Greater Noida: आंधी में पांच मंजिला निर्माणाधीन इमारत की दीवार गिरी, भाजपा नेता का दो मंजिला मकान ध्वस्त — दो महिलाएं घायल, 30 लाख का नुकसान

रबूपुरा (Greater Noida)। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के रबूपुरा थाना अंतर्गत मोहल्ला आजाद नगर में मंगलवार की रात तेज आंधी के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। एक निर्माणाधीन पांच मंजिला इमारत की दीवार टूटकर पड़ोस में स्थित भाजपा नेता के दो मंजिला मकान पर जा गिरी, जिससे पूरा मकान तहस-नहस हो गया। इस हादसे में दो महिलाएं घायल हुई हैं और करीब 30 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।

कैसे हुआ हादसा

मोहल्ला आजाद नगर निवासी जितेंद्र उर्फ जीतू, जिन्हें स्थानीय लोग ‘टावर वाले जीतू’ के नाम से जानते हैं, अपने मकान का निर्माण कार्य करा रहे थे। यह निर्माणाधीन इमारत पांच मंजिला बताई जा रही है। मंगलवार की रात जब इलाके में तेज आंधी आई तो इस निर्माणाधीन इमारत की एक दीवार का बड़ा हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा। यह मलबा सीधे बगल में बने भाजपा नेता शमशेर खान और उनके भाई शमशुद्दीन के दो मंजिला मकान पर जा गिरा, जिससे पूरा मकान ध्वस्त हो गया।

दो महिलाएं घायल, परिवार बाल-बाल बचा

हादसे के वक्त मकान में परिवार के कुछ सदस्य मौजूद थे। दीवार गिरने से दो महिलाएं घायल हो गईं, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। बताया जा रहा है कि रात का वक्त होने और आंधी के चलते घर में लोगों के सो जाने से एक बड़ा हादसा टल गया, वरना जनहानि की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता था।

30 लाख के नुकसान का अनुमान, तहरीर दर्ज

भाजपा नेता शमशेर खान ने बताया कि इस हादसे में उनके मकान को करीब 30 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। मकान पूरी तरह ध्वस्त हो जाने से परिवार सड़क पर आ गया है। शमशेर खान ने रबूपुरा थाने में तहरीर देकर निर्माणाधीन मकान के मालिक जितेंद्र उर्फ जीतू के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

लापरवाही पर उठ रहे सवाल

इस हादसे ने क्षेत्र में निर्माण कार्यों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि पांच मंजिला इमारत का निर्माण बिना मानक सुरक्षा उपायों के किया जा रहा था, जिसकी वजह से आंधी जैसी सामान्य मौसमी घटना में भी दीवार ढह गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में बड़ी संख्या में इसी तरह की लापरवाही से निर्माण हो रहे हैं, जो किसी भी वक्त बड़े हादसे को न्योता दे सकते हैं। फिलहाल पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। यमुना प्राधिकरण से भी निर्माण की वैधता और अनुमति की जांच की मांग उठ रही है।

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