दीपशिखा शर्मा हत्याकांड: गाजियाबाद के नंदग्राम क्षेत्र स्थित राजनगर एक्सटेंशन की ओरा कायमेरा सोसाइटी में दिसंबर 2025 में फ्लैट मालकिन दीपशिखा शर्मा की निर्मम हत्या के मुख्य आरोपी जय गुप्ता की जेल में मौत हो गई है। जय गुप्ता लंबे समय से किडनी समेत गंभीर बीमारियों से पीड़ित था और नियमित डायलिसिस पर था। मंगलवार रात उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने पर उसे मेरठ मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसे दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल रेफर किया गया। बुधवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
घटना की पृष्ठभूमि:
17 दिसंबर 2025 की रात करीब 9 बजे दीपशिखा शर्मा किराया मांगने अपने फ्लैट में गई थीं। किरायेदार दंपती जय गुप्ता और उनकी पत्नी आकृति गुप्ता से विवाद हो गया। आरोपी दंपती ने पहले चुन्नी से दीपशिखा का गला दबाया और फिर कुकर से सिर पर वार कर उनकी हत्या कर दी। शव को लाल सूटकेस में भरकर बेड के बॉक्स में छिपा दिया गया। घर लौटने पर मेड की शंका पर शव बरामद हुआ और दंपती गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों ने पुलिस के सामने जुर्म कबूल भी किया था। जय गुप्ता (35) ट्रांसपोर्ट बिजनेस से जुड़ा बताया जाता था, जबकि आकृति गुप्ता (33) भी हत्या के मामले में जेल में बंद है। मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है।
ताजा अपडेट (26 मार्च 2026):
जेल अधीक्षक सीताराम शर्मा ने बताया कि जेल प्रशासन ने जय गुप्ता का पूरा इलाज सुनिश्चित किया था। उसे हर सप्ताह डायलिसिस कराया जाता था। स्वास्थ्य बिगड़ने पर तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया और बेहतर इलाज के लिए दिल्ली रेफर किया गया, लेकिन वह बच नहीं सका।
अभी तक परिवार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पुलिस और जेल प्रशासन ने कहा है कि मौत प्राकृतिक कारणों (बीमारी) से हुई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। यह घटना किराया विवाद को लेकर बढ़ती हिंसा और जेल में बंदियों के स्वास्थ्य प्रबंधन पर सवाल उठाती है। गाजियाबाद पुलिस ने दिसंबर 2025 में मामले की तेज जांच की थी और दंपती को गिरफ्तार कर लिया था।
नोट: जय गुप्ता की मौत से हत्याकांड की सुनवाई पर क्या असर पड़ेगा, यह कोर्ट तय करेगा। आकृति गुप्ता पर मुकदमा जारी रहेगा। अभी तक कोई और नया आधिकारिक विकास सामने नहीं आया है। यदि पोस्टमॉर्टम या परिवार का बयान जारी होता है तो अपडेट किया जाएगा।

