10-12 साल से फरार दंपती गिरफ्तार

अदालत ने चेक बाउंस मामले में घोषित थे उद्घोषित अपराधी
New Delhi news  दिल्ली पुलिस की द्वारका जिला पुलिस की एंटी-जेल बेल एवं उद्घोषित अपराधी (पीओ) सेल ने करीब 10-12 वर्षों से फरार चल रहे एक दंपती को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी चेक बाउंस (एनआई एक्ट की धारा 138) के मामलों में अदालत द्वारा उद्घोषित अपराधी घोषित किए गए थे और लगातार अपने ठिकाने बदलकर गिरफ्तारी से बच रहे थे।
द्वारका जिले के डीसीपी के निर्देश पर उद्घोषित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में एसीपी आॅपरेशन सुभाष मलिक के पर्यवेक्षण तथा इंस्पेक्टर हरीश कुमार के नेतृत्व में गठित टीम, जिसमें हेड कांस्टेबल राहुल, महिला हेड कांस्टेबल पूनम, कांस्टेबल रोहित और कांस्टेबल अंकुर शामिल थे, ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
पुलिस को 18 जून 2026 को गुप्त सूचना मिली कि पति-पत्नी का एक दंपती, जिसे द्वारका कोर्ट ने लगभग 10 से 12 वर्ष पहले उद्घोषित अपराधी घोषित किया था, गाजियाबाद के राजेंद्र नगर स्थित एक अपार्टमेंट में रह रहा है और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने पते बदल रहा है।
पुलिस टीम ने सूचना के आधार परयोजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की और पहचान की पुष्टि करने के बाद दोनों आरोपियों को राजेंद्र नगर स्थित अपार्टमेंट से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उन्हें बीएनएसएस की धारा 35.1(डी) के तहत गिरफ्तार किया गया।
आरोपियों में 50 वर्षीय रमेश चंद तंवर शामिल है, जिसे वर्ष 2014 में द्वारका कोर्ट ने एनआई एक्ट की धारा 138 के एक मामले में उद्घोषित अपराधी घोषित किया था। वहीं उसकी 45 वर्षीय पत्नी को वर्ष 2015 में इसी प्रकार के चेक बाउंस मामले में अदालत ने उद्घोषित अपराधी घोषित किया था।
लंबे समय से फरार दोनों आरोपी लगातार बदल रहे थे ठिकाने
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी लंबे समय से फरार थे और लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे। उनकी गिरफ्तारी के साथ वर्षों से लंबित न्यायिक कार्रवाई को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है।

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