने पूरे इलाके को दहला दिया। मॉर्निंग वॉक के दौरान अपने पालतू कुत्ते को टहला रही महिला गीता पर दूसरे व्यक्ति के पिटबुल ने अचानक हमला कर दिया। पिटबुल ने महिला के बाएं हाथ को मजबूती से जबड़े में जकड़ लिया और करीब 10 से 15 मिनट तक नहीं छोड़ा। महिला दर्द से चीखती रही, जबकि मौके पर मौजूद लोगों ने डंडों और अन्य तरीकों से कुत्ते को हटाने की लगातार कोशिश की।

आरडब्ल्यूए अध्यक्ष प्रमोद भाटी के अनुसार, महिला गीता अपने पालतू कुत्ते के साथ पार्क में टहल रही थीं। इसी दौरान बी ब्लॉक निवासी वरुण कुमार अपने पिटबुल को लेकर पहुंचे। दोनों कुत्ते आमने-सामने आ गए और आक्रामक हो गए। गीता ने बीच-बचाव कर कुत्तों को अलग करने की कोशिश की, लेकिन पिटबुल ने अचानक उन पर हमला कर दिया और बायां हाथ जबड़े में दबोच लिया। लगभग 15 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद ही महिला को पिटबुल के चंगुल से छुड़ाया जा सका। घायल महिला को तुरंत ग्रीन सिटी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने हाथ का ऑपरेशन कर करीब 12 टांके लगाए। महिला की बेटी शिवानी के अनुसार, उनकी मां आईसीयू में भर्ती हैं। चिकित्सकों के मुताबिक महिला खतरे से बाहर हैं, लेकिन हाथ में गंभीर चोटें आई हैं और पूरी तरह ठीक होने में समय लगेगा।

इलाके में दहशत, पार्क आने से डर रहे लोग
घटना के बाद डेल्टा-1 सेक्टर में भय का माहौल है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पार्क में रोजाना बड़ी संख्या में छोटे बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सुबह-शाम टहलने आते हैं। खतरनाक नस्ल के कुत्तों को बिना पर्याप्त सुरक्षा के सार्वजनिक पार्कों में घुमाने से भविष्य में और बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने सार्वजनिक स्थानों पर पालतू कुत्तों के लिए सख्त नियम और खतरनाक नस्लों को मजबूत पट्टे व सुरक्षा उपायों के बिना लाने पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

पार्कों में कुत्तों की एंट्री पर रोक, 1000 रुपये जुर्माना
घटना के बाद रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) ने सेक्टर के सभी पार्कों में पालतू कुत्तों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। पार्क के प्रवेश द्वारों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जा रहे हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों, यानी बिना मजल (मुंह की जाली) के कुत्ते घुमाने वालों पर 1000 रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। जबरदस्ती करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। निगरानी बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

दोनों पक्षों में समझौता, कोई पुलिस शिकायत नहीं
आरडब्ल्यूए अध्यक्ष प्रमोद भाटी ने बताया कि दोनों पक्ष डॉग लवर हैं और एक-दूसरे को पहले से जानते हैं। घटना के बाद दोनों परिवारों के बीच समझौता हो गया। पिटबुल के मालिक पक्ष ने इलाज में सहयोग करने की बात कही, इसलिए घायल महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने से इनकार कर दिया। फिलहाल कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई है।

खतरनाक नस्लों पर फिर उठे सवाल
गौतमबुद्ध नगर प्रशासन पहले ही 23 खतरनाक नस्लों के कुत्तों के प्रजनन और बिक्री पर प्रतिबंध लगा चुका है। इनमें पिटबुल टेरियर, रॉटवीलर, अमेरिकन स्टैफोर्डशायर टेरियर, डोगो अर्जेंटीनो, अमेरिकन बुलडॉग समेत कई नस्लें शामिल हैं। इसके बावजूद सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी लगातार हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ प्रतिबंध पर्याप्त नहीं। पालतू पशु मालिकों की जिम्मेदारी तय करना, नियमित प्रशिक्षण, मजबूत नियंत्रण और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराना भी जरूरी है।

स्थानीय लोगों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और प्रशासन से मांग की है कि सार्वजनिक पार्कों में खतरनाक नस्ल के कुत्तों के प्रवेश को नियंत्रित करने के लिए स्पष्ट नीति बनाई जाए और लापरवाही बरतने वाले मालिकों पर कड़ी कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में किसी मासूम, महिला या बुजुर्ग को ऐसे जानलेवा हमले का सामना न करना पड़े। यह घटना एक बार फिर चेतावनी है कि सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन न कराने पर ऐसे हादसे और गंभीर रूप ले सकते हैं। नागरिकों का कहना है कि पार्क मनोरंजन और स्वास्थ्य के लिए होते हैं, न कि डर और असुरक्षा का कारण बनने के लिए।

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