New Delhi news दिल्ली पुलिस की विशेष पहल ‘आॅपरेशन विश्वास’ के तहत बरामद किए गए 12,600 चोरी और गुम हुए मोबाइल फोन मंगलवार को उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे गए। दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस स्थित मल्टी-पर्पज हॉल में आयोजित कार्यक्रम में दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरणजीत सिंह संधू ने लोगों को मोबाइल फोन लौटाए। इस अवसर पर पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा समेत दिल्ली पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी, आरडब्ल्यूए और एमडब्ल्यूए प्रतिनिधि मौजूद रहे।
कार्यक्रम में दिल्ली के विभिन्न जिलों से आए हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और वर्चुअल माध्यम से उनके मोबाइल फोन सौंपे गए। उपराज्यपाल ने दिल्ली पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि किसी नागरिक के चेहरे पर लौटती मुस्कान और व्यवस्था पर बढ़ता विश्वास ही इस अभियान की वास्तविक सफलता है। उन्होंने कहा कि एक साथ पूरे दिल्ली में 12,600 मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को लौटाना दिल्ली पुलिस की बड़ी परिचालन उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि यह अभियान अपराधियों के लिए स्पष्ट संदेश है कि तकनीक आधारित पुलिसिंग के दौर में अब अपराध कर बच निकलना आसान नहीं होगा। दिल्ली पुलिस नागरिक केंद्रित पुलिसिंग, नई तकनीकों के इस्तेमाल और सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।


दिल्ली पुलिस के अनुसार पिछले दो-तीन महीनों से राजधानी के सभी थानों में विशेष टीमें सीईआईआर पोर्टल की मदद से चोरी और गुम मोबाइल फोन की तलाश में जुटी थीं। पुलिसकर्मियों ने देश के विभिन्न राज्यों में जाकर मोबाइल फोन बरामद किए।
पुलिसकर्मियों की मेहनत और समर्पण की सराहना की
पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा ने अपने संबोधन में बताया कि दिल्ली पुलिस ने पिछले 45 दिनों में 19 हजार से अधिक मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके चलते वर्ष 2026 में चोरी और गुम मोबाइल फोन की रिकवरी दर बढ़कर 74 प्रतिशत हो गई है, जबकि यह दर वर्ष 2025 में 12 प्रतिशत और 2024 में मात्र 5 प्रतिशत थी।
उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस का उद्देश्य केवल शिकायत दर्ज करना नहीं, बल्कि शिकायत पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए चोरी हुए सामान को बरामद कर लोगों तक पहुंचाना है। उन्होंने मोबाइल फोन बरामद करने में जुटे पुलिसकर्मियों की मेहनत और समर्पण की भी सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों ने अपने मोबाइल गुम होने और वापस मिलने के अनुभव साझा किए तथा संबंधित पुलिसकर्मियों का आभार जताया।
ट्रैफिक नियमों से जुड़ी सुरक्षा पुस्तिका की जारी
इस मौके पर उपराज्यपाल ने सड़क सुरक्षा जागरूकता के लिए तैयार की गई ट्रैफिक प्रदर्शनी वैन का उद्घाटन किया और ट्रैफिक नियमों से जुड़ी सुरक्षा पुस्तिका भी जारी की। साथ ही दिल्ली पुलिस के इतिहास पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई। कार्यक्रम में सीईआईआर पोर्टल की कार्यप्रणाली और मोबाइल बरामदगी की प्रक्रिया को स्क्रीन पर प्रदर्शित किया गया।
सीईआईआर पोर्टल क्या है?
केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर पोर्टल के माध्यम से चोरी या गुम मोबाइल फोन को ब्लॉक और ट्रैक किया जाता है। इससे मोबाइल की लोकेशन और उपयोग की जानकारी जुटाकर पुलिस बरामदगी करती है।\



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