CJP Parliament March: नई दिल्ली, संसद के मानसून सत्र की पूर्व संध्या पर राजधानी दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने Cockroach Janata Party (CJP) द्वारा 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं दी है और बिना अनुमति किसी भी प्रदर्शन या जुलूस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी जारी की है। वहीं, लद्दाख के प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने को तैयार दिख रहे हैं, बशर्ते राजनीतिक नेता उनसे मिलकर शिक्षा सुधार के मुद्दे को संसद में उठाने का आश्वासन दें। दिल्ली पुलिस के अनुसार, नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 के तहत पांच या अधिक लोगों के जुटने पर रोक लगाई गई है। केवल जंतर-मंतर पर पूर्व अनुमति के साथ ही प्रदर्शन की इजाजत है। संसद सत्र को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। किसी भी उल्लंघन पर BNS की धारा 223 सहित अन्य प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज होगा। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनधिकृत सभाओं से दूर रहें।
सोनम वांगचुक का अनशन: पत्नी गीतांजलि अंगमो का बड़ा अपडेट
सोनम वांगचुक, जो CJP के आंदोलन में शामिल होकर 28 जून से अनशन पर थे, की सेहत बिगड़ने के बाद उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो ने PTI को बताया कि यदि राजनीतिक नेता वांगचुक से मिलते हैं और मानसून सत्र में शिक्षा व्यवस्था की जवाबदेही सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाते हैं, तो वे सोमवार 20 जुलाई को अनशन समाप्त कर सकते हैं। गीतांजलि ने पहले दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर पति को प्राइवेट अस्पताल शिफ्ट करने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। वांगचुक अस्पताल में भी अनशन जारी रखे हुए हैं। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की और मार्च को आगे बढ़ाने का संकल्प जताया। आंदोलन NEET और अन्य परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, छात्र आत्महत्याओं तथा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहा है। वांगचुक ने पहले मार्च को “आजादी का दूसरा आंदोलन” बताया था।
पृष्ठभूमि और व्यापक संदर्भ
CJP का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन 20 जून से चल रहा है। वांगचुक 28 जून को इसमें शामिल हुए और अनशन शुरू किया। उनके अनशन के दौरान वजन में 7-9 किलो की कमी, ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल में गिरावट दर्ज की गई। पुलिस ने 18 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों और कोर्ट निर्देशों के आधार पर उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जिसके दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों के साथ झड़प की खबरें आईं। आंदोलनकारियों का कहना है कि सरकार ने कोई संवाद नहीं किया, जबकि विपक्ष ने भी मुद्दे को उठाया है। कई प्रमुख व्यक्तियों ने स्वास्थ्य कारणों से अनशन समाप्त करने की अपील की, लेकिन वांगचुक और समर्थक अडिग हैं।
क्या होगा 20 जुलाई को?
20 जुलाई को संसद का मानसून सत्र शुरू होने जा रहा है। CJP मार्च को शांतिपूर्ण रखने पर जोर दे रहा है, जबकि पुलिस ने सख्ती का संदेश दिया है। गीतांजलि अंगमो ने कहा है कि आंदोलन जारी रहेगा और प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ेगी। यह आंदोलन सिर्फ NEET पेपर लीक तक सीमित नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार, छात्रों की सुरक्षा और जवाबदेही की व्यापक मांग उठा रहा है। दिल्ली पुलिस और प्रशासन की सतर्कता के बीच राजधानी में तनावपूर्ण माहौल है। पुलिस बयानों और संबंधित पक्षों के बयानों पर आधारित है। आगे की घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है।

