YEIDA: यमुना विकास प्राधिकरण। यमुना विकास प्राधिकरण द्वारा जमीन अधिग्रहण का उचित मुआवजा न मिलने से नाराज किसानों ने मंगलवार को बैठक कर महापंचायत बुलाने का ऐलान किया। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब प्राधिकरण के सेक्टर-10 में एस्कॉर्ट कोबोटा कंपनी के शिलान्यास की तैयारियां जोरों पर हैं। किसानों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक उचित मुआवजा नहीं मिलता, जमीन भी नहीं दी जाएगी।
सुधीर त्यागी के नेतृत्व में किसानों ने भरी हुंकार
किसान नेता सुधीर त्यागी के नेतृत्व में मंगलवार को हुई बैठक में बड़ी संख्या में किसान एकजुट हुए। इस दौरान यमुना प्राधिकरण के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई और प्राधिकरण के तानाशाही व उदासीन रवैये की कड़ी निंदा की गई। किसानों ने एकस्वर में कहा कि जब तक 154 एकड़ जमीन का उचित मुआवजा नहीं दिया जाता और उनकी मुख्य मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
154 एकड़ जमीन का मुआवजा बना विवाद की जड़
यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-10 (मकसूदपुर) में प्रस्तावित एस्कॉर्ट कोबोटा कंपनी के लिए अधिग्रहित की गई 154 एकड़ जमीन को लेकर किसानों में भारी आक्रोश है। किसानों का आरोप है कि प्राधिकरण ने जमीन तो ले ली, लेकिन उचित मुआवजा देने में आनाकानी की जा रही है। इसी नाराजगी के चलते किसान अब खुलकर मैदान में उतर आए हैं।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का भी विरोध करने का ऐलान
किसानों ने न केवल महापंचायत बुलाने का फैसला किया, बल्कि एस्कॉर्ट कोबोटा के शिलान्यास से जुड़े मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का भी विरोध करने की चेतावनी दी है। यह ऐलान प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है, क्योंकि शिलान्यास एक बड़े औद्योगिक निवेश से जुड़ा है।
प्राधिकरण की चुप्पी से बढ़ रहा आक्रोश
किसानों का कहना है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद यमुना प्राधिकरण की ओर से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला। प्राधिकरण की इस उदासीनता ने किसानों के गुस्से को और भड़का दिया है। अब किसान महापंचायत के जरिए अपनी एकजुटता का प्रदर्शन कर प्राधिकरण पर दबाव बनाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
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