नोएडा में जनगणना ड्यूटी से गायब 1200 कर्मचारियों को अंतिम चेतावनी, 20 मई तक रिपोर्ट न करने पर दर्ज होगी FIR

नोएडा। राष्ट्रीय महत्व के कार्य ‘स्वगणना और जनगणना’ के प्रशिक्षण से नदारद रहने वाले सरकारी कर्मचारियों पर प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। ड्यूटी से गायब चल रहे करीब 1200 प्रगणकों (Enumerators) और सुपरवाइजरों को अंतिम नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि इन कर्मचारियों ने 20 मई तक अपने कार्य आदेश (Work Orders) प्राप्त कर ड्यूटी जॉइन नहीं की, तो उनके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम और संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई जाएगी।

3500 में से 1200 कर्मचारी प्रशिक्षण से गायब

नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी और जनगणना के लिए नियुक्त किए गए भारसाधन अधिकारी इंदु प्रकाश सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए यह सख्त कदम उठाया है।

अधिकारी इंदु प्रकाश सिंह ने बताया कि अलग-अलग चरणों में जनगणना और स्वगणना के सुचारू संचालन के लिए नोएडा प्राधिकरण, शिक्षा विभाग और अन्य सरकारी विभागों के करीब 3500 कर्मचारियों को प्रशिक्षण (Training) के लिए भेजा गया था। बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और लापरवाही का विषय है कि इनमें से करीब 1200 कर्मचारी प्रशिक्षण सत्रों से अनुपस्थित रहे। ड्यूटी से नदारद रहने वालों में बड़ी संख्या में प्रगणक और सुपरवाइजर शामिल हैं, जिन्हें पहले भी नोटिस जारी कर सचेत किया गया था, लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया।

क्यों जरूरी है 20 मई की समयसीमा?

जनगणना जैसे संवेदनशील और समयबद्ध कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जा सकती। प्रशासन ने अब इन सभी लापरवाह कर्मचारियों को अंतिम अवसर दिया है।

मुख्य बिंदु:

  • अंतिम तिथि: 20 मई तक हर हाल में कार्य आदेश प्राप्त करना अनिवार्य है।
  • कार्यवाही: समयसीमा बीतने के बाद बिना किसी पूर्व सूचना के सीधे कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
  • असर: ड्यूटी जॉइन न करने पर एफआईआर दर्ज होने के साथ-साथ सेवा पुस्तिका (Service Book) में प्रतिकूल प्रविष्टि भी दर्ज हो सकती है।

प्रशासन की अपील: सहयोग करें कर्मचारी

भारसाधन अधिकारी ने सभी विभागों के प्रमुखों को भी पत्र लिखकर निर्देशित किया है कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को तत्काल कार्यमुक्त करें ताकि वे जनगणना के राष्ट्रीय कार्य को समय से पूरा कर सकें। उन्होंने साफ किया कि राष्ट्रीय गणना में बाधा डालना एक गंभीर कानूनी अपराध है, इसलिए कर्मचारी किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए तय समय के भीतर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं।

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